बाजारों के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष में अचानक आई नरमी थी। अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान पर हमले रोक दिए। ईरान ने भी कहा कि अगर अमेरिका कार्रवाई से दूर रहता है, तो वह शत्रुता रोकने को तैयार है। इस घटनाक्रम को Reuters ने “नाजुक युद्धविराम” बताया ।
इस खबर का सबसे तत्काल असर कच्चे तेल पर पड़ा। संघर्ष के कारण कीमतों में शामिल हुआ युद्ध-जोखिम प्रीमियम तेजी से घटा और Brent crude लगभग 4% गिरकर 92.80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया । कुछ शुरुआती कारोबारी रिपोर्टों में Brent और अमेरिकी WTI में इससे भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई ।
कम तेल कीमतों और मध्य-पूर्व में बड़े संघर्ष का जोखिम घटने से शेयर बाजारों में खरीदारी बढ़ी।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत Mike Waltz के अनुसार, राष्ट्रपति Donald Trump ने कूटनीतिक रास्ता तलाशने के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया था । फिर भी बाजार को पता था कि यह समझौता स्थायी नहीं है। हूतियों ने सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हमला किया और यूक्रेन ने ईरान से जुड़े एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया । इसके बावजूद 27 जुलाई की प्रमुख बाजार-कहानी राहत और तनाव कम होने की ही रही।
अगले दिन बाजार का मूड तेजी से बदल गया। व्यापक राहत रैली की जगह वैश्विक सेमीकंडक्टर बिकवाली ने ले ली। iShares Semiconductor ETF (SOXX) शुरुआती कारोबार से पहले 3% से अधिक गिरा, जबकि Nasdaq वायदा नकारात्मक क्षेत्र में चला गया । Nvidia के शेयर लगभग 5% टूटे और एशियाई चिप बाजारों में दबाव और तेज रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI तीन महीने के निचले स्तर तक गिर गया ।
इस बिकवाली के पीछे कई चिंताएं एक साथ काम कर रही थीं:
इसका नतीजा बाजारों में साफ विभाजन के रूप में सामने आया। कम तेल कीमतों से औद्योगिक और अन्य गैर-टेक कंपनियों को कुछ सहारा मिला, इसलिए Dow अपेक्षाकृत मजबूत रहा। इसके उलट Nasdaq और एशियाई बाजार, जिनमें बड़ी चिप कंपनियों का भार अधिक है, दबाव में आ गए । यह पूरी तरह बाजार-व्यापी घबराहट नहीं, बल्कि टेक से दूसरे सेक्टरों की ओर पूंजी के घूमने जैसा दिखा—लेकिन इससे AI ट्रेड की कमजोरी जरूर उजागर हुई।
27–28 जुलाई का घटनाक्रम अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों के बीच संबंध समझने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण था। युद्धविराम कायम रहने की उम्मीद से मंगलवार को भी तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही और Brent करीब 87 डॉलर की ओर बढ़ा ।
लेकिन तेल सस्ता होने के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बड़ी गिरावट नहीं आई। इसका संकेत यह था कि बाजार तेल की गिरावट को इतना बड़ा मुद्रास्फीति-रोधी कारक नहीं मान रहा था कि फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी उम्मीदें बदल जाएं ।
अमेरिकी डॉलर भी broadly कमजोर रहा। इसमें भू-राजनीतिक जोखिम घटने के बाद निवेशकों की पोजिशनिंग और फेड के ब्याज दर फैसले से पहले की सावधानी, दोनों की भूमिका थी ।
एशियाई बाजारों पर चिप शेयरों की बिकवाली का असर सबसे ज्यादा पड़ा। इसके मुकाबले अमेरिका और यूरोप के बाजारों को कम तेल कीमतों से टेक के बाहर के सेक्टरों में कुछ राहत मिली । Dow का ऊपर रहना और Nasdaq का गिरना बताता है कि बाजार में सेक्टर रोटेशन हुआ, लेकिन यह भी स्पष्ट हुआ कि तकनीकी क्षेत्र पूंजीगत खर्च में थकान के प्रति बेहद संवेदनशील है।
इस अस्थिर माहौल के बीच 29 जुलाई की Federal Reserve बैठक बाजार के लिए बड़ा जोखिम बनी हुई थी। कई रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेडर अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की 38% संभावना को कीमतों में शामिल कर रहे थे । यह अनुमान असामान्य रूप से ऊंचा था, क्योंकि कई निवेशक फेड से अपेक्षाकृत धैर्यपूर्ण रुख की उम्मीद कर रहे थे। Saxo Bank ने बैठक को “लाइव” बताया—यानी दरों पर अप्रत्याशित फैसला आने की गुंजाइश को बाजार गंभीरता से ले रहा था ।
ब्याज दर बढ़ने का जोखिम खासतौर पर ग्रोथ और टेक शेयरों के लिए नकारात्मक होता है। ऊंची दरों पर भविष्य की कमाई का वर्तमान मूल्य घटता है और बड़े, लंबे समय वाले AI प्रोजेक्ट्स की फंडिंग महंगी हो सकती है। इसलिए फेड की सख्त भाषा या अप्रत्याशित दर बढ़ोतरी चिप शेयरों पर दबाव और बढ़ा सकती थी।
आर्थिक पृष्ठभूमि भी पूरी तरह मजबूत नहीं थी। इस अवधि से पहले S&P 500 और Nasdaq लगातार दो सप्ताह गिर चुके थे । दूसरी तिमाही के नतीजों का सीजन कुछ सेक्टरों में अच्छा शुरू हुआ, लेकिन चिप शेयर पहले से ही कमजोरी का सामना कर रहे थे । AI निवेश को लेकर मूल सवाल अब यह था: क्या चिप्स और डेटा सेंटर पर खरबों डॉलर का खर्च पर्याप्त रिटर्न देगा, या बाजार ने इस थीम में जरूरत से ज्यादा निवेश कर दिया है?
27–31 जुलाई का सप्ताह 2026 के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण कारोबारी हफ्तों में गिना जा रहा था। एक ओर फेड का ब्याज दर फैसला था, तो दूसरी ओर उन दिग्गज टेक कंपनियों के तिमाही नतीजे आने थे जिनका खर्च पूरे AI निवेश चक्र का आधार माना जा रहा था ।
मुख्य घटनाएं थीं:
बाजार के सामने मूल टकराव साफ था। अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी और कम तेल कीमतें व्यापक अर्थव्यवस्था तथा गैर-टेक सेक्टरों के लिए सकारात्मक थीं। लेकिन AI पूंजीगत खर्च में संभावित थकान, चीनी प्रतिस्पर्धा और सख्त फेड की आशंका ने उसी टेक और चिप सेक्टर को चोट पहुंचाई, जिसने साल की तेजी का नेतृत्व किया था।
अब Big Tech की कमाई और फेड का फैसला यह तय करने वाले थे कि चिप शेयरों की गिरावट केवल सेक्टर रोटेशन और अस्थायी सुधार है, या AI-केंद्रित तेजी के बड़े उलटफेर की शुरुआत ।