ओमान इस प्रक्रिया में मुख्य वार्ताकार बना हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि जलडमरूमध्य को लेकर तेहरान और मस्कट के बीच बातचीत “अंतिम चरण” में है । दोनों देशों ने जलमार्ग के संचालन को लेकर अलग-अलग प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है। ईरान ने ओमान की संयुक्त निगरानी वाली योजना को खारिज कर अपना प्रस्ताव रखा है ।
कतर भी बातचीत को समन्वित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। जून में कतर के प्रधानमंत्री ने मस्कट की यात्रा कर ईरान, इराक और खाड़ी देशों को शामिल करने वाली व्यापक वार्ता का रास्ता तैयार किया था । जून के अंत में कतर ने दोहा में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग बैठकें कराईं । 4 अगस्त को कतर ने कहा कि तनाव कम करने की व्यवस्था को लेकर मसौदा भाषा दोनों पक्षों के बीच चल रही है ।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से जलडमरूमध्य खोलने पर सहमति के लिए कई बार समयसीमा तय कर चुके हैं और उसे आगे भी बढ़ाते रहे हैं। मौजूदा समयसीमा 5 अगस्त की रात 8 बजे तक समझौता अंतिम रूप देने की बताई गई है ।
ट्रंप ने चेतावनियों का स्तर भी बढ़ाया है। Truth Social पर एक तीखे संदेश में उन्होंने समयसीमा पूरी न होने पर ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और पुलों को नष्ट करने की धमकी दी । उन्होंने यह भी कहा कि वह “एक रात में ईरान को खत्म” कर सकते हैं । इसके अलावा, जलडमरूमध्य में ईरानी हमले में किसी जहाज को नुकसान पहुंचने पर एक पुल या बिजली संयंत्र को निशाना बनाने की धमकी भी दी गई है ।
बातचीत में प्रगति के संकेतों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) करीब 75 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया और दो कारोबारी सत्रों में 10% से अधिक गिरा। ब्रेंट क्रूड भी तीन सप्ताह से अधिक समय में पहली बार 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बंद हुआ ।
4 अगस्त को अकेले तेल की कीमतों में लगभग 5% की गिरावट आई। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और कतर के अधिकारियों के बयानों से बाजार में यह उम्मीद मजबूत हुई कि जलडमरूमध्य के रास्ते तेल आपूर्ति फिर शुरू हो सकती है ।
यह गिरावट इस अनुमान को दर्शाती है कि होरमुज़ को दोबारा खोलने से वैश्विक तेल परिवहन का लगभग 20% हिस्सा सामान्य हो सकता है और संकट के दौरान बनी आपूर्ति-जोखिम की अतिरिक्त कीमत कम हो सकती है ।
होरमुज़ जलडमरूमध्य फरवरी 2026 के अंत से बड़े पैमाने पर अवरुद्ध है। यह स्थिति उस समय बनी जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ हवाई युद्ध शुरू किया । अप्रैल में हुआ अस्थायी युद्धविराम बाद में फिर शुरू हुई शत्रुता के बीच टूट गया। जुलाई में ट्रंप ने उस अंतरिम समझौते को “समाप्त” घोषित कर दिया था ।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 4 अगस्त को कहा कि अमेरिका ईरान-ओमान वार्ता में शामिल है और समझौता मंगलवार रात या बुधवार तक हो सकता है । कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच लगातार संपर्क बनाए हुए हैं ।
हालांकि, ईरान की सार्वजनिक संदेशबाजी अब भी बंटी हुई है। विदेश मंत्री अराघची ओमान के साथ बातचीत को अंतिम चरण में बता रहे हैं, जबकि अन्य ईरानी अधिकारी कह चुके हैं कि जलडमरूमध्य “कभी भी युद्ध से पहले की स्थिति में वापस नहीं लौटेगा” । ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने अस्थायी नौवहन योजना को अभी औपचारिक मंजूरी नहीं दी है ।
अनिश्चितता इस वजह से भी बनी हुई है कि 4 अगस्त को जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमला हुआ । यदि समयसीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो नागरिक बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी हवाई हमलों की ट्रंप की धमकियां संकट को और गंभीर बना सकती हैं।