समस्या यह है कि उत्पादन क्षमता असीमित नहीं है। AI सर्वरों के लिए अधिक चिप निर्माण क्षमता आवंटित होने से PC, स्मार्टफोन और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाली सामान्य DRAM और NAND मेमोरी की सप्लाई पर दबाव पड़ रहा है ।
Samsung और SK Hynix दोनों ने संकेत दिया है कि पारंपरिक मेमोरी की तंग सप्लाई कंप्यूटर और स्मार्टफोन निर्माताओं के लिए बड़ी चुनौती बन रही है ।
Galaxy AI को लेकर Samsung की रणनीति दो स्तरों वाली नजर आती है।
Samsung ने जनवरी 2026 में अपने नियमों की भाषा बदलकर यह स्पष्ट किया कि Samsung द्वारा दिए जाने वाले Galaxy AI के बेसिक फीचर्स मुफ्त हैं। यह पहले इस्तेमाल की जाने वाली “2025 तक मुफ्त” वाली शर्त से अलग है । Samsung की ओर से यह भी कहा गया है कि ऐसे बेसिक फीचर्स कुल उपयोग का लगभग 90% हिस्सा हैं ।
हालांकि, “बेसिक” श्रेणी से बाहर आने वाले भविष्य के उन्नत फीचर्स और थर्ड-पार्टी AI सेवाओं पर अलग शर्तें लागू हो सकती हैं ।
JB Park ने बताया कि जिन यूजर्स को ज्यादा AI प्रोसेसिंग की जरूरत होगी, वे पेड Pro टियर चुन सकते हैं। उन्नत AI टूल्स या पार्टनर कंपनियों की सेवाओं के लिए शुल्क लिया जा सकता है ।
Samsung का संभावित लंबी अवधि वाला मॉडल यह है कि उसका अपना बेसिक Galaxy AI अनुभव व्यापक यूजर बेस के लिए सुलभ रहे, जबकि ज्यादा शक्तिशाली या क्लाउड-आधारित सुविधाओं से कमाई की जाए। इसके लिए क्लाउड पार्टनर्स के साथ सब्सक्रिप्शन मॉडल पर निर्भरता बढ़ सकती है ।
मेमोरी चिप की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग पर पड़ सकता है। Samsung ने संकेत दिया है कि 2026 में चिप की कमी से उद्योग-व्यापी कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और उसकी अपनी बड़ी उत्पादन क्षमता भी कंपनी को इस असर से पूरी तरह नहीं बचा सकती ।
इसका मतलब यह हो सकता है कि स्मार्टफोन, PC और अन्य डिवाइस बनाने वाली कंपनियों को बढ़ी हुई मेमोरी लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना पड़े। Samsung के मोबाइल कारोबार ने 2026 को पहले ही चुनौतीपूर्ण वर्ष बताया है और मेमोरी कीमतों के कारण स्मार्टफोन बाजार के अनुमानों पर दबाव पड़ने की बात कही है ।
Samsung और SK Hynix दोनों उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े निवेश कर रहे हैं। लेकिन नई फैक्ट्री और उत्पादन लाइनें तुरंत तैयार नहीं होतीं। इसलिए Park का आकलन है कि ये निवेश सप्लाई गैप को कम करने में मदद करेंगे, मगर आने वाले वर्षों तक इसे पूरी तरह खत्म नहीं कर पाएंगे ।
सप्लाई को स्थिर करने के लिए Samsung तिमाही या सालाना समझौतों की जगह तीन से पांच साल तक के बहुवर्षीय मेमोरी अनुबंधों पर भी विचार कर रहा है। इससे ग्राहकों को लंबे समय की सप्लाई का भरोसा मिल सकता है ।
AI चिप की मजबूत मांग ने Samsung के कारोबार को बड़ा फायदा पहुंचाया है। कंपनी का चौथी तिमाही 2025 का ऑपरेटिंग प्रॉफिट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और तीन गुना से अधिक बढ़ा ।
फिर भी यही AI बूम सप्लाई और मांग के बीच असंतुलन को बढ़ा रहा है। HBM जैसी उन्नत मेमोरी के साथ-साथ सामान्य DRAM और NAND की उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है। इसलिए Samsung के संदेश का सार यह है: AI कारोबार के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन इसकी वजह से चिप सप्लाई, कीमतों और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में अनिश्चितता कई वर्षों तक बनी रह सकती है।