संक्षेप में, 28 जुलाई का हमला मास्को पर लगभग 400 ड्रोनों के साथ एक बड़ा हमला था, जिसने औद्योगिक आग लगा दी और राजधानी के हवाई अड्डों पर उड़ानें ठप कर दीं। इस हमले ने उसी दिन जब ज़ेलेंस्की ट्रंप के साथ अमेरिकी सैन्य सहायता पर अहम बातचीत कर रहे थे, यूक्रेन की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता का स्पष्ट संकेत दिया।