Q2 में Apple की स्मार्टफोन आय सालाना आधार पर 22% बढ़ी—शीर्ष पांच ब्रांडों में सबसे तेज वृद्धि । कंपनी का औसत बिक्री मूल्य 8% बढ़कर 946 डॉलर पहुंच गया। iPhone 17 सीरीज की लगातार मजबूत मांग, खासकर बेस मॉडल और iPhone 17 Pro Max, ने इस प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई ।
Counterpoint Research के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने Apple के प्रदर्शन की वजह iPhone 17 सीरीज की स्थिर मांग को बताया। उनके अनुसार, Apple ने कीमतों को अपेक्षाकृत स्थिर रखा, जबकि Android कंपनियों को बढ़ती लागत के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ीं ।
यही कीमत रणनीति Apple के लिए बड़ा फायदा बनी—विशेषकर चीन जैसे बाजार में। मेमोरी की बढ़ती लागत ने सस्ते Android फोन की कीमत और वैल्यू दोनों पर दबाव डाला, जबकि Apple की रेवेन्यू हिस्सेदारी एक साल पहले के 44% से बढ़कर 49% हो गई ।
DRAM और NAND चिप की कमी का सबसे ज्यादा असर Android ब्रांडों पर पड़ा। बढ़ती कंपोनेंट लागत के चलते इनमें से अधिकांश कंपनियों ने कीमतें बढ़ाईं, जिससे कीमत-संवेदनशील सेगमेंट में मांग कमजोर हुई ।
Samsung अकेला प्रमुख Android ब्रांड रहा, जिसकी आय और शिपमेंट दोनों बढ़े। वह 16% रेवेन्यू हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा; उसकी आय और शिपमेंट में 9%-9% की वृद्धि हुई। Samsung का ASP लगभग स्थिर रहकर 270 डॉलर रहा। Counterpoint के मुताबिक, कंपनी का वर्टिकल इंटीग्रेशन और कंपोनेंट सोर्सिंग पर बेहतर नियंत्रण कीमतों में तेज बढ़ोतरी को सीमित करने में मददगार रहा। Galaxy A सीरीज ने वॉल्यूम संभाला, जबकि Galaxy S26 सीरीज ने प्रीमियम सेगमेंट को मजबूत किया ।
Xiaomi के शिपमेंट में शीर्ष पांच ब्रांडों के बीच सबसे बड़ी गिरावट आई—सालाना आधार पर 26%। ASP 13% बढ़ने के बावजूद रेवेन्यू 17% घट गया। यानी महंगे फोन बेचने से कम हुई बिक्री की भरपाई नहीं हो सकी ।
OPPO की आय 10% और vivo की आय 11% घट गई। दोनों मामलों में प्रति फोन अधिक कीमत, कम शिपमेंट से हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर पाई ।
Counterpoint का निष्कर्ष था कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि बाजार के कीमत-संवेदनशील हिस्सों में केवल कीमत बढ़ाकर आय बचाने की रणनीति की सीमाएं हैं ।
रेवेन्यू के मजबूत आंकड़ों के बीच Apple के लिए आगे की राह पूरी तरह आसान नहीं है। 30 जुलाई को कंपनी की वित्तीय Q3 2026 अर्निंग्स कॉल के दौरान CEO Tim Cook ने चेतावनी दी कि सितंबर तिमाही में iPhone, iPad और Mac पर सप्लाई संबंधी बाधाओं का असर “काफी बढ़ जाएगा” ।
Cook ने एडवांस्ड चिपमेकिंग क्षमता की कमी को मुख्य अड़चन बताया और कहा कि Apple की सप्लाई चेन में सामान्य से कम लचीलापन बचा है । यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब Mac और iPhone की मांग उपलब्ध सप्लाई से अधिक है। मेमोरी चिप संकट के चलते Apple Mac और iPad की कीमतें पहले ही बढ़ा चुका है, हालांकि Q2 में iPhone को कीमत बढ़ोतरी से बचाया गया था ।
Cook ने मेमोरी की कीमतों में उछाल को “सौ साल में आने वाली बाढ़” जैसा बताया । इस चेतावनी के अगले दिन Apple के शेयर 7.3% गिर गए ।
Counterpoint का अनुमान है कि DRAM और NAND की बढ़ती लागत आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बनाए रखेगी। रिसर्च फर्म ने 2026 की दूसरी छमाही में शिपमेंट में और तेज गिरावट की संभावना जताई है ।
मेमोरी संकट जारी रहने पर Apple भी आने वाली तिमाहियों में iPhone की कीमतें बढ़ा सकता है। Q2 में कंपनी ने कीमतों को स्थिर रखकर प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त बनाई थी, लेकिन लागत का दबाव लंबे समय तक नजरअंदाज करना मुश्किल हो सकता है ।
Apple के Q2 2026 शिपमेंट की शुरुआती दर को लेकर Counterpoint के आंकड़ों में अंतर है। नए अनुमान में iPhone शिपमेंट वृद्धि 13% बताई गई है, जबकि 13 जुलाई के पहले अनुमान में यह वृद्धि 3% थी। Counterpoint ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि नया आंकड़ा संशोधित डेटा को दर्शाता है या पद्धति में बदलाव को। इसलिए 13% की वृद्धि को फिलहाल अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए ।