उलानकाब में डेटा सेंटरों का जमावड़ा केवल जमीन की उपलब्धता की वजह से नहीं है। AI मॉडल चलाने वाले डेटा सेंटरों को लगातार भारी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। इनर मंगोलिया का यह क्षेत्र पवन और सौर ऊर्जा के बड़े संसाधनों के साथ-साथ चीन के पश्चिमी हिस्सों में कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने की राष्ट्रीय रणनीति से भी जुड़ा हुआ है।
2025 के अंत तक उलानकाब में 84 डेटा सेंटर परियोजनाओं पर समझौते हो चुके थे। इनमें 81 AI कंप्यूटिंग सेंटर थे और इन परियोजनाओं का कुल प्रस्तावित निवेश 500 अरब युआन से अधिक था ।
होहोट और उलानकाब को मिलाकर बने होरिंगर डेटा सेंटर क्लस्टर में कुल कंप्यूटिंग क्षमता 291,000 पेटाफ्लॉप्स और इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग क्षमता 273,000 पेटाफ्लॉप्स थी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस क्लस्टर के 80% से अधिक डेटा सेंटरों को हरित बिजली मिलती है ।
2025 की पहली तिमाही में क्लस्टर के डेटा सेंटरों ने 1.22 अरब किलोवाट-घंटे बिजली का इस्तेमाल किया। इसमें 84.57% बिजली अक्षय स्रोतों से आई थी ।
क्षेत्र में बिजली उत्पादन और डेटा सेंटर की खपत को एक साथ जोड़ने वाली नई परियोजनाएं भी विकसित की जा रही हैं। उलानकाब की एकीकृत स्रोत-ग्रिड-लोड-स्टोरेज परियोजना पवन और सौर ऊर्जा उत्पादन, स्मार्ट ट्रांसमिशन, सीधे ग्रिड कनेक्शन और ऊर्जा भंडारण को एक प्रणाली में जोड़ती है। यह डेटा सेंटरों को हर साल 2.19 अरब किलोवाट-घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराती है ।
RedNote का डेटा सेंटर कोई अलग-थलग कॉर्पोरेट निवेश नहीं है। यह चीन की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसमें AI और कंप्यूटिंग क्षमता को राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे की प्राथमिकता बनाया गया है।
चीन के राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग (NDRC), जो देश की प्रमुख आर्थिक योजना संस्था है, के प्रवक्ता जियांग यी ने 31 जुलाई 2026 की प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि यानी 2026 से 2030 के बीच कंप्यूटिंग पावर नेटवर्क में 4 ट्रिलियन युआन, लगभग 589 अरब डॉलर, का नया प्रत्यक्ष निवेश हो सकता है ।
NDRC के अनुसार, इस क्षेत्र का निवेश मुख्य रूप से कंपनियों द्वारा किया जाता है। इसलिए सरकार को निजी निवेश के लिए भी काफी बड़ी संभावनाएं दिखाई देती हैं ।
मार्च 2026 में जारी 15वीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा में चीन ने ‘ईस्ट डेटा, वेस्ट कंप्यूटिंग’ परियोजना को आगे बढ़ाने और बहु-स्तरीय कंप्यूटिंग ढांचा तैयार करने का लक्ष्य रखा। इसका उद्देश्य देशभर में कंप्यूटिंग संसाधनों को जोड़कर एक राष्ट्रीय एकीकृत कंप्यूटिंग नेटवर्क बनाना है ।
सरल शब्दों में, चीन चाहता है कि डेटा और AI कार्यों को केवल तटीय महानगरों तक सीमित रखने के बजाय, देश के उन हिस्सों में भी भेजा जाए जहां बिजली, जमीन और ऊर्जा संसाधन अधिक उपलब्ध हैं।
अप्रैल 2026 में चीन के पोलितब्यूरो ने कंप्यूटिंग नेटवर्क को पानी के नेटवर्क और बिजली ग्रिड जैसी रणनीतिक प्रणालियों के समान महत्व दिया। यह कदम AI कंप्यूटिंग को केवल तकनीकी उद्योग का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय रणनीतिक बुनियादी ढांचे का हिस्सा मानने का संकेत है ।
‘सिक्स नेटवर्क्स’ यानी छह प्रमुख नेटवर्कों की इस रूपरेखा में जल नेटवर्क, नई बिजली ग्रिड, कंप्यूटिंग पावर नेटवर्क, अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क, शहरी भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क शामिल हैं। इस पहल के तहत छह श्रेणियों में सालाना 7 ट्रिलियन युआन से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता बताई गई है ।
सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अब कंटेंट की सिफारिश, सर्च, विज्ञापन और उपयोगकर्ता अनुभव के लिए मशीन लर्निंग पर तेजी से निर्भर हैं। RedNote की संभावित सार्वजनिक लिस्टिंग के बीच 600 मेगावाट का अपना AI डेटा सेंटर कंपनी को कंप्यूटिंग क्षमता पर अधिक नियंत्रण दे सकता है ।
हालांकि, इस परियोजना का महत्व केवल RedNote तक सीमित नहीं है। उलानकाब में RedNote, DeepSeek और दर्जनों अन्य परियोजनाओं की मौजूदगी दिखाती है कि चीन AI युग के लिए कंप्यूटिंग क्षमता को उसी तरह विकसित करना चाहता है जैसे उसने बिजली, परिवहन और संचार का राष्ट्रीय ढांचा बनाया है।
उलानकाब में RedNote का प्रस्तावित 600 मेगावाट और 2.2 अरब डॉलर का डेटा सेंटर चीन की AI बुनियादी ढांचा रणनीति का एक प्रमुख उदाहरण है। अक्षय ऊर्जा से समृद्ध इनर मंगोलिया में ऐसे बड़े केंद्रों का विस्तार और 2026–2030 के दौरान कंप्यूटिंग नेटवर्क में 4 ट्रिलियन युआन के प्रत्यक्ष निवेश का अनुमान बताते हैं कि चीन AI प्रतिस्पर्धा को केवल मॉडल और चिप्स की दौड़ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के कंप्यूटिंग नेटवर्क की परियोजना के रूप में देख रहा है ।