इस भूकंप में कम से कम 50 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है । जापान के सार्वजनिक प्रसारक NHK के अनुसार, 12 मकान पूरी तरह ढह गए, जिसमें चार लोग मलबे में दब गए थे । एक शॉपिंग मॉल का एक हिस्सा ढह गया, जिसमें कई लोग फंस गए । अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों के मृत होने की आशंका है, हालांकि मंगलवार शाम तक मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई थी ।
भूकंप के झटके इतने शक्तिशाली थे कि सड़कें फट गईं और राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गए । कई घर ढह गए और भूकंप के केंद्र के पास आग लगने की भी घटनाएं हुईं । शॉपिंग मॉल के आंशिक रूप से ढहने के बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है । प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने पुष्टि की कि चोटों, बिजली कटौती, आग और सड़कों, पुलों तथा इमारतों को नुकसान पहुंचने की सूचना है ।
भूकंग के कारण पूरे क्षेत्र में लगभग 45,000 घरों की बिजली गुल हो गई । क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के अनुसार, शुरुआत में हज़ारों घरों की बिजली सेवा ठप हो गई थी ।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने अरियाके सागर और यत्सुशिरो सागर के तटीय इलाकों (कुमामोटो, नागासाकी, फुकुओका और सागा प्रान्त) के लिए सुनामी चेतावनी जारी की, जिसमें 1 मीटर (3.3 फीट) तक की लहरें उठने का अनुमान लगाया गया था । हालांकि, कोई बड़ी सुनामी नहीं आई और यह चेतावनी करीब दो घंटे में वापस ले ली गई । अमेरिकी प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने भी स्पष्ट किया कि स्थानीय तटों से परे सुनामी का कोई खतरा नहीं था ।
अच्छी खबर यह रही कि भूकंप के केंद्र से लगभग 100 किमी दूर स्थित कागोशिमा प्रान्त के सेन्डाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कोई असामान्यता नहीं पाई गई और यह सामान्य रूप से संचालित होता रहा । अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की कि जापान के परमाणु नियामक प्राधिकरण ने उन्हें सूचित किया है कि संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और कोई सुरक्षा मुद्दा नहीं है । सागा प्रान्त के गेंकाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र में भी कोई समस्या नहीं बताई गई । क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर ने कहा कि दोनों संयंत्रों के आसपास विकिरण का स्तर अपरिवर्तित रहा ।
भूकंप के बाद कुमामोटो हवाई अड्डे का रनवे बंद कर दिया गया, जिससे एयरलाइनों को उड़ानें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ीं । पूरे क्यूशू में रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं; सुरक्षा जांच के लिए बुलेट ट्रेन (शिंकानसेन) और स्थानीय ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया । राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गए और कई इलाकों में सड़कें बंद कर दी गईं ।
यह 2026 का भूकंप उसी हिनागु-फुटागावा फॉल्ट ज़ोन में आया, जिसने 2016 में जानलेवा कुमामोटो भूकंप को जन्म दिया था । 2016 में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप (Mj 7.3) ने इसी उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा वाली दरार प्रणाली के साथ लगभग 40 किमी लंबी सतही दरार पैदा की थी । USGS ने बताया कि 2026 का भूकंप भी उथले स्ट्राइक-स्लिप फाल्टिंग का परिणाम था, जो 2016 की घटना के अनुरूप है । जापान की भूकंप अनुसंधान समिति 2016 से ही हिनागु और फुटागावा फॉल्ट ज़ोन में हो रही भूकंपीय गतिविधियों पर नज़र रख रही थी, यह दर्शाता है कि यह क्षेत्र पिछले एक दशक में भूकंपीय रूप से सक्रिय बना हुआ है । गौरतलब है कि 2016 में 14 और 16 अप्रैल को 28 घंटे के अंतराल में आए भूकंपों की श्रृंखला में जापानी कैबिनेट कार्यालय के अनुसार 228 लोगों की जान गई थी ।