अमेरिकी नीति-निर्माताओं के लिए बायोटेक अब सिर्फ स्वास्थ्य या व्यावसायिक क्षेत्र नहीं रह गया है। इसे रक्षा, डेटा, जैविक क्षमताओं और भविष्य की तकनीकी शक्ति से जुड़ा रणनीतिक क्षेत्र माना जा रहा है। इसी वजह से पेंटागन और व्यापक अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र में चीनी बायोटेक कंपनियों को लेकर सतर्कता बढ़ी है ।
अमेरिका की दूसरी बड़ी चिंता यह है कि कई दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और सक्रिय औषधीय घटकों की आपूर्ति चीन से आती है। उपलब्ध विश्लेषण के अनुसार, चीन 700 से अधिक सक्रिय औषधीय घटकों (APIs) के लिए कम-से-कम एक प्रमुख शुरुआती सामग्री (KSM) का अकेला आपूर्तिकर्ता है ।
अमेरिका में स्वीकृत APIs में इस्तेमाल होने वाली KSMs में करीब 41% ऐसी हैं जिनकी आपूर्ति के लिए चीन पर एकल-स्रोत निर्भरता है—यह अगली सबसे बड़ी एकल-स्रोत आपूर्तिकर्ता भारत की तुलना में दोगुने से भी अधिक है ।
कोविड-19 महामारी ने ऐसी निर्भरता से जुड़े जोखिमों को उजागर किया। यदि किसी भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार प्रतिबंध या उत्पादन बाधा के कारण आपूर्ति रुकती है, तो दवाओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और चीन पर निर्भरता घटाने की दिशा में कदम तेज किए हैं।
चीन की बायोटेक प्रगति का सबसे स्पष्ट संकेत अंतरराष्ट्रीय लाइसेंसिंग सौदों में दिखता है। चीन से पश्चिमी कंपनियों को होने वाली दवा-लाइसेंसिंग का मूल्य 2024 में रिकॉर्ड 41.5 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले की तुलना में 66% अधिक था। बड़ी फार्मा कंपनियों ने अपने सभी नए नवाचार-आधारित परिसंपत्तियों में से 28% चीन से हासिल किए ।
एक अन्य उद्योग रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में बड़ी फार्मा कंपनियों द्वारा वैश्विक स्तर पर लाइसेंस की गई सभी बायोटेक परिसंपत्तियों में लगभग एक-तिहाई चीन से आईं। 2017 में यह हिस्सा 10% से भी कम था ।
कैंसर उपचार के क्षेत्र में यह बदलाव और तेज दिखाई देता है। 2024 में चीनी बायोफार्मा कंपनियों से जुड़े ऑन्कोलॉजी लाइसेंसिंग सौदों का कुल मूल्य 30 अरब डॉलर रहा—यह अमेरिका से हुए समान सौदों के मूल्य का लगभग तीन गुना था ।
क्लिनिकल ट्रायल के क्षेत्र में भी चीन की हिस्सेदारी बढ़ी है। सबसे नवीन दवाओं से जुड़े वैश्विक क्लिनिकल ट्रायल में चीन का हिस्सा 2016 से 2025 के बीच छह गुना बढ़कर 30% हो गया, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी 45% से घटकर 33% रह गई । एक अन्य आकलन में चीन की वैश्विक दवा पाइपलाइन में 7,141 दवाएं यानी 31.1% हिस्सेदारी बताई गई है ।
अमेरिका को यह भी आशंका है कि चीनी बायोटेक कंपनियों को सरकारी समर्थन, वित्तीय मदद और अनुकूल मूल्य-निर्धारण से लाभ मिलता है। इसी मुद्दे की जांच के लिए U.S. International Trade Commission (USITC) ने फरवरी 2026 में औपचारिक तथ्य-जांच शुरू की। आयोग यह देख रहा है कि चीन का राज्य समर्थन और मूल्य-निर्धारण अमेरिकी बायोटेक उद्योग की बाजार हिस्सेदारी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को किस तरह प्रभावित कर रहा है ।
इसी व्यापक नीति के तहत अमेरिका ने चीनी बायोटेक कंपनियों के साथ सरकारी खरीद और कारोबारी संबंधों पर प्रतिबंधों का रास्ता चुना है। Biosecure Act, जिसे पहली बार मई 2024 में पेश किया गया था, BGI Genomics, WuXi AppTec और WuXi Biologics जैसी कंपनियों से अमेरिकी सरकारी खरीद को सीमित करने का प्रयास करता है ।
जून 2026 में पेश किया गया प्रस्तावित Biotechnology Innovation and Security Act (BINSA) चीन से जुड़े लाइसेंसिंग सौदों और संयुक्त उपक्रमों को विदेशी निवेश समीक्षा के दायरे में लाने की दिशा में कदम है। इससे ऐसे सीमा-पार दवा-विकास सौदों की सरकारी जांच बढ़ सकती है ।
अमेरिका की बढ़ती जांच चार मुख्य चिंताओं का परिणाम है:
इसका नतीजा यह है कि अमेरिका चीन के साथ बायोटेक सहयोग को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय, कम-से-कम महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जोखिम घटाने, सरकारी खरीद सीमित करने, घरेलू उत्पादन बढ़ाने और संवेदनशील निवेशों की समीक्षा करने की दिशा में बढ़ रहा है।