शंघाई के AI लैब्स के दौरे ने, खासकर एक जानबूझकर अस्पष्ट स्याही-धोए नक्शे (ink wash map) के केंद्र में रहते हुए, यह खुलासा किया है कि चीन AI को मुख्य रूप से तकनीकी वर्चस्व के बजाय, खुद को AI शासन, नैतिकता और वैश्विक मानदंडों का मध्यस्थ (arbiter) बनाकर सॉफ्ट पावर के वाहन के रूप में पेश कर रहा है
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इस नक्शे की दृश्य भाषा — जहां चिप निर्माताओं को द्वीपों पर स्थिर "पहाड़ों" के रूप में, एल्गोरिदम को सक्रिय "ऊबड़-खाबड़ पर्वत श्रृंखलाओं" के रूप में, और गोपनीयता, निष्पक्षता तथा मशीन चेतना के अनसुलझे सवालों को हाशिये पर "अनचार्टेड द्वीपों" के रूप में धकेल दिया गया है — एक स्पष्ट कहानी बयां करती है: चीन हार्डवेयर परत को एक तयशुदा ज़मीन मानता है, एल्गोरिदमिक परत को वह गतिशील सीमा मानता है जिसका वह पहले ही नेतृत्व कर रहा है, और नैतिक परत को एक खाली जगह मानता है जिसे वह परिभाषित करने का इरादा रखता है
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यह पोजिशनिंग एक व्यापक रणनीतिक बदलाव का हिस्सा है, जिसकी पुष्टि कई स्रोतों से होती है, जहां बीजिंग AI युग के लिए "सॉफ्ट पावर" की स्क्रिप्ट फिर से लिख रहा है ![]()
। इस रणनीति के प्रमुख तत्व इस प्रकार हैं:
- वैश्विक शासन पर कब्ज़ा: राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने AI पर वैश्विक सहयोग बढ़ाने और एकतरफा वर्चस्व के खिलाफ चेतावनी देने का आह्वान किया है, जो चीन को एक एकतरफा आधिपत्य के बजाय एक जिम्मेदार हितधारक के रूप में पेश करता है
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