Goldman Sachs ने अप्रैल 2026 में Hong Kong के बैंकरों को Claude इस्तेमाल करने से रोक दिया। Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, Wall Street बैंक के Hong Kong स्थित कर्मचारियों ने कई सप्ताह पहले ही अपने आंतरिक AI प्लेटफॉर्मों के जरिये Claude मॉडल तक पहुंच खो दी थी । महत्वपूर्ण बात यह है कि OpenAI का ChatGPT और Google का Gemini जैसे अन्य AI मॉडल उपलब्ध रहे। प्रतिबंध विशेष रूप से Anthropic पर केंद्रित था ।
JPMorgan Chase ने जून 2026 में इसी तरह का कदम उठाया। बैंक के Hong Kong कर्मचारियों के लिए उपलब्ध स्वीकृत बड़े भाषा मॉडल यानी large language models (LLMs) की आंतरिक सूची से Claude हटा दिया गया । मामले से परिचित तीन लोगों के अनुसार, यह फैसला Anthropic और बैंक के बीच लाइसेंसिंग समझौते में इस्तेमाल भाषा से प्रभावित था ।
Reuters और Financial Times की रिपोर्टिंग के मुताबिक, Anthropic की लाइसेंसिंग शर्तों में कथित तौर पर “Greater China” को अलग रखा गया है। इसका अर्थ है कि Claude को Hong Kong में आधिकारिक रूप से समर्थित सेवा नहीं माना गया ।
जून 2026 में अमेरिकी सरकार के एक निर्यात नियंत्रण निर्देश के बाद Anthropic को अपने नवीनतम मॉडलों तक विदेशी नागरिकों की पहुंच अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी थी, जिसके चलते वैश्विक स्तर पर भी कुछ समय के लिए पहुंच प्रभावित हुई । इसका असर समान नहीं था: Hong Kong की टीमें वह औजार खो बैठीं, जिसका इस्तेमाल दूसरे देशों में मौजूद उनके सहकर्मी कर सकते थे।
24 जुलाई 2026 को Hong Kong के कारोबारी और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति Bernard Chan ने South China Morning Post में एक लेख प्रकाशित किया। उनका कहना था कि अधिकारी जब AI को “अगली औद्योगिक क्रांति” या “अस्तित्वगत जोखिम” जैसे शब्दों में समझाते हैं, तो इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि AI Hong Kong जैसे शहर के रोजमर्रा के कामकाज को वास्तव में कैसे प्रभावित करता है ।
Chan का मुख्य तर्क है कि अमूर्त भाषा वास्तविक नुकसान को छिपा सकती है। Claude की पहुंच हटना महज किसी कंपनी की छोटी-सी असुविधा नहीं है। यह संकेत है कि AI को तटस्थ डिजिटल बुनियादी ढांचे के बजाय रणनीतिक संपत्ति की तरह देखा जा रहा है ।
अगर Hong Kong की वित्तीय कंपनियों के पास वे AI औजार नहीं हैं, जिनका इस्तेमाल अन्य वित्तीय केंद्रों में उनके प्रतिद्वंद्वी कर रहे हैं, तो शहर की वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।
दूसरा मुद्दा पहुंच की अनिश्चितता है। क्षेत्रीय अपवाद और अमेरिकी निर्यात नियंत्रण यह दिखाते हैं कि उन्नत AI सेवाओं की उपलब्धता रातोंरात बदल सकती है। Chan के अनुसार, Hong Kong के अधिकारियों को “चौथी औद्योगिक क्रांति” जैसे व्यापक घोषणापत्रों से आगे बढ़कर ऐसी व्यावहारिक रणनीति बनानी चाहिए, जिससे वैश्विक वित्त को प्रभावित करने वाली AI तकनीकों तक शहर की पहुंच सुरक्षित रह सके ।
इन घटनाओं से पता चलता है कि Hong Kong के लिए AI का सवाल केवल नियमन का नहीं, बल्कि आपूर्ति-श्रृंखला की कमजोरी का भी है। शहर अमेरिकी निर्यात नियंत्रण और चीन की संप्रभुता से जुड़े राजनीतिक संदर्भ के बीच स्थित है। ऐसे में अमेरिकी कंपनियों से आने वाले उन्नत AI औजारों की उपलब्धता केवल तकनीकी क्षमता पर निर्भर नहीं रहती; लाइसेंसिंग की शर्तें और निर्यात नियंत्रण का भूगोल भी तय करता है कि किसे कौन-सा मॉडल इस्तेमाल करने दिया जाएगा।
Chan के शब्दों में, AI की भू-राजनीति अब काल्पनिक या दूर की चीज नहीं रही। यह तय करने लगी है कि कौन-सा उपयोगकर्ता कौन-सा औजार इस्तेमाल कर सकता है और किन शर्तों पर ।
Hong Kong सरकार ने AI विकास में निवेश की जरूरत को स्वीकार किया है। 25 जुलाई 2026 के LegCo दस्तावेज के अनुसार, अप्रैल 2026 के अंत तक Innovation and Technology Fund ने AI से जुड़ी 390 से अधिक परियोजनाओं को लगभग 1.1 अरब डॉलर की कुल funding दी थी ।
लेकिन बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंकों में Claude की पहुंच हटने से एक अलग चुनौती सामने आती है: स्थानीय AI परियोजनाओं के लिए उपलब्ध धन और प्रतिभा महत्वपूर्ण हैं, पर वे उन विशिष्ट वैश्विक औजारों का तुरंत विकल्प नहीं बन सकते, जिन पर वित्तीय संस्थान निर्भर हैं—खासकर जब उन औजारों की पहुंच अमेरिकी लाइसेंसिंग और निर्यात नीति से नियंत्रित होती हो।