शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अकेले इसी क्षेत्र में 20,000 से 30,000 तक प्राचीन संरचनाएँ मौजूद हो सकती हैं ।
इस सभ्यता की चरम आबादी का अनुमान लगभग 30 लाख (3 मिलियन) लगाया गया है, जो लगभग 200 ईस्वी के आसपास थी । यह सभ्यता लगभग 600 ईसा पूर्व से 850 ईस्वी तक फली-फूली और इसका विस्तार आधुनिक सीरिया देश के आकार के बराबर था । शोधकर्ताओं के अनुसार, यह एक प्रकार का 'निम्न-घनत्व वाला शहरीकरण' (low-density urbanism) था, जहाँ सड़कों और संरचनाओं के नेटवर्क से जुड़ी बस्तियाँ थीं ।
Aquiry लोगों ने पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाकर खेती की एक उन्नत प्रणाली विकसित की थी:
ये विशाल भू-आकृतियाँ न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उद्देश्यों के लिए, बल्कि जल प्रबंधन, क्षेत्रीय सीमा निर्धारण और संभवतः रक्षा के लिए भी उपयोग की जाती थीं ।
यह खोज अमेज़न को एक 'अछूता' या 'प्राचीन' जंगल मानने की लंबे समय से चली आ रही धारणा को पूरी तरह से गलत साबित करती है । यह दर्शाती है कि यूरोपीय लोगों के आगमन से पहले ही अमेज़न में लाखों लोग रहते थे और उन्होंने बड़े पैमाने पर पर्यावरण को ढाला था ।
एक शोधकर्ता के अनुसार, इस खोज ने "क्षेत्र के प्रागैतिहासिक काल के बारे में [उनकी] समझ को पूरी तरह से बदल दिया" । Aquiry सभ्यता ने न केवल जंगल के अनुकूल खुद को ढाला, बल्कि उन्होंने भारी पैमाने पर परिदृश्य को इंजीनियर किया, जिसके निशान आज भी आधुनिक वनस्पति में देखे जा सकते हैं ।
यह अध्ययन समकालीन संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्वदेशी भूमि दावों का समर्थन करता है और इस कथा को चुनौती देता है कि अमेज़न उपनिवेशवाद से पहले एक खाली जंगल था ।