इस फैसले का तुर्किये में तत्काल असर पड़ा। सरकार ने BYD को मिली आयात-कर छूट रोक दी, जबकि कंपनी की मासिक बिक्री जनवरी के 3,866 वाहनों से गिरकर मई 2026 में सिर्फ 152 वाहनों पर आ गई ।
BYD ने 2024 में मनीसा में लगभग 16 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैक्ट्री बनाने की योजना घोषित की थी। प्लांट की शुरुआती वार्षिक क्षमता 1.5 लाख वाहनों की होनी थी । परियोजना से करीब 5,000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की उम्मीद भी जताई गई थी । लेकिन जमीन आवंटित होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हुआ।
BYD के फैसले के पीछे मुख्य वजह पूंजी और लॉजिस्टिक्स को यूरोप में उत्पादन बढ़ाने की ओर मोड़ना है । स्टेला ली ने Reuters से कहा कि “अभी हंगरी नंबर एक प्राथमिकता है” और इसके बाद कंपनी यूरोप में दूसरे उत्पादन केंद्र की तलाश करेगी ।
रणनीतिक गणित साफ है: तुर्किये में फैक्ट्री लगाने से BYD को यूरोपीय संघ के भीतर उत्पादन का वही सीधा लाभ नहीं मिलता, जो किसी EU सदस्य देश में प्लांट होने पर मिलता है । इसलिए कंपनी ने मनीसा परियोजना को तत्काल प्राथमिकता वाली योजना के बजाय लंबित विकल्प की तरह देखना शुरू कर दिया है।
तुर्किये के उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 2026 की शुरुआत से BYD को दी जा रही आयात-कर छूट निलंबित कर दी । यह छूट चीन से आयातित वाहनों पर लगने वाले 40% अतिरिक्त सीमा शुल्क से संबंधित थी । मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, निवेश में लंबे समय से प्रगति न होने के कारण प्रोत्साहन रोक दिए गए ।
उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्री मेहमत फातिह काजिर ने सांसदों से कहा कि यदि परियोजना औपचारिक रूप से रद्द होती है, तो सरकार पहले दिए गए निवेश प्रोत्साहनों को ब्याज समेत वापस लेने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी । मनीसा के संगठित औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री के लिए आवंटित 16 लाख वर्ग मीटर जमीन भी वापस ली जा सकती है ।
इस विवाद के बीच विश्व व्यापार संगठन के एक विवाद पैनल ने जुलाई 2026 के अंत में तुर्किये के चीनी EV पर लगाए गए 40% अधिभार और संबंधित आयात प्रतिबंधों के कुछ हिस्सों को वैश्विक व्यापार नियमों के खिलाफ बताया । इससे चीनी EV पर तुर्किये की समग्र शुल्क नीति और जटिल हो गई है।
कर छूट हटने के बाद BYD की कारें तुर्किये के बाजार में काफी महंगी हो गईं। इससे उनकी कीमत संबंधी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त कमजोर हुई और स्थानीय बिक्री में “महत्वपूर्ण गिरावट” आई ।
आंकड़े इस झटके की गंभीरता दिखाते हैं:
यानी जनवरी से मई के बीच मासिक बिक्री लगभग 96% गिर गई। यह गिरावट उस बाजार में हुई, जहां BYD ने 2025 में मजबूत बिक्री दर्ज की थी।
BYD के हंगरी स्थित सेगेद प्लांट में 2026 की चौथी तिमाही में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है—हालांकि यह मूल योजना से करीब एक वर्ष पीछे है ।
