परीक्षण में Kimi K2.6 और Anthropic के Claude Fable 5 की हाइब्रिड व्यवस्था ने प्रति रिव्यू 3.81 डॉलर की लागत पर 65.2% वास्तविक बग पकड़े। इसके मुकाबले Anthropic के Sonnet 4.6 और Opus 4.8 वाली अमेरिकी मॉडल-आधारित व्यवस्था ने 3.91 डॉलर प्रति रिव्यू की लागत पर 53.6% बग पकड़े .
यानी चीनी मॉडल का आकर्षण केवल कम कीमत नहीं था—DoorDash के अपने परीक्षण में वह खास कोड-रिव्यू काम के लिए ज्यादा प्रभावी भी दिखा।
31 जुलाई 2026 को हाउस सेलेक्ट कमेटी ऑन चाइना के चेयरमैन John Moolenaar और हाउस होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी के चेयरमैन Andrew Garbarino ने DoorDash के को-फाउंडर और CEO Tony Xu को औपचारिक पत्र भेजा .
पत्र में कंपनी से ये जानकारी मांगी गई:
सांसदों ने DoorDash से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि कंपनी ने हर चीनी AI मॉडल को किस तरह परखा और संभावित जोखिमों को कम करने के लिए क्या कदम उठाए .
सांसदों और समितियों की मुख्य चिंता यह है कि ओपन-वेट AI मॉडल को डाउनलोड, संशोधित और दोबारा तैनात किया जा सकता है। उनके अनुसार, ऐसे मॉडलों में उपयोगकर्ताओं की जानकारी के बिना छिपे हुए सुरक्षा जोखिम, ‘बैकडोर’ या दुर्भावनापूर्ण कार्यक्षमताएं शामिल की जा सकती हैं। समितियों ने इनमें से कुछ संभावित छिपी क्षमताओं को “स्लीपर एजेंट” भी कहा है .
Garbarino ने CNBC से कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी अब AI में केवल अमेरिका के पीछे-पीछे नहीं चल रही, बल्कि साइबर सुरक्षा के भविष्य को प्रभावित करने वाली कुछ अहम क्षमताओं में अंतर कम करने की दौड़ में है .
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है: सांसदों की चिंताएं संभावित और पूर्व-सावधानी पर आधारित हैं। अमेरिकी कंपनियों द्वारा उत्पादन स्तर पर इस्तेमाल किए जा रहे चीनी मॉडलों में ऐसे बैकडोर या स्लीपर एजेंट पाए जाने का कोई व्यापक सार्वजनिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। जांच पत्र में यह भी माना गया है कि अमेरिकी कंपनियां वैध तकनीकी कारणों से PRC मॉडल का मूल्यांकन कर सकती हैं; समितियां यह जानना चाहती हैं कि उनके सुरक्षा उपाय पर्याप्त हैं या नहीं .
यह मामला अमेरिकी कंपनियों में चीनी AI के बढ़ते इस्तेमाल पर चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है। अप्रैल 2026 में इन्हीं दोनों हाउस समितियों ने Airbnb और AI कोडिंग प्लेटफॉर्म Cursor की निर्माता कंपनी Anysphere के खिलाफ भी संयुक्त जांच शुरू की थी .
समितियों के अनुसार, बड़ी टेक कंपनियों से लेकर स्टार्टअप तक अमेरिकी कंपनियां चीनी ओपन-वेट AI मॉडलों का मूल्यांकन या इस्तेमाल इसलिए कर सकती हैं क्योंकि वे कम लागत वाले, प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन वाले और अधिक लचीले होते हैं। इससे कंपनियों की कुछ गिने-चुने महंगे प्रोप्राइटरी मॉडल प्रदाताओं पर निर्भरता भी घट सकती है .
DoorDash का मामला इसलिए ज्यादा ध्यान खींच रहा है क्योंकि कंपनी के अपने DashBench परीक्षण ने कारोबारी प्रोत्साहन को साफ दिखा दिया। Kimi K2.6 को शुरुआती या अपेक्षाकृत कम जटिल काम सौंपकर और Anthropic के Fable मॉडल को कठिन विश्लेषण के लिए बचाकर कंपनी ने कम लागत में बेहतर बग-डिटेक्शन हासिल किया .
अगस्त 2026 की शुरुआत तक DoorDash ने जांच पत्र पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की थी। हालांकि, कंपनी के प्रवक्ता ने CNBC से कहा:
“DoorDash अमेरिकी AI नेतृत्व का मजबूती से समर्थन करती है और यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि AI का लाभ केवल सबसे बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि Main Street तक पहुंचे। हम समितियों के साथ इस बात पर चर्चा करने को तैयार हैं कि अमेरिकी-निर्मित फ्रंटियर मॉडल और ओपन-वेट मॉडलों समेत AI का सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल कैसे किया जाए।”
कंपनी की प्रकाशित रिसर्च और Fang की पोस्ट से उसकी रणनीति व्यावहारिक नजर आती है: कम जटिल आंतरिक कोड-रिव्यू काम के लिए Kimi K2.6 और कठिन काम के लिए Anthropic का Fable मॉडल। DoorDash का कहना है कि DashBench जैसे परीक्षणों से वह अलग-अलग मॉडल संयोजनों की गुणवत्ता और लागत की तुलना कर सकती है .
कांग्रेस की जांच का घोषित उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों द्वारा PRC AI मॉडलों के इस्तेमाल पर संभावित संघीय नीति बनाने के लिए तथ्य जुटाना है . समितियों के पत्र में यह स्वीकार किया गया है कि चीनी ओपन-वेट मॉडल कम लागत में प्रतिस्पर्धी क्षमता दे सकते हैं। साथ ही, इसमें अमेरिकी ओपन-वेट विकल्पों की उपलब्धता, सुरक्षा और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने तथा संवेदनशील इस्तेमाल के लिए उपयुक्त सुरक्षा उपायों की जरूरत पर जोर दिया गया है .
DoorDash पर किसी कानून को तोड़ने का आरोप नहीं लगाया गया है। मौजूदा स्थिति में अमेरिकी कंपनियां चीनी ओपन-वेट मॉडल चला सकती हैं . फिर भी, 14 अगस्त की ब्रीफिंग और 21 अगस्त के दस्तावेजी जवाब की समयसीमा के बीच DoorDash उस बहस का प्रमुख उदाहरण बन गई है, जो यह तय कर सकती है कि अमेरिकी कंपनियां AI मॉडल चुनते समय केवल प्रदर्शन और लागत देखेंगी या मॉडल के मूल देश और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को भी उतना ही महत्व देंगी।