पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि उपलब्ध “सभी संकेत” इस बात की ओर इशारा करते हैं कि गिरी हुई मिसाइल रूसी Kh-101 क्रूज मिसाइल थी। उन्होंने यह भी कहा कि मिसाइल में वारहेड था और वह संभवतः रूस से आई थी।
पोलैंड के उप-रक्षा मंत्री सेज़ारी टोमचिक ने भी कहा कि अधिकारी “पूरी जिम्मेदारी के साथ” पुष्टि कर सकते हैं कि यह रूसी Kh-101 क्रूज मिसाइल थी। उनके मुताबिक, यह मिसाइल परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा ने इस घटना को “भयावह वास्तविकता” बताया। उन्होंने कहा कि रूसी क्रूज मिसाइल NATO के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई और सहयोगी देशों से वायु-रक्षा क्षमता मजबूत करने का आग्रह किया।
इस मामले में मिसाइल की उत्पत्ति को लेकर पोलैंड और यूक्रेन के अधिकारियों का रुख तत्काल और स्पष्ट रहा। यह नवंबर 2022 के प्र्ज़ेवोदूव हादसे से अलग था, जब यूक्रेनी वायु-रक्षा मिसाइल पोलैंड के एक गांव में गिरी थी और यह सवाल उठा था कि जिम्मेदारी किसकी थी। इस बार दोनों देशों के अधिकारियों ने हथियार को रूसी बताया और जिम्मेदारी को लेकर वैसी शुरुआती अस्पष्टता नहीं दिखी।
टस्क ने घटना वाली रात को पोलिश वायु-रक्षा के लिए “कठिन रात” बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यूक्रेन को Patriot वायु-रक्षा प्रणालियों के लिए अतिरिक्त इंटरसेप्टर मिसाइलें देने के विकल्प पर जल्द विचार करेगी।
टस्क ने इस संभावित मदद को केवल यूक्रेन के समर्थन के रूप में नहीं, बल्कि पोलैंड की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के उपाय के रूप में पेश किया। उनका तर्क था कि यूक्रेन की वायु-रक्षा जितनी मजबूत होगी, रूसी मिसाइलों के भटककर पोलिश क्षेत्र में पहुंचने का खतरा उतना ही कम किया जा सकेगा।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब पोलैंड जुलाई 2026 की शुरुआत में NATO और अमेरिका के अनुरोध पर यूक्रेन को Patriot प्रणालियों के लिए पांच PAC-3 MSE इंटरसेप्टर मिसाइलें दे चुका था।
यूक्रेन ने पोलैंड को मिसाइल की पहचान और दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच में मदद की पेशकश की। इसके बाद एक यूक्रेनी मिसाइल विशेषज्ञ पोलैंड पहुंचा और जांच में शामिल हुआ। उसका काम मिसाइल के प्रकार तथा घटनास्थल से मिले अवशेषों का विश्लेषण करने में पोलिश अधिकारियों की सहायता करना था।
मिसाइल हादसा टस्क और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की 29 जुलाई को ल्यूबलिन में हुई बैठक के ठीक एक दिन बाद हुआ। ज़ेलेंस्की अमेरिका यात्रा से लौटते समय पोलैंड पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, ज़ेलेंस्की की वॉशिंगटन यात्रा के नतीजों, यूक्रेन में पोलिश निवेश और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की थी।
बैठक में यूक्रेनी शहरों को रूसी हमलों से बचाने और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा को प्राथमिकता देने की बात भी हुई थी। ज़ेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन की सुरक्षा और रक्षा, पोलैंड की सुरक्षा से सीधे जुड़ी है।
अगले ही दिन पोलिश क्षेत्र में रूसी मिसाइल का गिरना उस चर्चा को अचानक व्यावहारिक और तात्कालिक बना गया। इसी पृष्ठभूमि में टस्क ने अतिरिक्त Patriot मिसाइलों के हस्तांतरण की समीक्षा को पोलैंड की सुरक्षा से जोड़ते हुए सामने रखा।