असल सवाल यह था कि रिकॉर्ड बिक्री का फायदा मुनाफे में क्यों नहीं दिखा।
Adidas का दूसरी तिमाही का राजस्व मुद्रा-समायोजित आधार पर 14% बढ़कर रिकॉर्ड €6.74 अरब हो गया । रनिंग और फुटबॉल उत्पादों, रेट्रो Originals कपड़ों और 2026 FIFA World Cup से जुड़े सामानों की मांग ने बिक्री को बढ़ावा दिया।
लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट केवल 5% बढ़कर €574 मिलियन रहा। यह विश्लेषकों के लगभग €616 मिलियन के औसत अनुमान से करीब 8% कम था । यानी कंपनी ने ज्यादा बिक्री जरूर की, पर उस बिक्री से अपेक्षित गति से मुनाफा नहीं कमा पाई। यही अंतर शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा झटका बना ।
मुनाफे पर सबसे बड़ा दबाव मार्केटिंग खर्च बढ़ने से आया। Adidas ने दूसरी तिमाही में पिछले साल की तुलना में अतिरिक्त €212 मिलियन यानी करीब 243 मिलियन डॉलर मार्केटिंग पर खर्च किए—यह सालाना आधार पर 30% की बढ़ोतरी थी ।
इससे तिमाही का कुल मार्केटिंग खर्च लगभग €924 मिलियन, या 1.05 अरब डॉलर, हो गया । वर्ल्ड कप अभियान से बिक्री को फायदा मिला—Adidas ने अनुमान से चार गुना ज्यादा वर्ल्ड कप जर्सियां बेचीं —लेकिन इस सफलता की लागत भी काफी ऊंची रही। बढ़ा हुआ खर्च राजस्व से मिलने वाले अतिरिक्त लाभ का बड़ा हिस्सा खा गया और मार्जिन पर दबाव पड़ा ।
Adidas ने पूरे साल के लिए अपना बिक्री अनुमान बढ़ाया। अब कंपनी को मुद्रा-समायोजित राजस्व में 9% से 10% वृद्धि की उम्मीद है, जबकि पहले अनुमानित वृद्धि केवल ऊंची एकल-अंकीय दर में थी ।
फिर भी कंपनी ने पूरे साल का ऑपरेटिंग प्रॉफिट लक्ष्य लगभग €2.3 अरब पर बरकरार रखा । निवेशक बिक्री अनुमान बढ़ने के साथ लाभ लक्ष्य में भी सुधार की उम्मीद कर रहे थे। लक्ष्य में कोई बदलाव न होने को बाजार ने इस संकेत के रूप में लिया कि मजबूत बिक्री अभी बेहतर मुनाफे में नहीं बदल रही है ।
एक विश्लेषक के शब्दों में, दूसरी तिमाही पूर्ण रूप से अच्छी थी, लेकिन बाजार की ऊंची उम्मीदों की तुलना में निराशाजनक रही ।
बिकवाली के बीच नेतृत्व से जुड़ी अनिश्चितता भी सामने आई। लंबे समय से कंपनी के CFO रहे Harm Ohlmeyer ने करीब 30 साल बाद अपना कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू न करने का फैसला बताया । Adidas ने उनके उत्तराधिकारी का नाम जरूर घोषित किया, लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव के दौर में यह खबर निवेशकों की बेचैनी बढ़ाने वाली रही ।
विश्लेषकों ने शेयर की तीखी प्रतिक्रिया को मुनाफे की कमी और Ohlmeyer के कंपनी में न बने रहने—इन दोनों का संयुक्त असर बताया ।
गिरावट के दौरान Adidas के शेयर €150 से नीचे चले गए और साल की शुरुआत की तुलना में लगभग 10% नीचे रहे । यह घटना शेयर बाजार के एक पुराने नियम को फिर सामने लाती है: सिर्फ बिक्री बढ़ना काफी नहीं होता। अगर उस बिक्री को हासिल करने की लागत उम्मीद से तेज बढ़ जाए, तो रिकॉर्ड राजस्व भी निवेशकों को संतुष्ट नहीं कर पाता।
Adidas के लिए 2026 FIFA World Cup ब्रांड की दृश्यता और उत्पाद बिक्री के लिहाज से व्यावसायिक सफलता रहा। लेकिन शेयरधारकों की नजर में उस सफलता की कीमत—कमजोर मार्जिन और बिना बदला हुआ लाभ लक्ष्य—बहुत ज्यादा साबित हुई।