क्वांटम इंटरनेट की ओर बड़ा कदम: चीनी वैज्ञानिकों ने 420 किमी फाइबर ऑप्टिक केबल पर क्वांटम मेमोरी को उलझाकर रिकॉर्ड तोड़ा
यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑफ चाइना (USTC) की टीम ने 420 किमी ऑप्टिकल फाइबर पर दो रुबिडियम क्वांटम मेमोरी (एलिस और बॉब) के बीच क्वांटम एंटैंगलमेंट स्थापित किया, जो 2020 के 50 किमी के रिकॉर्ड से आठ गुना अधिक ह... यह उपलब्धि 'फिजिकल रिव्यू लेटर्स' में जुलाई 2026 में 'एडिटर्स सजेशन' के रूप में प्रकाशित हुई और...
यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑफ चाइना (USTC) की टीम ने 420 किमी ऑप्टिकल फाइबर पर दो रुबिडियम क्वांटम मेमोरी (एलिस और बॉब) के बीच क्वांटम एंटैंगलमेंट स्थापित किया, जो 2020 के 50 किमी के रिकॉर्ड से आठ गुना अधिक ह...
यह उपलब्धि 'फिजिकल रिव्यू लेटर्स' में जुलाई 2026 में 'एडिटर्स सजेशन' के रूप में प्रकाशित हुई और arXiv प्रीप्रिंट सर्वर (2504.05660) पर भी उपलब्ध है [1][2][3]।
प्रयोग में DLCZ सिंगल फोटॉन एंटैंगलमेंट स्कीम का उपयोग किया गया, जिसमें एक केंद्रीय डिटेक्शन नोड 'चार्ली' दोनों मेमोरी से आने वाले फोटॉनों का बेल स्टेट मापन करता है [1][2]।
मुख्य तकनीकी सफलताओं में टेलीकॉम S बैंड में क्वांटम फ्रीक्वेंसी कन्वर्जन, रियल टाइम एक्टिव फाइबर स्टेबिलाइजेशन सिस्टम, और सिंगल फोटॉन DLCZ प्रोटोकॉल शामिल हैं [1][3]।
What key breakthrough in quantum entanglement has a team of Chinese physicists achieved, how did their experiment at the University of ScienArtistic visualization of two quantum memory nodes (Alice and Bob) connected by optical fiber, with a central detection node (Charlie) heralding entanglement. Shown is a stylized representation of the USTC experiment setup. (AI-generated image)
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What key breakthrough in quantum entanglement has a team of Chinese physicists achieved, how did their experiment at the University of Scien. Article summary: A team at the University of Science and Technology of China (USTC), led by Pan Jianwei, Bao Xiaohui, and Zhang Qiang, has achieved entanglement between two cold-atom rubidium quantum memories across **420 km of optical f. Topic tags: general, academic, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, wate
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चीन के वैज्ञानिकों ने क्वांटम संचार के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑफ चाइना (USTC) में पैन जियानवेई, बाओ ज़ियाओहुई और झांग कियांग के नेतृत्व में एक टीम ने दो रुबिडियम-आधारित क्वांटम मेमोरी (जिन्हें 'एलिस' और 'बॉब' नाम दिया गया) को 420 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से आपस में उलझाने (entangle) में सफलता पाई है। यह उनके 2020 के 50 किमी के रिकॉर्ड से आठ गुना अधिक है। यह शोध 'फिजिकल रिव्यू लेटर्स' में जुलाई 2026 में प्रकाशित हुआ ।
प्रयोग कैसे काम करता है?
