इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी टेक कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजे रहे। माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन के परिणामों ने निवेशकों को यह भरोसा दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के लिए कंपनियों द्वारा किए जा रहे भारी पूंजीगत खर्च से कमाई का रास्ता बन सकता है। इसके बाद अमेरिकी टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में उछाल आया, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा ।
निवेशक कई दिनों से इस सवाल को लेकर चिंतित थे कि AI डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और चिप्स पर अरबों डॉलर खर्च करने वाली कंपनियों को पर्याप्त रिटर्न मिलेगा या नहीं। माइक्रोसॉफ्ट ने 29 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद मजबूत मुनाफे और राजस्व की जानकारी दी। इसके बाद उसके शेयर में अगले कारोबारी सत्र में 16% से अधिक की तेजी आई ।
30 जुलाई को अमेजन के नतीजों ने भी राहत दी। कंपनी के क्लाउड कारोबार से जुड़े परिणामों ने AI निवेश की मांग को लेकर आशावाद बढ़ाया और उसके शेयर में करीब 5-6% की बढ़त दर्ज हुई । इन नतीजों ने उस समय बाजार को सहारा दिया जब निवेशक AI पर बढ़ते खर्च को लेकर “विद्रोह” जैसी स्थिति में थे और मजबूत कारोबारी प्रदर्शन के बावजूद टेक शेयरों पर दबाव बना हुआ था ।
AI सिस्टम के लिए जरूरी मेमोरी और अन्य सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियां इस उछाल की मुख्य लाभार्थी रहीं। दक्षिण कोरिया में:
अमेरिकी सेमीकंडक्टर शेयरों में रातोंरात आई तेजी, इस सप्ताह की भारी बिकवाली के बाद शॉर्ट पोजीशन कवर करने की मजबूरी और SK समूह के चेयरमैन चे ताए-वोन द्वारा SK Hynix के शेयर खरीदने की खबरों ने भी भरोसा मजबूत किया ।
कोस्पी में तेजी इतनी तेज थी कि कारोबार के दौरान “साइडकार” तंत्र सक्रिय हो गया। यह एक अस्थायी बाजार-नियंत्रण व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य वायदा और नकद बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को कुछ समय के लिए थामना होता है ।
बैंक ऑफ जापान (BOJ) ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर करीब 1% पर बरकरार रखी। यह फैसला व्यापक रूप से अपेक्षित था और इससे जापानी शेयरों के लिए नीति संबंधी एक अनिश्चितता दूर हुई ।
हालांकि, केंद्रीय बैंक का संकेत पूरी तरह नरम नहीं था। BOJ ने चेतावनी दी कि सितंबर से मूल महंगाई दर उसके 2% लक्ष्य से ऊपर जा सकती है। बोर्ड ने 8-1 के बहुमत से दरों को स्थिर रखा, जबकि एक सदस्य ने दर बढ़ाकर 1.25% करने का प्रस्ताव दिया । इस संकेत से बाजार को यह संदेश मिला कि भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने का विकल्प खुला है।
येन के चार दशक के निचले स्तर तक गिरने के बाद जापानी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क कारोबार के दौरान येन खरीदकर और डॉलर बेचकर हस्तक्षेप किया। तीन महीने में यह इस तरह की पहली कार्रवाई थी ।
हस्तक्षेप के बाद डॉलर-येन दर में तेज बदलाव आया और येन एक दिन में 2.4% मजबूत हुआ—जनवरी 2023 के बाद इसकी सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त बताई गई । इससे मुद्रा बाजार में कुछ स्थिरता आई और जापानी शेयरों पर मौजूद एक दबाव कम हुआ। हालांकि BOJ के दर फैसले के बाद येन पर फिर दबाव लौट आया और डॉलर शुरुआती कारोबार में 160.175 तक पहुंच गया ।
शुक्रवार की तेजी प्रभावशाली जरूर थी, लेकिन विश्लेषकों ने इसे बाजार की दिशा में स्थायी बदलाव मानने से सावधान किया है। AI पर भारी खर्च को लेकर निवेशकों की चिंता कम हुई है, खत्म नहीं हुई। रॉयटर्स ने बाजार की धारणा को अब भी “नाजुक” बताया ।
इस सावधानी की कुछ प्रमुख वजहें हैं:
कुल मिलाकर, 31 जुलाई की तेजी को भारी बिकवाली के बाद आई राहत रैली और तेज औसत-वापसी के रूप में देखा जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन के नतीजों ने AI निवेश की कहानी को तत्काल राहत दी, लेकिन असली सवाल अभी बाकी है: क्या AI पर किया जा रहा विशाल पूंजीगत खर्च आने वाले समय में पर्याप्त मुनाफा देगा? जब तक इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, AI से जुड़े शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव का दौर पूरी तरह खत्म मानना जल्दबाजी होगी ।