लॉन्च से पहले के 30 दिनों में Xiaomi के शेयर में लगभग 31–38% की तेजी आ चुकी थी। इसलिए नई घोषणा के बाद अतिरिक्त खरीदारी के बजाय मुनाफावसूली देखने को मिली। एशियाई बाजार खुलने से पहले ही फ्रैंकफर्ट कारोबार में शेयर 7.05% नीचे था, जिससे निवेशकों की निराशा का संकेत मिल गया था।
Xiaomi ने SkyNomad सीरीज के दो प्री-सेल मॉडल पेश किए:
इन कीमतों ने कई प्रतिद्वंद्वी मॉडलों को पीछे छोड़ दिया। उदाहरण के लिए, Tesla Model Y L की शुरुआती कीमत RMB 339,000 है। इस तुलना में Xiaomi की फ्लैगशिप SUV करीब 12% सस्ती पड़ती है। SkyNomad मॉडल Li Auto L9 और Huawei समर्थित Aito मॉडल से भी कम कीमत पर आए, जिनकी शुरुआती कीमत लगभग RMB 250,000 बताई गई है।
Nomura के अनुसार, बाजार N90 सीरीज की कीमत RMB 300,000–350,000 के बीच रहने की उम्मीद कर रहा था। वास्तविक प्री-सेल कीमत इस अनुमान की निचली सीमा पर या उससे भी कम रही। विश्लेषकों ने इसे ‘आक्रामक मूल्य निर्धारण’ कहा और माना कि Xiaomi बिक्री की मात्रा बढ़ाने के दबाव में कीमत कम रख रही है।
यही बात शेयर बाजार के लिए चिंता का कारण बनी। कम कीमत ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है, लेकिन अगर उत्पादन लागत ऊंची रही तो हर वाहन पर कमाई बहुत कम या नकारात्मक रह सकती है।
SkyNomad की कीमत ने उस चिंता को और गहरा कर दिया जो Xiaomi के EV कारोबार को लेकर पहले से मौजूद थी। कंपनी की EV इकाई को 457 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ था—प्रति वितरित वाहन लगभग 5,600 डॉलर का नुकसान।
ऐसे माहौल में नए मॉडल को प्रतिद्वंद्वियों से कम कीमत पर उतारने का फैसला निवेशकों को जोखिम भरा लगा। बाजार अब यह देखना चाहता है कि Xiaomi तेज बिक्री के साथ-साथ सकारात्मक सकल मार्जिन भी हासिल कर पाएगी या नहीं। Nomura ने भी संकेत दिया कि वॉल स्ट्रीट की नजर इसी सवाल पर है।
Xiaomi की पारंपरिक कमाई का बड़ा आधार स्मार्टफोन कारोबार है, लेकिन 2026 की पहली तिमाही में इस इकाई पर भी दबाव बढ़ा। मेमोरी-चिप की कीमतें 300% से अधिक बढ़ने के बीच कंपनी का समायोजित शुद्ध लाभ साल-दर-साल 43–57% घटा।
पहली तिमाही में स्मार्टफोन से होने वाला राजस्व 12.5% घटकर RMB 44.3 अरब रह गया। फोन का सकल मार्जिन भी 12.4% से घटकर 10.1% हो गया।
इसका मतलब यह है कि Xiaomi को एक साथ दो मोर्चों पर दबाव झेलना पड़ रहा है:
इसी पृष्ठभूमि में Jefferies ने मई 2026 में Xiaomi की रेटिंग घटाकर Underperform कर दी। फर्म ने घटती EV बिक्री, सिकुड़ते स्मार्टफोन मार्जिन और बढ़ते कंपोनेंट खर्च को प्रमुख कारण बताया।
Xiaomi ने 2026 में 550,000 वाहन वितरित करने का लक्ष्य रखा है। यह 2025 में वितरित किए गए लगभग 410,000 वाहनों से करीब 34% अधिक है।
लेकिन 2026 की पहली छमाही के अंत तक कंपनी ने लगभग 185,000 वाहन ही वितरित किए थे। इसका अर्थ है कि पूरे साल का लक्ष्य हासिल करने के लिए उसे दूसरी छमाही में करीब 365,000 वाहन देने होंगे। यानी हर महीने 60,000 से अधिक वाहनों की डिलीवरी करनी पड़ेगी—ऐसी मासिक गति जिसे कंपनी अब तक हासिल नहीं कर पाई है।
प्रबंधन ने इस कमी के बावजूद 550,000 का लक्ष्य बरकरार रखा। विश्लेषकों ने इसे महत्वाकांक्षी बताया और माना कि लक्ष्य तथा वास्तविक डिलीवरी की दूरी ने Xiaomi के शेयर पर अतिरिक्त दबाव डाला।
SkyNomad से बिक्री में तेजी आने की उम्मीद जरूर है, लेकिन निवेशकों के लिए केवल नया मॉडल पर्याप्त नहीं है। उन्हें उत्पादन बढ़ने, वास्तविक डिलीवरी और प्रति वाहन मुनाफे के ठोस प्रमाण चाहिए।
SkyNomad लॉन्च के आसपास Xiaomi को लेकर विश्लेषकों का रुख भी सतर्क हुआ:
इन डाउनग्रेड ने लॉन्च के बाद बनी नकारात्मक धारणा को और मजबूत किया।
SkyNomad के लॉन्च से पहले Xiaomi के शेयर में तेज उछाल आ चुका था। ऐसे में कई निवेशकों के लिए लॉन्च खुद नई खरीदारी का अवसर नहीं, बल्कि मुनाफा बुक करने का ट्रिगर बन गया। इसे बाजार की भाषा में ‘buy the rumor, sell the news’ कहा जाता है—यानी उम्मीदों पर पहले खरीदारी और वास्तविक घोषणा के बाद बिकवाली।
दक्षिणमुखी Stock Connect के जरिए मुख्यभूमि चीन के निवेशकों की मुनाफावसूली ने भी गिरावट को बढ़ाया।
Xiaomi का शेयर SkyNomad के कारण इसलिए नहीं गिरा कि SUV लॉन्च असफल रहा। असल समस्या यह थी कि लॉन्च ने कंपनी की कई पुरानी चिंताओं को फिर सामने ला दिया—कम कीमत से मार्जिन पर दबाव, EV कारोबार का घाटा, स्मार्टफोन मुनाफे में कमी, कठिन डिलीवरी लक्ष्य और विश्लेषकों की घटती उम्मीदें।
अब Xiaomi के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकेत होंगे: SkyNomad की वास्तविक मांग, सितंबर में शुरू होने वाली डिलीवरी, उत्पादन की गति और EV कारोबार का सकल मार्जिन। जब तक इन मोर्चों पर ठोस सुधार नहीं दिखता, बाजार नई घोषणाओं के बजाय कंपनी के वास्तविक वित्तीय नतीजों पर अधिक ध्यान देगा।