2020 से 2023 के बीच का चिप संकट मुख्य रूप से महामारी के कारण सप्लाई चेन बाधित होने से पैदा हुआ था। मौजूदा संकट उससे अलग है। मेमोरी निर्माता जानबूझकर अपनी उत्पादन क्षमता को AI एक्सेलेरेटर के लिए जरूरी HBM जैसे अधिक मुनाफे वाले उत्पादों की ओर मोड़ रहे हैं।
Samsung, SK Hynix और Micron—दुनिया के तीन सबसे बड़े मेमोरी निर्माता और वैश्विक DRAM उत्पादन के 95% से अधिक हिस्से पर नियंत्रण रखने वाली कंपनियां—ने अपनी क्लीनरूम क्षमता का बड़ा भाग HBM उत्पादन के लिए आवंटित किया है। अनुमान है कि 2026 में दुनिया में बनने वाली कुल मेमोरी चिप्स का 70% तक AI डेटा सेंटरों में इस्तेमाल हो सकता है।
HBM की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी है। अब यह कुल DRAM वेफर क्षमता का 23% इस्तेमाल करती है, जबकि दो साल पहले यह हिस्सा एकल अंक में था। इसके साथ ही बड़ी टेक कंपनियां कई वर्षों के प्रीमियम सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट कर रही हैं, ताकि उन्हें भविष्य में मेमोरी मिलती रहे। इससे खुले बाजार में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए उपलब्ध आपूर्ति और कम हो गई है।
IDC के अनुसार, GPU सर्वरों का विस्तार नई आपूर्ति के संतुलित होने से पहले ही मेमोरी क्षमता को सोख रहा है। AI मॉडल को चलाने वाले ‘इन्फरेंस’ वर्कलोड भी बड़े पैमाने पर उतनी ही मेमोरी मांग रहे हैं जितनी मॉडल ट्रेनिंग में लगती है। यही कारण है कि यह संकट अस्थायी उतार-चढ़ाव के बजाय संरचनात्मक बदलाव बन गया है।
Synopsys के CEO Sassine Ghazi ने CNBC से कहा कि चिपों की यह ‘क्रंच’ स्थिति 2026 और 2027 तक बनी रह सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि AI क्षेत्र की मांग कीमतों के प्रति कम संवेदनशील है और उत्पादन क्षमता बढ़ने की रफ्तार से तेज बढ़ रही है।
मेमोरी की कमी और बढ़ती लागत का सबसे सीधा असर स्मार्टफोन पर दिख रहा है। Counterpoint Research के शुरुआती अनुमान के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 11% घटे। यह 2013 के बाद किसी भी दूसरी तिमाही का सबसे निचला स्तर है।
पूरे वर्ष के लिए अनुमान और भी कमजोर हैं:
मेमोरी और अन्य कंपोनेंट की लागत बढ़ने से कंपनियां दोहरी चुनौती का सामना कर रही हैं—या तो फोन की कीमत बढ़ाएं या अपने मुनाफे का हिस्सा छोड़ें। Omdia के अनुसार, 2026 में शिपमेंट घटने के बावजूद वैश्विक स्मार्टफोन बाजार का कुल मूल्य 6.1% बढ़ सकता है, क्योंकि कंपनियां अधिक महंगे मॉडल और प्रीमियम उत्पादों पर जोर दे रही हैं।
Qualcomm के वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में हैंडसेट चिप कारोबार का राजस्व 20% घटकर 5.09 अरब डॉलर रह गया। Android QCT राजस्व भी सालाना आधार पर 20% घटा और प्रति शेयर आय पर 1.50 डॉलर से अधिक का असर पड़ा।
कंपनी ने मेमोरी कीमतों और आपूर्ति बाधाओं में “अभूतपूर्व बढ़ोतरी” का हवाला दिया। Qualcomm ने 1 सितंबर 2026 से अपने अधिकांश चिप्स की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी का अनुमान है कि 2026 में हैंडसेट बाजार ‘लो-टीन्स’ यानी करीब 10% से 15% के निचले दायरे में घट सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर कम कीमत वाले फोन पर पड़ेगा।
MediaTek का मोबाइल-चिप राजस्व 2026 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 20% घटा। बढ़ती कंपोनेंट लागत ने स्मार्टफोन की मांग पर दबाव डाला।
