इन अवशेषों में एक 30 के दशक की महिला और करीब 20 वर्ष का एक युवक शामिल था। दोनों की मृत्यु शुरुआती स्पेनी औपनिवेशिक काल में हुई थी। रेडियोकार्बन डेटिंग के अनुसार उनकी मृत्यु का समय 1492 से 1631 ईस्वी के बीच था ।
उत्तरी चिली के अटाकामा रेगिस्तान की अत्यधिक शुष्क जलवायु ने इन शरीरों को प्राकृतिक रूप से सुरक्षित रखा। दिलचस्प बात यह है कि हड्डियों के नमूने मूल रूप से मानव डीएनए के अध्ययन के लिए जुटाए गए थे; उनमें चेचक वायरस की मौजूदगी एक अप्रत्याशित खोज थी ।
दोनों व्यक्तियों से मिले वायरल जीनोम लगभग एक जैसे थे। इससे संकेत मिलता है कि वे एक ही प्रकोप के दौरान संक्रमित हुए होंगे या उस समय फैल रहे एक ही वायरस strain की चपेट में आए होंगे । शोधकर्ताओं ने इस नई वंशावली को कमारोनेस 9 स्थल के नाम पर CAM9 कहा ।
CAM9, Variola virus की अब विलुप्त हो चुकी एक ऐसी वंशावली से संबंधित है, जो 20वीं सदी में फैलने वाले आधुनिक चेचक strains से अलग थी । आनुवंशिक विश्लेषण के अनुसार यह उस शाखा के आधार के करीब है, जिससे आगे चलकर 20वीं सदी का अपेक्षाकृत हल्का alastrim चेचक clade विकसित हुआ ।
इस वायरस की साझा आनुवंशिक जड़ें पुरानी दुनिया के Variola viruses से मिलती हैं। इससे यह निष्कर्ष मजबूत होता है कि CAM9 यूरोपीय संपर्क और उपनिवेशवाद के दौर में अमेरिका पहुंचा था । शोधकर्ताओं के अनुसार CAM9 की स्थिति मध्यकालीन यूरोप में ज्ञात strains और बाद की सदियों में फैलने वाले strains के बीच है—यानी यह चेचक की विकास-वंशावली में लंबे समय से मौजूद एक अंतर को भरता है ।
प्राचीन जीनोम की तुलना आधुनिक strains से करने पर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि यह वायरस वंश यूरोपीय पूर्वज से लगभग 15वीं से 16वीं सदी के बीच अलग हुआ। यह समय स्पेनी उपनिवेशवाद के शुरुआती चरण से मेल खाता है ।
ममियों की रेडियोकार्बन तिथियां, जो लगभग 1492 तक जाती हैं, बताती हैं कि कोलंबस के आगमन के बाद पहली पीढ़ी के भीतर ही चेचक दक्षिण अमेरिका में मौजूद था । इतिहास में 1520 और 1530 के दशकों के दौरान एंडीज क्षेत्र में एक विनाशकारी चेचक महामारी का वर्णन मिलता है, जिसे अक्सर इंकान साम्राज्य पर स्पेनी विजय से जोड़ा जाता है। CAM9 जीनोम उस ऐतिहासिक समयरेखा से मेल खाने वाला पहला भौतिक प्रमाण उपलब्ध कराते हैं ।
CAM9 16वीं सदी में प्रसारित होने वाली, लेकिन आधुनिक युग तक न बच पाने वाली एक अलग वायरस वंशावली थी। आज ज्ञात चेचक strains—जिसे 1980 में दुनिया से समाप्त घोषित किया गया था—एक अलग और अपेक्षाकृत बाद में विकसित शाखा से संबंधित हैं।
इससे संकेत मिलता है कि यूरोप से अमेरिका में चेचक की केवल एक वंशावली नहीं आई थी। संभवतः कई अलग-अलग viral lineages पहुंचीं, जिनमें से कुछ ही बाद की सदियों में प्रभावी बनी रहीं ।
विश्लेषण में यह भी पाया गया कि CAM9 वंशावली में जीन खोने की प्रक्रिया पहले ही रुक चुकी थी। इसका अर्थ है कि वायरस, भले ही उसकी अंतिम उत्पत्ति पशु-जनित यानी zoonotic रही हो, मनुष्यों के शरीर में पूरी तरह अनुकूलित हो चुका था ।
CAM9 जीनोम इतिहास और आनुवंशिकी के बीच वह कड़ी पेश करते हैं जिसकी वैज्ञानिकों को लंबे समय से तलाश थी। ममियों की तिथियां इसे 1492 के बाद के शुरुआती दौर में रखती हैं, जबकि वायरस की आनुवंशिक बनावट इसे पुरानी दुनिया के Variola viruses से जोड़ती है।
इसीलिए यह खोज इस बात का पहला प्रत्यक्ष आनुवंशिक प्रमाण मानी जा रही है कि चेचक यूरोपीय उपनिवेशवादियों के साथ अटलांटिक पार करके अमेरिका पहुंचा। यह उस ऐतिहासिक त्रासदी को भी अधिक ठोस वैज्ञानिक आधार देती है, जिसने उपनिवेशवाद के शुरुआती दौर में अमेरिका के मूलनिवासी समाजों को गहरे स्तर पर प्रभावित किया।