दो क्वांटम मेमोरी: प्रयोग में दो रुबिडियम परमाणु-समूह क्वांटम मेमोरी (एलिस और बॉब) को स्पूल की गई ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया ।
केंद्रीय नोड: एक केंद्रीय डिटेक्शन नोड, जिसे 'चार्ली' कहा गया, दोनों मेमोरी से आने वाले फोटॉनों पर बेल-स्टेट मापन करता है। जब यह सफल होता है, तो एलिस और बॉब के बीच एंटैंगलमेंट स्थापित हो जाता है ।
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"क्वांटम इंटरनेट की ओर बड़ा कदम: चीनी वैज्ञानिकों ने 420 किमी फाइबर ऑप्टिक केबल पर क्वांटम मेमोरी को उलझाकर रिकॉर्ड तोड़ा" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑफ चाइना (USTC) की टीम ने 420 किमी ऑप्टिकल फाइबर पर दो रुबिडियम क्वांटम मेमोरी (एलिस और बॉब) के बीच क्वांटम एंटैंगलमेंट स्थापित किया, जो 2020 के 50 किमी के रिकॉर्ड से आठ गुना अधिक ह...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑफ चाइना (USTC) की टीम ने 420 किमी ऑप्टिकल फाइबर पर दो रुबिडियम क्वांटम मेमोरी (एलिस और बॉब) के बीच क्वांटम एंटैंगलमेंट स्थापित किया, जो 2020 के 50 किमी के रिकॉर्ड से आठ गुना अधिक ह... यह उपलब्धि 'फिजिकल रिव्यू लेटर्स' में जुलाई 2026 में 'एडिटर्स सजेशन' के रूप में प्रकाशित हुई और arXiv प्रीप्रिंट सर्वर (2504.05660) पर भी उपलब्ध है [1][2][3]।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
प्रयोग में DLCZ सिंगल फोटॉन एंटैंगलमेंट स्कीम का उपयोग किया गया, जिसमें एक केंद्रीय डिटेक्शन नोड 'चार्ली' दोनों मेमोरी से आने वाले फोटॉनों का बेल स्टेट मापन करता है [1][2]।
DLCZ प्रोटोकॉल: टीम ने DLCZ (डुआन-लुकिन-सिराक-ज़ोलर) सिंगल-फोटॉन एंटैंगलमेंट योजना का उपयोग किया, जो एक उत्सर्जित फोटॉन का पता लगाकर संभाव्य रूप से एंटैंगलमेंट उत्पन्न करती है ।
तीन प्रमुख तकनीकी प्रगति
टेलीकम्युनिकेशंस-बैंड वेवलेंथ कन्वर्जन: रुबिडियम मेमोरी से उत्सर्जित फोटॉनों को क्वांटम फ्रीक्वेंसी कन्वर्जन के जरिए टेलीकॉम S-बैंड (लगभग 1.5 μm) में बदल दिया गया, जिससे फाइबर में ट्रांसमिशन लॉस घटकर केवल ~0.17 dB/km रह गया ।
एक्टिव फाइबर स्टेबिलाइज़ेशन सिस्टम: एक रियल-टाइम फीडबैक सिस्टम ने लंबी फाइबर लिंक में चरण उतार-चढ़ाव (phase fluctuations) की भरपाई की, जिससे पूरे 420 किमी पथ पर इंटरफेरेंस विजिबिलिटी बनी रही ।
सिंगल-फोटॉन DLCZ प्रोटोकॉल: दो-फोटॉन सहसंबंध (coincidence) पर निर्भर रहने के बजाय, इस योजना में प्रत्येक मेमोरी नोड से एक एकल फोटॉन का पता लगाना शामिल है, जिसने लंबी दूरी पर एंटैंगलमेंट जनरेशन दर में नाटकीय रूप से सुधार किया ।
PLOB बाउंड को पार करना
PLOB बाउंड (पिरांडोला-लॉरेंज़ा-ओटावियानी-बांची) वह मौलिक सीमा है जो बिना क्वांटम रिपीटर के एक नुकसानदेह चैनल पर एंटैंगलमेंट वितरण की अधिकतम दर निर्धारित करती है ।
टीम ने प्रदर्शित किया कि उनकी मेमोरी-मेमोरी एंटैंगलिंग प्रायिकता लगभग 230–320 किमी से अधिक की दूरी पर PLOB बाउंड से अधिक थी । इसका मतलब है कि मेमोरी-सहायता प्राप्त क्वांटम नेटवर्क उस क्रॉसओवर दूरी से परे किसी भी सीधे फाइबर लिंक की तुलना में अधिक एंटैंगलमेंट दर प्राप्त कर सकता है। यह क्वांटम मेमोरी को रिपीटर नोड के रूप में उपयोग करने के लाभ को साबित करता है ।
भविष्य के क्वांटम इंटरनेट के लिए महत्व
यह पहला प्रायोगिक प्रदर्शन है कि एक मेमोरी-आधारित क्वांटम नेटवर्क रिपीटर रहित सीमा को मात दे सकता है, जो क्वांटम रिपीटर आर्किटेक्चर की एक प्रमुख अवधारणा को मान्य करता है ।
यह मेट्रोपॉलिटन-स्केल (दसियों किमी) से इंटरसिटी-स्केल (सैकड़ों किमी) क्वांटम नेटवर्क की ओर एक छलांग है, जो दर्शाता है कि संग्रहीत क्वांटम जानकारी को शहरों को जोड़ने वाली दूरियों पर विश्वसनीय रूप से उलझाया जा सकता है ।
यह कार्य स्केलेबल, मेमोरी-आधारित क्वांटम रिपीटर्स के निर्माण की व्यावहारिक नींव रखता है, जो एक दिन वैश्विक क्वांटम इंटरनेट की रीढ़ बन सकते हैं। इससे लंबी दूरी की क्वांटम की वितरण, वितरित क्वांटम कंप्यूटिंग और सुरक्षित क्वांटम संचार संभव हो सकेगा ।
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End-to-end capacities of a quantum communication network - Communications Physics