कंपनी की चिपसेट बाजार हिस्सेदारी 2025 की पहली तिमाही के 38% से घटकर 2026 की पहली तिमाही में 32% रह गई। बजट और मिड-रेंज फोन में MediaTek की मजबूत मौजूदगी होने के कारण इन सेगमेंट की कमजोर बिक्री का असर कंपनी पर अधिक पड़ा।
MediaTek के CEO ने 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में करीब 15% गिरावट का अनुमान जताया है। Counterpoint Research के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में वैश्विक स्मार्टफोन चिपसेट शिपमेंट 15% घटे। Qualcomm और MediaTek दोनों के SoC शिपमेंट में करीब 25% गिरावट का अनुमान है।
पूरे वर्ष में स्मार्टफोन चिपसेट शिपमेंट 14% घट सकते हैं, जबकि एंट्री-लेवल SoC की शिपमेंट में 30% तक गिरावट आ सकती है।
मेमोरी चिप संकट का असर लैपटॉप, टैबलेट और USB ड्राइव से लेकर कारों तक पहुंच गया है। DRAM—यानी वह मेमोरी जो डेटा को अस्थायी रूप से तेज गति से संभालती है—डेटा सेंटर, पीसी, स्मार्टफोन और वाहनों में इस्तेमाल होती है।
ऑटोमोबाइल कंपनियां इस स्थिति को ‘चिपफ्लेशन’ कहे जाने वाली बढ़ती लागत के रूप में महसूस कर रही हैं। सीमित मेमोरी आपूर्ति और महंगे कंपोनेंट से उत्पादन योजनाओं, लागत और मुनाफे पर दबाव बढ़ रहा है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों ने बताया है कि यह संकट लैपटॉप और स्मार्टफोन से लेकर ऑटोमोबाइल तक कई क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है।
टेक उद्योग के नेताओं Elon Musk और Tim Cook समेत कई अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मेमोरी की कमी मुनाफे को नुकसान पहुंचा रही है और कॉर्पोरेट योजनाओं में रुकावट डाल रही है। हालांकि, GM और Micron के विशेष सप्लाई समझौते, Ford की समान व्यवस्था या BYD की कीमतों में बढ़ोतरी से जुड़े दावों की पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में सीधे तौर पर नहीं होती; इसलिए इनके बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
विश्लेषकों को निकट भविष्य में आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद नहीं है। नई फैब्रिकेशन क्षमता तैयार होने में समय लगेगा और बाजार के 2027 या उसके बाद ही स्थिर होने की संभावना जताई जा रही है।
IDC को 2027 में स्मार्टफोन बाजार में 1.1% की एक और गिरावट की आशंका है। इसके बाद 2028 में मेमोरी आपूर्ति सामान्य होने पर 5.5% की रिकवरी का अनुमान है। Omdia का अनुमान है कि 2027 में भी बाजार सिकुड़ेगा, हालांकि गिरावट की रफ्तार घटकर 0.9% रह सकती है। उद्योग में वास्तविक मात्रा-आधारित सुधार 2028 से शुरू होने की उम्मीद है।
मौजूदा संकट का मूल कारण साफ है: AI डेटा सेंटरों ने मेमोरी उद्योग की प्राथमिकताएं बदल दी हैं। अधिक मुनाफे वाले HBM उत्पादों के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ने से स्मार्टफोन, पीसी और ऑटोमोबाइल जैसे पारंपरिक उपभोक्ता क्षेत्रों के लिए सामान्य मेमोरी कम पड़ रही है।
जब तक नई उत्पादन क्षमता नहीं जुड़ती और AI की मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं बढ़ती, तब तक उपभोक्ताओं को महंगे डिवाइस, कंपनियों को कम मार्जिन और स्मार्टफोन उद्योग को लगातार कमजोर बिक्री का सामना करना पड़ सकता है। IDC ने इसे “a crisis like no other” यानी “अभूतपूर्व संकट” कहा है।