एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग का व्यापक बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। अलग-अलग शोध संस्थानों के अनुमान और बाजार की परिभाषाएं अलग होने के कारण 2026 के लिए इसका आकार लगभग $20 अरब से $28 अरब के बीच बताया गया है । TradeAlgo की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, यह बाजार 2026 में $32.8 अरब से अधिक हो सकता है और 13–15% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है ।
अन्य अनुमानों में Mordor Intelligence ने 2026 के बाजार का आकार $20.23 अरब , जबकि Research and Markets ने $27.17 अरब बताया है । ये अंतर इस बात पर निर्भर करते हैं कि रिपोर्ट में केवल एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग शामिल है या ऑटोमेटेड और AI आधारित प्लेटफॉर्म भी।
एक अन्य अनुमान के मुताबिक, 2025 तक AI संचालित सिस्टम वैश्विक ट्रेडिंग वॉल्यूम का करीब 89% संभाल रहे थे और यह बाजार 2030 तक $35 अरब तक पहुंच सकता है ।
AI ट्रेडिंग के दावों की असली परीक्षा बाजार में होती है, न कि केवल बैकटेस्ट या डेमो में। Bloomberg ने 32 AI ट्रेडिंग मुकाबलों में OpenAI, Anthropic, Google और xAI के फ्रंटियर मॉडल्स को परखा। प्रत्येक मॉडल को $10,000 दिए गए और दो हफ्तों तक अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में ट्रेड करने को कहा गया ।
नतीजा काफी निराशाजनक रहा: सभी पोर्टफोलियो को मिलाकर पूंजी का करीब एक-तिहाई हिस्सा घट गया । 32 परिणामों में AI मॉडल केवल छह बार मुनाफे में रहे ।
मॉडल्स ने जरूरत से ज्यादा ट्रेड किए, समान निर्देश मिलने पर भी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग फैसले लिए और लगातार सकारात्मक रिटर्न देने में विफल रहे । एक मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी मॉडल्स के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर xAI का Grok 4.20 सबसे बेहतर रहा। उसने केवल 158 ट्रेड किए, जबकि उसी प्रॉम्प्ट के तहत Alibaba के Qwen ने 1,418 ट्रेड किए ।
यह तुलना एक अहम बात दिखाती है: बाजार में ज्यादा सक्रिय होना और ज्यादा ट्रेड करना अपने-आप में बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं है। Bloomberg का निष्कर्ष सीधा था—अधिकांश AI ट्रेडिंग बॉट्स पैसा गंवा रहे हैं ।
AI आधारित ट्रेडिंग का जोखिम केवल किसी एक मॉडल के गलत अनुमान तक सीमित नहीं है। अगर बड़ी संख्या में निवेशक समान डेटा, समान मॉडल या समान सिग्नल पर निर्भर करते हैं, तो बाजार में algorithmic herding यानी एल्गोरिदमिक झुंड-व्यवहार पैदा हो सकता है। इसमें अलग-अलग सिस्टम एक ही दिशा में खरीद या बिक्री करने लगते हैं।
यूरोपीय सिस्टमेटिक रिस्क बोर्ड (ESRB)—यूरोप का वह निकाय जो पूरे वित्तीय तंत्र की स्थिरता पर नजर रखता है—ने दिसंबर 2025 की रिपोर्ट में चेताया कि AI की वजह से साझा जोखिम, आपसी जुड़ाव और AI से पैदा गलत सूचना वित्तीय बाजारों में व्यापक गलत मूल्यांकन को जन्म दे सकती है ।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रयोगों में AI एजेंट्स ने अलग-अलग परिस्थितियों में मनुष्यों से अधिक “तर्कसंगत” फैसले लिए। फिर भी अध्ययन ने संकेत दिया कि AI आधारित निवेश सलाह पर बढ़ती निर्भरता बाजार में झुंड-व्यवहार को बढ़ा सकती है । शोध के अनुसार, जब ट्रेडिंग एल्गोरिदम पुराने ट्रेडिंग इतिहास से सीखते हैं, तो वे मानव निवेशकों के पूर्वाग्रहों की नकल कर सकते हैं और कभी-कभी उन्हें और बढ़ा भी सकते हैं ।
