अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर से नीचे रहा। तेल की गिरती कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को कम किया, जिसके चलते फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें कम हो गईं ।
फेड ब्याज दर की उम्मीदें कम हुईं। बाजार ने संभावित होर्मुज सौदे को डिफ्लेशनरी (मुद्रास्फीति विरोधी) बताया - कम ऊर्जा लागत से और अधिक सख्ती की आवश्यकता कम होगी, जिससे निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो जाएगी ।
अंतरिम समझौता पहले से ही दबाव में था। अगस्त की शुरुआत तक, जून का युद्ध विराम समझौता (ceasefire memorandum) अमेरिका-ईरान के बीच नई शत्रुता और होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही के अधिकारों को लेकर विवादों के कारण बुरी तरह प्रभावित हो चुका था । अगस्त वार्ता से पहले, जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमला हुआ, जिसने रेखांकित किया कि स्थिति अभी भी अस्थिर है और एक स्थायी शांति अभी दूर है ।
"न युद्ध, न शांति" का जोखिम। बीबीसी की संवाददाता लीस डूसे (Lyse Doucet) ने सौदे के बाद की स्थिति को एक नाजुक "न युद्ध, न शांति" वाली गतिशीलता बताया, जिसमें चेतावनी दी गई कि यह संघर्ष विराम आसानी से फिर से खुले युद्ध में बदल सकता है ।
टैंकर यातायात बहाली पर संदेह। रॉयटर्स ने कहा कि यह नाजुक शांति "भविष्य में होने वाली झड़पों को नहीं रोक सकती", जिससे इस बात पर संदेह पैदा हो गया है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग (चोकपॉइंट) से टैंकरों का यातायात कितनी जल्दी और पूरी तरह से शुरू हो सकेगा ।
प्रतिस्पर्धी व्याख्याएं। अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार उभरती व्यवस्था की विरोधाभासी व्याख्याएं पेश कर रहे थे, जलडमरूमध्य के प्रवेश और निकास मार्गों पर नियंत्रण को लेकर अलग-अलग बातें कह रहे थे। यह असहमति का एक मूलभूत मुद्दा है जो कार्यान्वयन को पटरी से उतार सकता है ।
पिछली विफलताएं एक मिसाल के रूप में। विश्लेषकों ने याद दिलाया कि जून 2026 का शांति समझौता कुछ ही हफ्तों में टूट चुका था, और राष्ट्रपति ट्रंप ने ड्रोन और रॉकेट हमलों के बीच इसे "खत्म" घोषित कर दिया था । इस ट्रैक रिकॉर्ड ने आशावाद के इस नए दौर को जश्न मनाने के बजाय सतर्क बना दिया।
5 अगस्त को बाजार में आई तेजी होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होने की संभावना पर वास्तविक राहत को दर्शाती है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के लगभग एक-पांचवें कच्चे तेल और एलएनजी का आवागमन इसी जलमार्ग से होता था । हालांकि, वाशिंगटन और तेहरान के बीच अंतर्निहित राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद अनसुलझे रहे, जिससे यह युद्ध विराम अचानक टूटने का खतरा बना हुआ है। निवेशकों के लिए, यह कारोबारी सत्र एक अनुस्मारक था कि भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम तेजी से घट सकता है - लेकिन उतनी ही तेजी से वापस भी आ सकता है।