एनवीडिया को सप्लाई करने वाली दक्षिण कोरियाई मेमोरी दिग्गज कंपनी SK Hynix ने अप्रैल-जून तिमाही में अपने परिचालन लाभ में 557% की भारी उछाल दर्ज की, जो 60.54 ट्रिलियन वॉन (41.62 अरब डॉलर) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया । यह किसी भी ऐतिहासिक मानक से एक असाधारण आंकड़ा है। लेकिन बाजार के विश्लेषकों को लगभग 64 ट्रिलियन वॉन के मुनाफे की उम्मीद थी, और इस उम्मीद से चूकने के कारण सियोल में SK Hynix के शेयर 10–19% तक गिर गए ।
यह पैटर्न जुलाई की शुरुआत में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ भी दोहराया गया था। सैमसंग ने एनवीडिया और एप्पल को भी पीछे छोड़ते हुए शानदार मुनाफा कमाया था, फिर भी 'उच्च AI बार' को पूरा न कर पाने पर उसके शेयर 8% गिर गए । संदेश साफ था: AI चिप स्टॉक्स की कीमत पूर्ण निष्पादन (flawless execution) के लिए लगाई गई थी। 'अच्छा लेकिन परफेक्ट नहीं' (good but not perfect) अब काम नहीं करता ।
28 जुलाई को AMD ने कोर साइंटिफिक के साथ एक बड़े समझौते की घोषणा की, जिसके तहत उसे 500 मेगावाट डाटा-सेंटर क्षमता मिलेगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 2.5 गीगावाट किया जा सकता है । इस डील के तहत AMD के चिप्स इन सुविधाओं में अंतिम ग्राहकों के लिए लगाए जाएंगे। यह AI बुनियादी ढांचे की बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक कदम प्रतीत हो रहा था।
लेकिन निवेशकों को आश्वस्त करने के बजाय, इस डील ने 'सर्कुलर फाइनेंसिंग' (गोलाकार वित्तपोषण) के डर को और बढ़ा दिया, जहां चिप निर्माता अपनी खुद की मांग पैदा करने के लिए भारी खर्च कर रहे हैं । वेडबश ने कहा कि यह व्यवस्था "एक शर्त के साथ आती है" (comes with a catch) । इस बिकवाली के दौरान AMD का स्टॉक 5.7% गिर गया ।
यह बिकवाली AI बुनियादी ढांचे पर हो रहे खर्च के पुनर्मूल्यांकन का हिस्सा थी। निवेशक यह सवाल पूछने लगे कि क्या टेक दिग्गजों (हाइपरस्केलर्स) का यह भारी पूंजीगत व्यय (capex) स्थायी रिटर्न दे पाएगा ।
खबरें आईं कि एनवीडिया OpenAI के एक डाटा-सेंटर प्रोजेक्ट में लगभग 250 अरब डॉलर का निवेश करने की बातचीत कर रही है, जिसने 'क्या हम ओवरबिल्डिंग कर रहे हैं?' (are we overbuilding?) की चिंता को और हवा दी । एनवीडिया के 750 अरब डॉलर के AI इंफ्रास्ट्रक्चर डील ने AI से जुड़े कर्ज के स्तर को लेकर चिंता बढ़ा दी । मॉर्निंगस्टार के मुख्य इक्विटी रणनीतिकार माइकल फील्ड ने कहा कि यह बिकवाली बुनियादी बातों के बजाय भावनाओं से प्रेरित 'विश्वास की कमी' (loss of confidence) है ।
एक साथ कई रिपोर्टों ने भारत में निवेशकों का ध्यान चीन की तेज चिप निर्माण प्रगति की ओर खींचा, जिसने बाजार की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया:
इन घटनाक्रमों से डर पैदा हो गया कि चीन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में चिप्स की बाढ़ ला सकता है और दक्षिण कोरियाई एवं अमेरिकी निर्माताओं के मार्जिन को कम कर सकता है । एशियाई सेमीकंडक्टर शेयरों का ब्लूमबर्ग गेज मंगलवार को 7.5% तक गिर गया ।
फेड की दो दिवसीय बैठक बुधवार, 29 जुलाई को समाप्त हुई, जिसका फैसला दोपहर में घोषित किया गया । बाजारों ने ब्याज दरों में 30% बढ़ोतरी की संभावना जताई थी, क्योंकि बढ़ती तेल की कीमतों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को तेज कर दिया था । ईरान से जुड़ी लड़ाई के कारण तेल की कीमतों में लगभग 8% की छलांग लगी थी ।
फेड ने अंततः ब्याज दरों को 3.50–3.75% पर ही रखा, लेकिन फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के तीन सदस्यों ने एक चौथाई प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया। यह एक आक्रामक (हॉकिश) आश्चर्य था, जिसने जोखिम उठाने की क्षमता (risk appetite) को कम कर दिया । घोषणा से पहले की अनिश्चितता ने बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया ।
29 जुलाई को हुई यह बिकवाली कई कारकों के एक साथ आने का नतीजा थी: AI शेयरों के लिए वो पल आ गया था जब उन्हें साबित करना था कि वे इस कीमत के लायक हैं, और रिकॉर्ड मुनाफा भी काफी नहीं था; चीन एक विश्वसनीय प्रतिस्पर्धी के रूप में उभरा; फेड ने एक आक्रामक रुख दिखाया; और सकारात्मक खबरों (AMD के डील) को भी जोखिम संकेत के रूप में देखा गया। जैसा कि एक विश्लेषक ने कहा, "सीधे शब्दों में कहें तो, यह विश्वास की कमी है" ।
नोट: यह लेख 29 जुलाई, 2026 की घटनाओं पर आधारित है।