हंगरी में वाहन बनाने से BYD को EU के एकल बाजार तक टैरिफ-मुक्त पहुंच मिल सकती है और चीन में निर्मित EV पर यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए अतिरिक्त शुल्क से बचने में मदद मिलेगी । इसके विपरीत, तुर्किये का EU के साथ औद्योगिक वस्तुओं के लिए कस्टम्स यूनियन संबंध है, लेकिन वह EU सदस्य देश नहीं है। इसलिए ऑटोमोबाइल उत्पादन और पूरे EU बाजार तक पहुंच के लिहाज से हंगरी अधिक सीधा आधार प्रदान करता है ।
BYD अब दक्षिणी यूरोप में किसी मौजूदा फैक्ट्री को अपने नियंत्रण में लेने की संभावना भी तलाश रही है । इससे नई फैक्ट्री शून्य से बनाने की तुलना में उत्पादन शुरू करने की रफ्तार बढ़ सकती है और कंपनी यूरोपीय स्थानीय-उत्पादन नियमों के लिए बेहतर स्थिति बना सकती है।
BYD-तुर्किये विवाद के बाद चीन और तुर्किये के संबंधों पर दबाव बढ़ने की खबरें आई हैं । हालांकि उपलब्ध स्रोतों में इस खास मामले से जोड़कर चीनी सरकार द्वारा समर्थक मीडिया में भुगतान आधारित कवरेज कराने या पत्रकारों को शिनजियांग की सभी-खर्च वहन यात्रा पर भेजने की पुष्टि नहीं मिलती।
इसलिए ऐसे दावों को स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टिंग फिलहाल निवेश विवाद, कर प्रोत्साहनों और दोनों देशों के बीच संभावित राजनयिक तनाव तक ही सीमित है।
BYD का वैश्विक विस्तार केवल तुर्किये में ही अनिश्चितता का सामना नहीं कर रहा। मलेशिया के तंजुंग मालिम में प्रस्तावित 1.3 अरब मलेशियाई रिंगिट यानी लगभग 28 करोड़ डॉलर की असेंबली फैक्ट्री भी मंत्रालय की शर्तों को लेकर अटकी हुई है। BYD को सितंबर 2025 में इस परियोजना के लिए अंतरिम विनिर्माण लाइसेंस मिला था ।
विवाद की मुख्य वजहें हैं:
MITI मंत्री जोहारी अब्दुल गनी का कहना है कि ये शर्तें केवल BYD पर लागू नहीं हैं, बल्कि सितंबर 2025 से सभी नए बड़े पैमाने के CKD यानी Completely Knocked Down असेंबली प्रोजेक्ट पर समान रूप से लागू होती हैं । रिपोर्टों के अनुसार BYD इन शर्तों से सहमत नहीं है और अपनी योजना पर दोबारा विचार कर रही है ।
तुर्किये और मलेशिया के मामले BYD की वैश्विक रणनीति की एक बड़ी चुनौती दिखाते हैं। कंपनी की सफलता लंबे समय तक चीन में बने वाहनों को दूसरे बाजारों में भेजने पर आधारित रही। लेकिन अब कई देश स्थानीय उत्पादन, निर्यात अनुपात, न्यूनतम कीमत और स्थानीय सामग्री से जुड़े नियम कड़े कर रहे हैं।
यूरोपीय संघ के चीनी EV पर अतिरिक्त शुल्क ने BYD को यूरोप के भीतर उत्पादन स्थापित करने के लिए मजबूर किया है। मलेशिया की निर्यात और मूल्य संबंधी शर्तें दिखाती हैं कि स्थानीय सरकारें निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ अपने घरेलू ब्रांड और उद्योग की सुरक्षा भी चाहती हैं। वहीं तुर्किये द्वारा कर प्रोत्साहन वापस लेना यह संकेत देता है कि निवेश समझौते केवल घोषणा से नहीं, बल्कि तय समयसीमा और वास्तविक प्रगति से टिकते हैं।
अब BYD के सामने चुनौती केवल ज्यादा EV बेचना नहीं है। उसे अलग-अलग देशों के शुल्क, स्थानीयकरण नियम, राजनीतिक अपेक्षाओं और निवेश प्रतिबद्धताओं के बीच ऐसा उत्पादन नेटवर्क बनाना होगा जो व्यावसायिक रूप से भी टिकाऊ हो।