अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई 2026 को ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि उनके 'बोर्ड ऑफ पीस' ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक 'ऐतिहासिक' समझौता किया है [1][3][7]। समझौते की प्रमुख शर्तों में हमास का चरणबद्ध निरस्त्रीकरण, इज़राइली सेना की क्रमिक वापसी, और गाजा में एक नए...

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30 जुलाई 2026 को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' (शांति बोर्ड) ने गाजा पट्टी में हमास और अन्य सभी सशस्त्र समूहों के 'पूर्ण निरस्त्रीकरण' के लिए एक 'ऐतिहासिक' समझौता किया है। ट्रम्प ने इसे अपनी 20-सूत्रीय युद्ध-समाप्ति योजना में एक बड़ी उपलब्धि बताया । हालांकि, इस घोषणा के तुरंत बाद ही इज़राइल ने इसे खारिज कर दिया, जिससे इस समझौते की वास्तविकता पर सवाल उठ गए। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
'बोर्ड ऑफ पीस' एक अंतरराष्ट्रीय निकाय है जिसे राष्ट्रपति ट्रम्प ने गाजा में युद्ध के बाद की स्थिति, पुनर्निर्माण और स्थिरता की देखरेख के लिए स्थापित किया था । इस बोर्ड में अमेरिकी प्रतिनिधियों के अलावा, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर, कतर के एक अधिकारी और तुर्की के विदेश मंत्री जैसे लोग शामिल थे
।
ट्रम्प, बातचीत से जुड़े एक सूत्र और हमास अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्तावित सौदे में निम्नलिखित शर्तें शामिल थीं :
एक बड़ी अनिश्चितता यह थी कि क्या हमास और इज़राइल स्वयं इस समझौते के पक्षकार थे, जिसका ट्रम्प ने वर्णन किया। न्यूयॉर्क टाइम्स ने नोट किया कि इस पर हमास या इज़राइल की ओर से कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई और यह स्पष्ट नहीं था कि किसी भी पक्ष ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं या नहीं ।
इज़राइल की ओर से इस सौदे को लेकर कड़ी आपत्तियां सामने आईं:
जहां ट्रम्प और हमास एक समझौते की बात कर रहे थे, वहीं इज़राइल इसे स्वीकार नहीं कर रहा था। हमास के अधिकारियों ने एएफपी को बताया कि हथियारों और इज़राइली सेना की क्रमिक वापसी पर सहमति बन गई है, हालांकि उनके इस दावे में कहा गया कि यह समझौता 'इज़राइल के साथ' हुआ है, जो इज़राइल के रुख के विपरीत था । मिस्र के मध्यस्थों का कहना था कि बातचीत अभी भी जारी है और कई प्रमुख बिंदु अनसुलझे हैं
।
इस बीच, गाजा में हिंसा भी जारी रही। रॉयटर्स ने बताया कि 30 जुलाई को इज़राइली हवाई हमलों में दो बच्चों सहित कम से कम तीन लोग मारे गए, ठीक उसी दिन जब मध्यस्थ हमास के नेताओं के साथ नई वार्ता कर रहे थे । 'बोर्ड ऑफ पीस' ने ट्रम्प की घोषणा के सार पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की
।
यह स्थिति स्पष्ट करती है कि गाजा में शांति की राह अभी भी लंबी और पेचीदा है, जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति एक ऐतिहासिक समझौते का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इज़राइल और हमास के बीच गहरी खाई और विश्वास की कमी बनी हुई है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई 2026 को ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि उनके 'बोर्ड ऑफ पीस' ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक 'ऐतिहासिक' समझौता किया है [1][3][7]।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई 2026 को ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि उनके 'बोर्ड ऑफ पीस' ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक 'ऐतिहासिक' समझौता किया है [1][3][7]। समझौते की प्रमुख शर्तों में हमास का चरणबद्ध निरस्त्रीकरण, इज़राइली सेना की क्रमिक वापसी, और गाजा में एक नए फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना शामिल है [3][4][5][9]।
इज़राइल ने इस सौदे को ठुकरा दिया। प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय का कहना था कि यह पहल इज़राइल के साथ समन्वय के बिना की गई [2], जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटामार बेन गवीर ने इसे 'शैतान के साथ समझौता' बताते हुए स...