लेग्रोस ने Apple में रहते हुए उत्पादों की डिलीवरी, विकास की समय-सारिणी और अलग-अलग इंजीनियरिंग टीमों के बीच तालमेल की जिम्मेदारियां संभाली थीं । नई भूमिका में वह उपाध्यक्ष के तौर पर काम करेंगी, अलग-अलग हार्डवेयर टीमों के बीच समन्वय बढ़ाएंगी और सीधे टर्नस को रिपोर्ट करेंगी ।
इस नियुक्ति का पूरा आधिकारिक पदनाम अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी भूमिका का एक अहम हिस्सा विभागों के बीच बेहतर सहयोग सुनिश्चित करना और टीमों को अलग-अलग “साइलो” में काम करने से रोकना होगा ।
रिटायर हो चुके इतने वरिष्ठ अधिकारी को वापस लाना Apple में दुर्लभ कदम माना जा रहा है । इससे यह संकेत मिलता है कि टर्नस नए दौर की शुरुआत करते हुए कंपनी के पुराने संस्थागत अनुभव और भरोसेमंद नेतृत्व को भी साथ रखना चाहते हैं।
CEO पद संभालने से पहले टर्नस अपनी मुख्य executive team को आकार दे रहे हैं। ऐसे समय में हर नई नियुक्ति और भूमिका में बदलाव पर कंपनी के भीतर और बाहर बारीकी से नजर रखी जा रही है । लेग्रोस की वापसी इस प्रक्रिया का अब तक का सबसे प्रमुख कदम है।
टिम कुक का Apple में बने रहना भी इस संक्रमण को अपेक्षाकृत स्थिर बनाएगा। Apple के अनुसार, कुक executive chairman के रूप में बोर्ड के साथ रहेंगे और कंपनी को अपना संस्थागत अनुभव देते रहेंगे । गर्मियों के दौरान वह टर्नस के साथ मिलकर जिम्मेदारियों के हस्तांतरण पर काम करेंगे ।
टर्नस 2001 में Apple से जुड़े थे और पेशे से mechanical engineer हैं। हार्डवेयर इंजीनियरिंग में लंबे अनुभव के कारण उन्हें अक्सर “product guy” के रूप में देखा जाता है—यानी ऐसा नेता जिसकी प्राथमिकता उत्पाद और उसे सफलतापूर्वक बाजार तक पहुंचाना है ।
टर्नस के सामने सबसे बड़ी चुनौती artificial intelligence यानी AI है। 2025 में Apple की AI प्रगति को लेकर व्यापक आलोचना हुई और generative AI के एकीकरण में वह Microsoft और Google जैसे प्रतिस्पर्धियों से पीछे दिखाई दिया । CNBC ने Apple की AI रणनीति को सुधारना टर्नस की “defining challenge” यानी उनके कार्यकाल की सबसे निर्णायक चुनौती बताया है ।
निवेशकों की चिंता Apple के शेयर प्रदर्शन में भी दिखाई दी। अप्रैल 2026 के अंत तक Apple का शेयर साल की शुरुआत की तुलना में करीब 2% नीचे था, जबकि Nasdaq Composite लगभग 6.8% चढ़ चुका था। विश्लेषकों ने इस कमजोर प्रदर्शन को आंशिक रूप से Apple की AI दिशा को लेकर बनी अनिश्चितता से जोड़ा ।
टर्नस के लिए सवाल केवल यह नहीं होगा कि Apple AI फीचर्स कब पेश करता है। उन्हें यह भी तय करना होगा कि कंपनी अपने पारंपरिक उत्पाद-केंद्रित मॉडल और तेज AI नवाचार के बीच संतुलन कैसे बनाएगी। उपलब्ध रिपोर्टों में AI को उनके कार्यकाल की केंद्रीय प्राथमिकताओं में से एक बताया गया है ।
लेग्रोस की वापसी ऐसे समय हुई है जब Apple के हार्डवेयर संगठन से कई वरिष्ठ लोग जा चुके हैं। उनका अनुभव और कंपनी की आंतरिक कार्यप्रणाली की समझ टर्नस को इंजीनियरिंग पाइपलाइन और विभागों के बीच तालमेल मजबूत करने में मदद कर सकती है ।
टर्नस ऐसे Apple की कमान संभालेंगे जो अपनी 50वीं वर्षगांठ के करीब है। उन्हें कुक के दौर की operational excellence बनाए रखते हुए अधिक product-focused नेतृत्व शैली विकसित करनी होगी । यह अंदर से चुना गया उत्तराधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि टर्नस पर कंपनी को अगली विकास-कहानी देने का दबाव रहेगा।
Apple को जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों वाली सप्लाई चेन और AI की बढ़ती मांग से पैदा हुई memory costs का भी सामना करना होगा । इसलिए टर्नस का शुरुआती कार्यकाल केवल नए उत्पादों और AI पर नहीं, बल्कि लागत, उत्पादन और वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था पर भी निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, लेग्रोस की वापसी टर्नस की तैयारी का एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों तरह का कदम है। यह Apple के हार्डवेयर अनुभव को फिर से सक्रिय करने की कोशिश दिखाती है, जबकि कंपनी का असली अग्निपरीक्षा AI में अपनी स्थिति सुधारने और कुक के बाद भी नवाचार की गति बनाए रखने में होगी।