यूक्रेन Wildberries पर रूसी युद्ध प्रयासों में मदद करने का आरोप लगाता है। कंपनी रूस के उपभोक्ता बाजार की रीढ़ मानी जाती है और प्रतिदिन 2 करोड़ से अधिक ऑर्डर संभालती है । इसलिए इसके वितरण केंद्रों पर हमले सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं; इनसे विक्रेताओं, सामान की आपूर्ति और ग्राहकों तक डिलीवरी पर भी असर पड़ता है।
हमलों के बाद Wildberries अब कजाखस्तान में तत्काल अतिरिक्त गोदाम क्षमता तलाश रही है। Kommersant के अनुसार, कंपनी करीब 1 लाख वर्ग मीटर जगह चाहती है और कजाखस्तान में उपलब्ध लगभग हर आधुनिक गोदाम को किराये पर लेने की स्थिति में है ।
लेकिन इतनी बड़ी जगह जुटाना आसान नहीं होगा। 2025 के अंत में कजाखस्तान में आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का कुल क्षेत्रफल करीब 19 लाख वर्ग मीटर था और खाली जगह की दर केवल 5.8% थी । 2026 के मध्य तक आधुनिक गोदामों का कुल क्षेत्रफल बढ़कर करीब 24 लाख वर्ग मीटर हो गया, फिर भी बाजार में उपलब्धता सीमित बनी हुई है । फिलहाल देश में ऐसा कोई एक गोदाम परिसर नहीं है जिसमें 1 लाख वर्ग मीटर जगह एक साथ खाली हो ।
Wildberries के पास कजाखस्तान में पहले से आठ गोदामों और सॉर्टिंग केंद्रों में फैली करीब 50,000 वर्ग मीटर लॉजिस्टिक्स क्षमता है । कंपनी अल्माटी में 1 लाख वर्ग मीटर से बड़ा वितरण केंद्र और अस्ताना में 1.6 लाख वर्ग मीटर का परिसर भी बना रही है। अस्ताना की सुविधा के 2027 में पूरा होने की उम्मीद है ।
क्रेमलिन ने भी स्थिति की गंभीरता स्वीकार की है। 21 जुलाई को प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा, “स्थिति वास्तव में कठिन है, क्योंकि कंपनी के साथ-साथ छोटे और मध्यम आकार के कारोबारों को भी नुकसान हुआ है” ।
रूस के तेल क्षेत्र पर यूक्रेनी ड्रोन अभियान का पैमाना और भी बड़ा रहा है। 2026 की शुरुआत से रूसी तेल रिफाइनरियों पर कम से कम 194 हमले दर्ज किए गए। मई में अकेले 16 हमले हुए, जो इस वर्ष की सबसे अधिक मासिक संख्या थी । जून के अंत तक रूस की 10 सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से आठ को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं ।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने 2025 के अंत में चेतावनी दी थी कि ड्रोन हमलों का असर 2026 के मध्य तक रूस की रिफाइनरी गतिविधियों पर बना रह सकता है । रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमलों से तेल शोधन क्षमता कुल अनुमानित क्षमता के करीब 42.74% तक प्रभावित हुई ।
जुलाई 2026 तक रूस में पेट्रोल उत्पादन मौसमी औसत के लगभग 65% पर आ गया था । CNN के विश्लेषण के मुताबिक, रूस के 83 में से लगभग सभी क्षेत्रों में पेट्रोल की कमी या आपूर्ति में बाधा देखी गई। कई पेट्रोल पंपों ने बिक्री पर राशनिंग या अन्य सीमाएं लागू कीं ।
संकट सबसे पहले मई में रूसी नियंत्रण वाले क्रीमिया में उभरा। वहां आपातकाल घोषित किया गया और 21 जून से आम लोगों को ईंधन बेचने पर रोक लगा दी गई । बाद में कमी रूस के सभी 11 समय क्षेत्रों तक फैल गई ।
कई पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लगीं, कुछ स्टेशन बंद करने पड़े और कम से कम दो मौतों की खबर सामने आई । The Guardian ने इसे युद्ध शुरू होने के बाद आम रूसियों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई देने वाले सबसे बड़े व्यवधानों में से एक बताया ।
ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों ने पुतिन की मंजूरी दर पर सीधा दबाव डाला है। जून 2026 के अंतिम सप्ताह में उनकी लोकप्रियता आठ वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई । सरकारी सर्वे एजेंसी VTsIOM ने जुलाई की शुरुआत में लगातार दूसरी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की, जबकि असहमति जताने वालों की संख्या बढ़ी ।
जुलाई के मध्य में क्रेमलिन से जुड़े Public Opinion Foundation (FOM) के सर्वेक्षण में पुतिन के कामकाज को मंजूरी देने वालों की हिस्सेदारी एक सप्ताह में 71% से घटकर 66% रह गई—2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद सबसे तेज साप्ताहिक गिरावट । असहमति 16% तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था ।
कई सर्वेक्षणों में ईंधन संकट को इस गिरावट का प्रमुख कारण बताया गया। लगातार कई हफ्तों तक पेट्रोल की कमी लोगों की सबसे बड़ी चिंता रही । स्वतंत्र रूसी खोजी मीडिया संस्थान Agentstvo के अनुसार, “अधिकांश रूसियों के लिए सप्ताह की निर्णायक घटना पेट्रोल की कमी और ईंधन की बढ़ती कीमतें थीं” ।
12 जुलाई तक VTsIOM के आंकड़ों में पुतिन की मंजूरी लगातार चौथे सप्ताह घटकर 65.1% रह गई—यह पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद का सबसे निचला स्तर था । वहीं, राष्ट्रपति के कामकाज से असहमति 23.4% तक पहुंच गई ।
तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले → तेल शोधन क्षमता और पेट्रोल उत्पादन में कमी → लगभग पूरे रूस में ईंधन की कमी और राशनिंग → रोजमर्रा की परेशानियां और बढ़ती कीमतें → पुतिन की मंजूरी दर में गिरावट।
Wildberries के गोदामों पर ड्रोन हमले → रूस के बड़े ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में व्यवधान → विक्रेताओं और ग्राहकों की आपूर्ति पर दबाव → कजाखस्तान में वैकल्पिक गोदाम क्षमता की तत्काल तलाश।
दोनों घटनाक्रम जुलाई 2026 में एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। तेल क्षेत्र पर हमले रूस की ऊर्जा आपूर्ति और युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल रहे हैं, जबकि Wildberries के केंद्रों पर हमले उस उपभोक्ता और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को प्रभावित कर रहे हैं जिस पर लाखों लोग और छोटे कारोबारी निर्भर हैं ।