अबक़ैक सुविधा – 27 जुलाई को हूती-संबद्ध ड्रोनों ने दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल प्रसंस्करण संयंत्र अबक़ैक को निशाना बनाया, जो वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 7% संसाधित करता है । नासा के FIRMS उपग्रह सिस्टम ने वहां बड़ी आग की गतिविधि का पता लगाया
। सउदी अरब ने आरोप लगाया कि ये ड्रोन इराक से लॉन्च किए गए थे, जिनमें से कुछ हूती विद्रोहियों के साथ समन्वय में थे
। अबक़ैक के परिचालन में व्यवधान की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन विश्लेषकों ने महत्वपूर्ण क्षति की सूचना दी
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यानबू लक्ष्य – हूतियों ने हमलों की इसी लहर में लाल सागर तट पर स्थित सउदी अरामको की यानबू सुविधाओं पर भी हमले का दावा किया ।
28-29 जुलाई को अमेरिका और सउदी अरब ने पूर्वी इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों के खिलाफ संयुक्त सटीक हमले किए । अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि ये हमले "ईरान-संबद्ध आतंकवादियों" के खिलाफ थे, जिन्हें IRGC द्वारा अमेरिकी बलों और सउदी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने का निर्देश दिया गया था
। सउदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि यह ऑपरेशन "अमेरिकी सेंट्रल कमांड के समन्वय" में किया गया था
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इन हमलों के कुछ घंटों बाद, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिका ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया ।
ईरान ने जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में कई बढ़ती धमकियां जारी कीं:
क्षेत्रीय युद्ध का विस्तार – ये घटनाएं 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए बड़े ईरान युद्ध का हिस्सा हैं, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरानी परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे । यह संघर्ष अब यमन के हूती विद्रोहियों, इराकी शिया मिलिशिया और कई मोर्चों पर ईरानी बलों को शामिल कर चुका है
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तेल निर्यात मार्गों पर संकट – लाल सागर शिपिंग चोकपॉइंट गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है: हूतियों ने जुलाई के अंत में लाल सागर में दो सउदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया । सउदी अरब ने इराक से लॉन्च किए गए ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया
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कूटनीतिक प्रयास – इराक के प्रधान मंत्री अली अल-ज़ैदी ने अमेरिकी-सउदी हमलों के बाद आपातकालीन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई और इसे "बड़ी गलत गणना" बताया । क्षेत्रीय देशों में पूर्ण पैमाने पर युद्ध की आशंका बढ़ गई है
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अमेरिकी हमले की संभावना – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और हूती विद्रोहियों को "बड़ी सैन्य सजा" देने का वादा किया । अगस्त की शुरुआत तक, रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिका ईरानी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले पर विचार कर रहा है, जिसके बाद ईरान ने क्षेत्रीय ऊर्जा साइटों पर जवाबी कार्रवाई की सबसे स्पष्ट धमकी दी
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