एजेंटिक ट्रेडिंग टूल्स ऐसे AI एजेंट्स होते हैं जो केवल विश्लेषण नहीं करते, बल्कि निर्देश मिलने पर अपने-आप ट्रेडिंग कार्रवाई भी कर सकते हैं। जून 2026 में अमेरिकी सांसदों ने ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स को भेजे एक पत्र में इन सेवाओं की जवाबदेही पर सवाल उठाए ।
पत्र के अनुसार, ऐसे प्लेटफॉर्म अपने खुलासों में यह स्पष्ट करते हैं कि वे AI एजेंट के आउटपुट की सटीकता, पूर्णता या निवेशक के लिए उपयुक्तता की गारंटी नहीं देते। वे यह भी कहते हैं कि एजेंटिक ट्रेडिंग में “महत्वपूर्ण जोखिम” है और प्लेटफॉर्म इन एजेंट्स को नियंत्रित, पर्यवेक्षित, मॉनिटर, अनुशंसित या ऑडिट नहीं करते ।
इसका मतलब है कि AI का सुझाव गलत हो, वह किसी निर्देश को गलत समझे या पुरानी और अधूरी जानकारी पर कार्रवाई करे, तो नुकसान का बोझ निवेशक पर आ सकता है।
यूरोपीय सिक्योरिटीज एंड मार्केट्स अथॉरिटी (ESMA) ने मार्च 2025 में भी निवेश के लिए AI के इस्तेमाल पर औपचारिक चेतावनी जारी की थी। उसने रिटेल निवेशकों से कहा कि वे AI टूल्स की सीमाओं को समझे बिना उन पर निर्भर न रहें । अमेरिकी सीनेट की एक रिपोर्ट ने हेज फंड्स द्वारा AI के इस्तेमाल में ग्राहकों को अपर्याप्त जानकारी देने और बाजार स्थिरता पर बढ़ते जोखिमों को लेकर चिंता जताई ।
जुलाई 2026 के एक अध्ययन में AI टूल्स इस्तेमाल करने वाले युवा रिटेल निवेशकों के बीच झुंड-मानसिकता, अति-आत्मविश्वास और confirmation bias यानी अपनी पहले से बनी धारणा को सही साबित करने वाली जानकारी चुनने की प्रवृत्ति देखी गई। अध्ययन में AI पर अधिक भरोसे और कम निवेश अनुशासन के बीच भी संबंध पाया गया ।
एक अन्य शोध में पाया गया कि AI से सलाह लिए गए पोर्टफोलियो में अस्थिर बाजार के दौर में विविधीकरण कम और झुंड-व्यवहार अधिक दिखाई दे सकता है । यानी AI निवेशक को भावनात्मक फैसलों से बचाने में मदद कर सकता है, लेकिन अगर वही टूल हर निवेशक को समान संकेत देता है, तो सामूहिक जोखिम बढ़ सकता है।
ये जोखिम केवल सैद्धांतिक नहीं हैं। जुलाई 2026 के अंत में AI संचालित चर्चित हेज फंड Situational Awareness को अपने निवेशों में भारी झटका लगा। Bloomberg के अनुसार, उसकी पोजीशन बचाने के लिए 24 घंटे तक आपात प्रयास करना पड़ा ।
The Wall Street Journal ने इसी समय “बॉट्स के नियंत्रण से बाहर हो जाने” जैसी घटना का दस्तावेजीकरण किया । Bloomberg ने भी टेक कंपनियों की कमाई से जुड़ी उथल-पुथल के बीच AI हेज फंड्स के संकट और गिरावट की रिपोर्ट की । ये घटनाएं दिखाती हैं कि गलत AI सिफारिशें और एक जैसे ट्रेडिंग फैसले वास्तविक, बड़े पैमाने के नुकसान में बदल सकते हैं।
AI आधारित क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग टूल्स का लोकतंत्रीकरण वास्तविक है। आज एक सामान्य निवेशक सब्सक्रिप्शन लेकर उन क्षमताओं तक पहुंच सकता है, जिन्हें कुछ वर्ष पहले तैयार करने में हेज फंड्स को लाखों डॉलर खर्च करने पड़ते थे ।
लेकिन तकनीक तक पहुंच और लगातार मुनाफा कमाना दो अलग बातें हैं। अब तक के ट्रेडिंग प्रयोगों में प्रमुख AI मॉडल अधिक ट्रेडिंग, असंगत फैसलों और कमजोर रिटर्न से जूझते दिखे हैं। दूसरी ओर, अमेरिका और यूरोप के नियामक सामूहिक जोखिम, गलत सिफारिशों, पारदर्शिता की कमी और जवाबदेहीहीन एजेंटिक ट्रेडिंग को लेकर चेतावनी दे रहे हैं।
AI भविष्य में बेहतर निवेश सहायक बन सकता है, लेकिन फिलहाल इसके दावों और नतीजों के बीच बड़ा अंतर है। निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित रवैया यही है कि AI को एक विश्लेषणात्मक साधन समझें—न कि अचूक सलाहकार।