यह घटना न केवल एक मानवीय त्रासदी थी, बल्कि इसने यूरोपीय संघ के भीतर प्रवासन नीति को लेकर गहरी दरार को भी उजागर किया। स्पेन ने अपनी सीमाओं की रक्षा करने और EU से एकजुटता की मांग करने का प्रयास किया, लेकिन कई देशों ने अपने-अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी।