यह कदम नेवादा के Senate Bill 444 के बाद आया है। मई 2025 में हस्ताक्षरित इस कानून के तहत राज्य के हर सरकारी स्कूल जिले को कक्षा के दौरान छात्रों के वायरलेस संचार उपकरणों के इस्तेमाल पर सख्त नीतियां बनानी हैं . कार्सन सिटी की नीति पहनने योग्य कैमरों को स्पष्ट रूप से निशाना बनाकर इस व्यवस्था से आगे जाती है।
यूरोप में स्मार्ट ग्लासेस 2026 के डेटा-प्राइवेसी एजेंडे का अहम मुद्दा बन गए हैं। यूरोपीय डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड (EDPB)—यानी यूरोप के डेटा सुरक्षा प्राधिकरणों के समन्वयकारी निकाय—और राष्ट्रीय नियामक यह देख रहे हैं कि इन उपकरणों का इस्तेमाल GDPR के तहत सहमति, पारदर्शिता और ‘privacy by design’ यानी शुरुआत से ही निजता-सुरक्षित डिजाइन की शर्तों पर खरा उतरता है या नहीं .
यूरोपीय संसद के सदस्यों ने यूरोपीय आयोग से ठोस कार्रवाई की मांग की है। मुख्य समस्या यह है कि कैमरे के सामने आने वाले राहगीरों, ग्राहकों या अन्य लोगों के पास रिकॉर्डिंग को रोकने या अपने डेटा के इस्तेमाल पर आपत्ति जताने का व्यावहारिक तरीका अक्सर नहीं होता .
ऑस्ट्रेलिया में Kmart के Anko ब्रांड के ‘camera glasses’ ने इस बहस को आम उपभोक्ता बाजार के बीच ला दिया। A$89 कीमत वाले इन चश्मों में 8 मेगापिक्सल कैमरा है, जो 1080p वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है; उत्पाद विवरण में AI इमेज रिकग्निशन जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है .
अगस्त 2026 की शुरुआत तक ये चश्मे Kmart के स्टोरों और ऑनलाइन—दोनों जगह बिक चुके थे . डिजिटल अधिकार विशेषज्ञों ने इन्हें ‘privacy nightmare’ बताया और चेताया कि लोग बिना जानकारी या सहमति के रिकॉर्ड किए जा सकते हैं .
इस उत्पाद को लेकर चिंता की दो बड़ी वजहें हैं:
यानी एक ही कंपनी से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाएं सामने आती हैं: बायोमेट्रिक डेटा के इस्तेमाल पर नियामकीय कार्रवाई, लेकिन आम लोगों को पहनकर रिकॉर्ड करने वाले सस्ते कैमरा चश्मों के लिए सीमित स्पष्टता।
7 जुलाई 2026 को Meta ने Ray-Ban smart glasses के लिए अनिवार्य firmware अपडेट जारी किया। अब यदि सिस्टम यह पहचानता है कि निजता संकेतक LED को ढका गया है, उसमें छेड़छाड़ की गई है या वह तोड़ दी गई है, तो कैमरा पूरी तरह बंद हो जाता है .
यह बदलाव उन तरीकों को रोकने के लिए है जिनमें कुछ उपयोगकर्ता LED पर टेप या स्टिकर लगाकर, या हार्डवेयर में बदलाव करके, बिना स्पष्ट संकेत के रिकॉर्डिंग करने की कोशिश कर रहे थे .
फिर भी आलोचना खत्म नहीं हुई:
स्मार्ट ग्लासेस की बहस में सबसे बड़ा बदलाव कीमत का गिरना है। A$89 का Anko मॉडल दिखाता है कि कैमरा-युक्त पहनने योग्य उपकरण अब केवल महंगे शुरुआती उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रहे . जैसे-जैसे ये चश्मे आम बाजार में पहुंचते हैं, किसी सार्वजनिक जगह पर मौजूद हर व्यक्ति संभावित रूप से रिकॉर्ड किए जाने के जोखिम में आ सकता है।
फिलहाल नियामकीय प्रतिक्रिया काफी हद तक घटना के बाद की कार्रवाई जैसी दिखती है—कहीं स्कूल प्रतिबंध लगा रहे हैं, कहीं यूरोपीय देश संभावित बैन पर विचार कर रहे हैं और कहीं कारोबार तथा सार्वजनिक स्थल अपने-अपने नियम बना रहे हैं। बाजार में उत्पाद आने से पहले अनिवार्य निजता प्रमाणन की कोई वैश्विक व्यवस्था नहीं है।
दुनिया भर में स्मार्ट ग्लासेस के लिए रिकॉर्डिंग संकेतक, डेटा कितने समय तक रखा जा सकता है, चेहरे या अन्य बायोमेट्रिक जानकारी के लिए सहमति कैसे ली जाए और आसपास के लोगों को अपने अधिकार कैसे मिलें—इन मुद्दों पर कोई एक अंतरराष्ट्रीय मानक नहीं है।
यही इस तकनीक का केंद्रीय तनाव है: निर्माता रोजमर्रा के चश्मों में हमेशा उपलब्ध कैमरा और AI जोड़ना चाहते हैं, जबकि पारंपरिक कैमरों और फोन के लिए बने कानून ऐसे उपकरणों की लगातार, लगभग अदृश्य रिकॉर्डिंग क्षमता के साथ तालमेल बैठाने में संघर्ष कर रहे हैं।