मैक्वेरी ने स्पष्ट रूप से इस जल्दबाजी को अमेरिकी राजनीतिक कैलेंडर से जोड़ा है। वाशिंगटन पर मध्यावधि चुनाव (midterm elections) में सिर्फ 100 दिन से भी कम समय बचा होने के कारण ईरान संघर्ष को खत्म करने का भारी दबाव है । चुनाव से पहले पेट्रोल की कीमतों को कम करना प्रशासन के लिए एक बड़ी प्राथमिकता है ।
| पूर्वानुमान | मैक्वेरी (24 जून) | मॉर्गन स्टेनली (30 जून) |
|---|---|---|
| ब्रेंट 2026 औसत | $77/बैरल | — |
| ब्रेंट 2027 औसत | $64/बैरल | $70–$75/बैरल H1-H2 2027 |
| ब्रेंट 2026 Q3 | — | $75/बैरल |
| ब्रेंट 2026 Q4 | — | $80/बैरल |
23-24 जून 2026 को मैक्वेरी ने अपने ब्रेंट क्रूड के पूर्वानुमानों में भारी कटौती की। उसने अनुमान लगाया कि अमेरिका-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की आपूर्ति तेजी से बहाल हो जाएगी । कंपनी ने 2026 के लिए ब्रेंट का औसत मूल्य 77 डॉलर प्रति बैरल और 2027 के लिए 64 डॉलर प्रति बैरल रखा, जो पिछले अनुमानों क्रमशः 89 डॉलर और 74 डॉलर से काफी कम है । यह मैक्वेरी के मार्च 2026 के सबसे खराब स्थिति वाले परिदृश्य (worst-case scenario) के बिल्कुल विपरीत है, जब उसने चेतावनी दी थी कि अगर युद्ध और होर्मुज की बंदी जून तक बढ़ी तो तेल 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है ।
मॉर्गन स्टेनली के पूर्वानुमानों में भी इसी तरह की तेजी से कटौती देखी गई:
बाजार पहले ही तनाव कम होने की स्थिति को काफी हद तक मूल्य (price in) कर चुका है:
17 जून 2026 को एक 60-दिवसीय युद्धविराम के लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें स्थायी शांति के लिए 60 दिनों की बातचीत की खिड़की तय की गई थी । इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य 30 दिनों के भीतर पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर देगा । हालांकि, यह युद्धविराम "हमेशा से नाजुक था" और अक्सर छोटी-मोटी झड़पों से बाधित होता रहा । जुलाई की शुरुआत में, शत्रुता फिर से बढ़ गई, जिसने युद्धविराम को प्रभावी रूप से खत्म कर दिया ।
25-26 जुलाई 2026 के सप्ताहांत में एक नया ठहराव आया, जब अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के नए हमलों के बाद हमलों को रोक दिया। इससे एक बार फिर कूटनीतिक समाधान की उम्मीद जगी । मैक्वेरी का मानना है कि एक अंतिम समझौता निकट है - "हफ्तों दूर, महीनों नहीं" । बातचीत जारी है; मूल MOU का 60-दिवसीय ढांचा तकनीकी रूप से अभी भी जारी है ।
युद्धविराम अभी भी नाजुक है। 17 जून 2026 को, ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता है तो एक संभावित बमबारी अभियान चलाया जा सकता है , जो उच्च तनाव को रेखांकित करता है। ईरान ने पहले अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से इनकार किया था , और यह समझौता स्विट्जरलैंड में चल रही परमाणु वार्ता पर निर्भर है । इन वार्ताओं में किसी भी तरह की विफलता युद्धविराम को तोड़ सकती है और संघर्ष को फिर से बढ़ा सकती है, जिससे आपूर्ति अधिशेष का दृष्टिकोण उलट सकता है ।