फरवरी 2026 में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से एक ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ कार्यक्रम को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि ये टैरिफ 1977 के कानून के तहत राष्ट्रपति की शक्तियों से परे थे और असंवैधानिक थे । इस फैसले ने उन आयातकों के लिए दरवाजे खोल दिए जिन्होंने पहले से ये शुल्क चुका दिए थे, ताकि वे अपने पैसे वापस मांग सकें। इसके बाद, कंपनियों की कतार लग गई और उन्होंने अरबों डॉलर के टैरिफ भुगतान को वापस पाने के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया
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स्पष्ट है कि इन दोनों कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों में टैरिफ रिफंड ने परिचालन से अलग एक मजबूत गैर-परिचालन बढ़त (non-operational lift) प्रदान की, जिससे वे विश्लेषकों के पूर्वानुमानों को आसानी से पार कर गईं।