हालिया प्रगति का दावा। ईरान ने 26 जुलाई, 2026 को दावा किया कि जलडमरूमध्य प्रबंधन पर ओमान के साथ बातचीत में प्रगति हुई है, भले ही अमेरिका ने ईरान पर हमले फिर से शुरू कर दिए थे । हालांकि, ईरान ने अब तक ओमान के क्षेत्रीय संघ प्रस्ताव का विरोध किया है ।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी। 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा संयुक्त हवाई अभियान शुरू किया, जिसका कोडनेम 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई मारे गए, जिसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों पर सैकड़ों मिसाइलें दागीं ।
जलडमरूमध्य का बंद होना। जवाबी कार्रवाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने तुरंत जलडमरूमध्य को अनधिकृत यातायात के लिए बंद कर दिया ।
अप्रैल में पूर्ण बंदी। 18 अप्रैल, 2026 को, अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लगाने के बाद, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर दिया और जहाजों पर गोलीबारी शुरू कर दी ।
युद्धविराम की विफलता। जुलाई 2026 की शुरुआत में एक संक्षिप्त युद्धविराम तब टूट गया जब ईरान ने जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया । अमेरिका ने 14 जुलाई को अपनी नौसैनिक नाकाबंदी फिर से शुरू कर दी और ईरान पर कई हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान में ठिकानों पर हमला किया ।
फरवरी 2026 की वार्ता। ओमान ने 6 फरवरी और फिर 26 फरवरी को मस्कट में अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता कराई, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित थी। दोनों दौर बिना किसी समझौते के समाप्त हो गए; राजनयिक अपनी-अपनी राजधानियों को लौट गए ।
परमाणु प्रगति - फिर पतन। 28 फरवरी को, ओमान के विदेश मंत्री ने घोषणा की कि ईरान संवर्धित यूरेनियम जमा नहीं करने पर सहमत हो गया है, और शांति को "पहुंच के भीतर" बताया । लेकिन कुछ ही घंटों बाद, अमेरिकी-इज़राइली हवाई युद्ध शुरू हो गया, जिसने कूटनीतिक प्रयासों को खत्म कर दिया।
ओमान की मध्यस्थता खत्म। जून 2026 तक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ओमान को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका से हटा दिया गया है ।
प्रस्ताव क्या है? ओमान ने ईरान के सामने जलडमरूमध्य के सामूहिक प्रबंधन के लिए एक संयुक्त क्षेत्रीय तंत्र (कंसोर्टियम) का प्रस्ताव रखा है । इस योजना के तहत, ईरान का जलमार्ग पर एकमात्र नियंत्रण नहीं होगा । यह प्रस्ताव मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) पर आधारित है, जहां शिपिंग कंपनियां नेविगेशन, पर्यावरण संरक्षण और खोज-बचाव कार्यों के लिए स्वेच्छा से धन का योगदान करती हैं ।
स्वैच्छिक शुल्क और दोहरे गलियारे। संघ समुद्री सुरक्षा, खोज-बचाव कार्यों और क्षेत्रीय सहयोग के अन्य रूपों की देखरेख करेगा। भागीदारी और भुगतान स्वैच्छिक होंगे । ओमान ने एक अलग दो-मार्ग शिपिंग गलियारा योजना भी पेश की, जिसमें एक दक्षिणी गलियारा (ओमानी जल में, युद्ध-पूर्व स्थितियों के समान) और एक उत्तरी गलियारा (ईरानी जल में, अलग नियमों के साथ) होगा ।
ईरान की प्रतिक्रिया। ईरान ने अब तक इस संघ मॉडल का विरोध किया है क्योंकि यह ईरान के एकतरफा अधिकार को कमजोर करता है । ईरान एक सख्ती से द्विपक्षीय ईरान-ओमान व्यवस्था पसंद करता है जहां वह शुल्क वसूली का नेतृत्व करे और अनिवार्य भुगतान पर जोर दे ।
जलडमरूमध्य अनधिकृत वाणिज्यिक जहाजों के लिए काफी हद तक बंद है, अमेरिकी नाकाबंदी सक्रिय है, समय-समय पर हवाई हमले जारी हैं, और ईरान-ओमान वार्ता चल रही है लेकिन मूल प्रश्न पर अटकी हुई है कि प्रबंधन द्विपक्षीय होगा (ईरान की पसंद) या क्षेत्रीय संघ (ओमान का प्रस्ताव)। कोई व्यापक युद्धविराम या जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समझौता लागू नहीं है।