चीन से बढ़ती चुनौती: द इंफॉर्मेशन की एक रिपोर्ट में सामने आया कि एक चीनी सरकारी कंपनी ने इमर्शन डीप अल्ट्रावॉयलेट (DUV) लिथोग्राफी मशीनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। ये मशीनें चिप बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं और अब तक इन पर डच कंपनी ASML का एकाधिकार था ।
AI पर खर्च को लेकर संशय: निवेशकों को डर सताने लगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहा भारी-भरकम खर्च कहीं बेकार तो नहीं है। Nvidia के 750 अरब डॉलर से अधिक के नए सौदों ने 'सर्कुलर फंडिंग' यानी इस बात पर सवाल खड़े कर दिए कि क्या यह खर्च टिकाऊ है ।
इसका नतीजा यह हुआ कि TSMC, Samsung और SK Hynix जैसी एशियाई चिप कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। ASML के ADR में 8.5% और Nvidia में 5% की गिरावट आई । लेकिन यूरोप के STOXX 600 इंडेक्स में टेक शेयरों का वजन 5% से भी कम है, इसलिए यूरोप पर इसका असर सीमित रहा ।
यूरोपीय शेयर बाजार को ऊपर उठाने वाला सबसे बड़ा कारण था यूनिलीवर का धमाकेदार नतीजा। कंज्यूमर गुड्स की इस दिग्गज कंपनी का शेयर 6.8% तक चढ़ गया - जो 2022 के बाद का सबसे बड़ा एक दिवसीय लाभ है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में बिक्री वृद्धि के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया, जो ऊंची मात्रा और कीमतों दोनों से संभव हुआ । यूनिलीवर की 2026 की पहली तिमाही में अंतर्निहित बिक्री वृद्धि 3.8% और वॉल्यूम वृद्धि 2.9% रही ।
यूनिलीवर के शानदार प्रदर्शन ने पूरे कंज्यूमर-स्टेपल्स सेक्टर को मजबूती दी। लक्जरी और कंज्यूमर-फोकस्ड स्टॉक्स में भी कमाई की उम्मीद से तेजी देखी गई ।
मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 1% और गिरावट आई, जो एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह यह थी कि अमेरिका और ईरान ने सैन्य हमले रोक दिए और 'अच्छी बातचीत' शुरू कर दी, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए शिपिंग सामान्य होने की उम्मीद जगी । सोमवार को ही ब्रेंट क्रूड लगभग 7.5% गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल के मध्य स्तर पर आ गया था । यूरोप जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं और कंज्यूमर कंपनियों के लिए कम ऊर्जा लागत बहुत बड़ी राहत है, जिसने टेक सेक्टर की गिरावट के असर को कम करने में मदद की ।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा उसी सप्ताह ब्याज दर बढ़ाए जाने की बढ़ती संभावना ने पूरी दुनिया में रिस्क-ऑफ माहौल बना दिया था और ग्रोथ स्टॉक्स पर दबाव डाला, खासकर एशिया में । लेकिन यूरोप पर इसका असर कम रहा। कम तेल कीमतों ने महंगाई का दबाव कम किया, और यूरोपीय बाजार पहले ही केंद्रीय बैंकों के सतर्क रुख को भांप चुके थे ।
जब दुनिया भर में टेक स्टॉक्स पर दबाव था, यूरोपीय निवेशकों ने अपना पैसा कंज्यूमर, लक्जरी और डिफेंसिव स्टॉक्स में लगाना शुरू कर दिया। STOXX 600 इंडेक्स मिड-सत्र में लगभग 0.3% बढ़कर 646.75 पर पहुंच गया, जो लगातार तीसरे दिन की तेजी थी । पर्सनल केयर, ड्रग और ग्रोसरी इंडेक्स ने स्टॉक्स बेंचमार्क में सेक्टरल बढ़त का नेतृत्व किया, जो 2.7% ऊपर था ।
यूरोप के बाजार में टेक शेयरों का कम वजन, यूनिलीवर जैसी दिग्गज कंपनियों से मजबूत कमाई, और गिरते तेल की कीमतों की संजीवनी ने मिलकर एक ऐसा बफर तैयार किया जिसने यूरोपीय बाजार को हरे निशान पर बने रहने में मदद की। वहीं, एशिया को चिप और AI-चिंता की भारी बिकवाली का पूरा झटका सहना पड़ा। यह घटना साफ दिखाती है कि अलग-अलग बाजारों की संरचना और सेक्टर रोटेशन कैसे एक वैश्विक गिरावट के दौरान भी नाटकीय रूप से भिन्न नतीजे दे सकते हैं।