GEMA ने नवंबर 2024 में Munich में मामला शुरू किया और जनवरी 2025 में औपचारिक शिकायत दाखिल की । संस्था का आरोप था कि Suno ने उसके रिपर्टरी में शामिल कॉपीराइट-संरक्षित रचनाओं को लाइसेंस लिए बिना इस्तेमाल, संग्रहित और मॉडल में पुनरुत्पादित किया। विवाद में छह विशिष्ट गीत शामिल थे, जिनमें Boney M. का लोकप्रिय गीत “Rasputin” भी था ।
Suno का बचाव था कि AI प्रशिक्षण के दौरान पारंपरिक अर्थों में “कॉपी” नहीं बनती। अदालत ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया। उसके अनुसार, कॉपीराइट वाले संगीत को प्रशिक्षण डेटासेट में शामिल करना और फिर उसे मॉडल के भीतर याद रखने योग्य रूप में संचित करना कॉपीराइट कानून के तहत प्रासंगिक पुनरुत्पादन हो सकता है ।
इसका सीधा मतलब यह है कि AI मॉडल को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया को केवल तकनीकी या अस्थायी विश्लेषण मानकर कॉपीराइट दायित्व से बचा नहीं जा सकता।
Suno ने यह भी दलील दी कि ऑनलाइन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध गीतों से AI प्रशिक्षण के लिए निहित सहमति मानी जा सकती है। अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया । किसी गीत का इंटरनेट पर उपलब्ध होना अपने-आप यह अधिकार नहीं देता कि उसे व्यावसायिक AI मॉडल के प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
Suno अमेरिका स्थित कंपनी है, लेकिन अदालत ने जर्मन कानून के तहत मामले पर अधिकार-क्षेत्र स्वीकार किया। फैसले के आधार में यह बात शामिल थी कि Suno की AI सेवा जर्मन उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है और प्रशिक्षण प्रक्रिया से संबंधित पुनरुत्पादन जर्मनी में भी हुआ ।
अदालत के आदेश के अनुसार Suno पर कई जिम्मेदारियां डाली गई हैं:
Suno ने फैसले से असहमति जताई है और Munich Higher Regional Court में अपील करने की बात कही है । इसलिए यह अंतिम कानूनी शब्द नहीं है, लेकिन पहली अदालत का निर्णय फिलहाल GEMA के पक्ष में एक बड़ा कदम है।
Suno का मामला अलग-थलग नहीं है। इसी Munich court ने 11 नवंबर 2025 को GEMA v. OpenAI मामले में OpenAI के खिलाफ फैसला दिया था। अदालत ने माना था कि ChatGPT को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइट-संरक्षित गीतों के बोलों का बिना लाइसेंस इस्तेमाल जर्मन कानून का उल्लंघन है ।
उस फैसले में अदालत ने प्रशिक्षण डेटासेट में सामग्री डालने और मॉडल के भीतर उसके स्थायी रूप से याद रहने—दोनों को कॉपीराइट से जुड़ा पुनरुत्पादन माना। जर्मनी के टेक्स्ट-एंड-डेटा-माइनिंग अपवाद, यानी § 44b UrhG, को भी इस आधार पर पर्याप्त नहीं माना गया कि जनरेटिव AI मॉडल सामग्री को केवल क्षणिक विश्लेषण के लिए नहीं पढ़ते, बल्कि उसे मॉडल के भीतर स्थायी रूप से याद रख सकते हैं ।
Suno का नया फैसला इसी कानूनी दृष्टिकोण को संगीत रिकॉर्डिंग और AI-जनित संगीत के संदर्भ में मजबूत करता है।
अमेरिका में भी AI म्यूजिक कंपनियों के खिलाफ बड़े मुकदमे चल रहे हैं। जून 2024 में Recording Industry Association of America (RIAA) ने Sony Music, Universal Music Group (UMG) और Warner Music Group की ओर से Suno और Udio के खिलाफ अलग-अलग कॉपीराइट मुकदमे दायर किए ।
2026 के मध्य तक स्थिति इस प्रकार थी:
Munich का फैसला यूरोप और अमेरिका के अलग-अलग कॉपीराइट दृष्टिकोण को भी सामने लाता है।
जर्मनी और व्यापक यूरोपीय संदर्भ में, अदालत ने संकेत दिया है कि कॉपीराइट-संरक्षित सामग्री पर बिना लाइसेंस व्यावसायिक AI प्रशिक्षण उल्लंघन हो सकता है। जर्मन टेक्स्ट-एंड-डेटा-माइनिंग अपवाद को ऐसे जनरेटिव मॉडल के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं माना गया, जो सामग्री को स्थायी रूप से याद रखते हैं ।
अमेरिका में, Suno का मुख्य बचाव fair use है, जो अमेरिकी कॉपीराइट कानून की धारा 107 के तहत तय होता है। कंपनी का तर्क है कि उसके AI-जनित आउटपुट मूल गीतों से अलग और परिवर्तनकारी हैं तथा वे मूल संगीत का सीधा बाजार विकल्प नहीं बनते । अमेरिकी अदालतों ने अभी AI म्यूजिक प्रशिक्षण मामले में fair use पर अंतिम फैसला नहीं दिया है।
फैसला AI म्यूजिक कंपनियों पर कॉपीराइट लाइसेंस लेने का दबाव बढ़ा सकता है। उद्योग धीरे-धीरे “पहले डेटा इकट्ठा करो, बाद में अनुमति मांगो” वाली रणनीति से हटकर लाइसेंस-आधारित सेवाओं की ओर जा सकता है । Warner-Suno और Universal-Udio समझौते ऐसे “लाइसेंस्ड” या नियंत्रित प्लेटफॉर्म के संभावित मॉडल दिखाते हैं ।
कंपनी को GEMA-संरक्षित सामग्री हटाकर अपने मॉडल को दोबारा प्रशिक्षित करना पड़ सकता है या अधिकार-धारकों के साथ लाइसेंस समझौता करना पड़ सकता है। दोनों विकल्पों में तकनीकी बदलाव, अतिरिक्त लागत और आउटपुट की गुणवत्ता पर संभावित असर शामिल हो सकता है।
राजस्व का हिसाब देने और हर्जाने की प्रक्रिया Suno की वित्तीय स्थिति पर दबाव डाल सकती है । यदि अमेरिकी मामले में भी कंपनी का fair-use बचाव असफल होता है, तो यूरोप और अमेरिका—दोनों जगह कानूनी दायित्व का जोखिम बढ़ जाएगा।
Munich court का यह तर्क कि मॉडल प्रशिक्षण और मॉडल के भीतर सामग्री का “मेमोराइजेशन” कॉपीराइट-प्रासंगिक पुनरुत्पादन हो सकता है, भविष्य में इमेज, टेक्स्ट और वीडियो जनरेशन कंपनियों के खिलाफ मामलों में भी उद्धृत किया जा सकता है।
Suno के खिलाफ फैसला AI संगीत उद्योग को एक स्पष्ट संकेत देता है: कॉपीराइट-संरक्षित संगीत को व्यावसायिक AI मॉडल में इस्तेमाल करना केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि कानूनी अनुमति से जुड़ा कदम भी है।
Suno की अपील और अमेरिका में चल रहे fair-use मुकदमे यह तय करने में अहम होंगे कि यह फैसला यूरोपीय मिसाल बनता है या आगे चलकर सीमित हो जाता है। फिलहाल, कलाकारों और अधिकार-संगठनों के लिए संदेश मजबूत है—AI कंपनियों को प्रशिक्षण डेटा, लाइसेंस और राजस्व-साझेदारी के सवालों का जवाब देना होगा।