मुख्य वित्तीय विवरण:
प्रमुख संभावित निवेशक थ्राइव इटरनल (Thrive Eternal) है, जो जोशुआ कुश्नर (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर के भाई) के नेतृत्व वाला एक निवेश कोष है । रिपोर्टों में थ्राइव कैपिटल/थ्राइव इटरनल को FFE का प्रमुख समर्थक बताया गया है ।
FIFA के पूर्व अध्यक्ष सेप ब्लैटर (Sepp Blatter) ने 29 जुलाई 2026 को इस योजना की कड़ी निंदा की ।
"फुटबॉल किसी व्यक्ति या किसी संस्था का नहीं है। यह जनता का है। वर्ल्ड कप कुछ अधिकारियों की कमर्शियल संपत्ति नहीं है।" — सेप ब्लैटर
ब्लैटर ने तर्क दिया कि फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट को कभी भी निजी निवेशकों के लिए निवेश उत्पाद नहीं बनना चाहिए । हालांकि, कई मीडिया आउटलेट्स ने ब्लैटर की अपनी भ्रष्टाचार कांडों की पृष्ठभूमि पर भी प्रकाश डाला और इसे विडंबनापूर्ण बताया ।
इस योजना ने पूरे खेल जगत में आग लगा दी है।
UEFA (यूरोपीय फुटबॉल की शासी निकाय) ने सबसे कड़ा रुख अपनाया:
"यह उस रेखा को पार करता है जिसे फुटबॉल की शासी संस्थाओं को कभी पार नहीं करना चाहिए। यह FIFA की बिक्री की चीज़ नहीं है। हममें से कोई भी फुटबॉल का मालिक नहीं है।"
UEFA ने FIFA पर "फुटबॉल की आत्मा बेचने" का आरोप लगाया और इस योजना के खिलाफ आपात बैठक और वर्ल्ड कप के बहिष्कार तक की संभावना पर विचार करने का संकेत दिया ।
अन्य क्षेत्रीय संघों ने इस योजना से अंधेरे में रखे जाने पर नाराजगी जताई:
संक्षेप में, मुख्य आरोप यह है कि इन्फैंटिनो की योजना एक वैश्विक सार्वजनिक विश्वास — वर्ल्ड कप — का निजीकरण करेगी, इसके कमर्शियल अधिकारों का एक हिस्सा प्राइवेट इक्विटी निवेशकों को सौंपकर खेल के शासन और लोकाचार को स्थायी रूप से बदल देगी ।