इज़राइली सैन्य अधिकारियों के अनुसार, जिन बंदियों को रिहा किया गया, वे युद्ध के दौरान पकड़े गए थे और उन्हें 'आतंकवादी' नहीं माना जाता । इससे पहले भी इज़राइल समय-समय पर छोटे समूहों (10-20 बंदी) में रिहाई करता रहा है, लेकिन 28 जुलाई की रिहाई अपने पैमाने के कारण खास है ।
रिहा किए गए कई बंदी बुरी तरह से कमज़ोर और घायल अवस्था में नासिर अस्पताल पहुँचे। उनमें से कुछ व्हीलचेयर पर थे और पत्रकारों ने उनके शरीर पर चोटों के साफ़ निशान देखे ।
रिहा हुए बंदियों ने इज़राइली जेलों में अपने साथ हुए व्यवहार के बारे में गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें पिटाई, भूखा रखना और एकांत कारावास शामिल हैं । ये आरोप कोई नई बात नहीं हैं। हाल के महीनों में दुर्व्यवहार के कई मामले सामने आए हैं:
हाल ही में, बंदी और पूर्व बंदी मामलों के आयोग ने कहा कि इज़राइल के नक़ाब जेल में रहने और स्वास्थ्य की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, जहाँ चिकित्सा उपेक्षा, खराब खाना और शारीरिक-मानसिक शोषण आम बात है ।
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद से ICRC को इज़राइली हिरासत में किसी भी फ़िलिस्तीनी बंदी से मिलने की अनुमति नहीं मिली है। इज़राइल के सुप्रीम कोर्ट ने ICRC की जेल यात्राओं पर लगी रोक को बरकरार रखा, जिसका कारण बंधकों (होस्टेज) की स्थिति से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को बताया गया ।
28 जुलाई को हुई रिहाई से जुड़े दुर्व्यवहार के विशिष्ट आरोपों पर इज़राइल की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इज़राइल जेल सेवा आम तौर पर इस तरह के आरोपों से इनकार करती रही है। जुलाई 2026 की शुरुआत में वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के जवाब में, सेवा ने दावों को "झूठा, पुराना और पूरी तरह से तथ्यहीन" बताया था । इज़राइली अधिकारियों का कहना है कि वे कानून के अनुसार बंदियों के साथ व्यवहार करते हैं।
अक्टूबर 2025 का संघर्ष विराम समझौता, जो अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ था, इज़राइल और हमास के बीच दो साल के युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम था। समझौते के पहले चरण में, हमास ने सभी जीवित इज़राइली बंधकों को रिहा किया, जबकि इज़राइल ने बड़ी संख्या में फ़िलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को आज़ाद किया ।
इस शुरुआती आदान-प्रदान में इज़राइल ने लगभग 1,700 से 2,000 फ़िलिस्तीनी बंदियों को रिहा किया था, जिनमें से अधिकांश युद्ध के दौरान पकड़े गए गाज़ा के निवासी थे । उसके बाद 2025 और 2026 के दौरान छोटे पैमाने पर रिहाई जारी रही:
जुलाई 2026 तक, फ़िलिस्तीनी प्रिज़नर सोसाइटी के अनुसार, 1,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी अभी भी इज़राइली प्रशासनिक हिरासत में हैं, जिनमें से कई पर कोई औपचारिक आरोप भी नहीं हैं । हमास ने बार-बार कहा है कि जब तक इज़राइल फ़िलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता, तब तक संघर्ष विराम की अगली वार्ता संभव नहीं है । 28 जुलाई की रिहाई, भले ही अक्टूबर के बाद सबसे बड़ी है, लेकिन यह संघर्ष विराम के अगले चरणों पर रुकी हुई बातचीत की पृष्ठभूमि में हुई है ।