27 जुलाई 2026 को अमेरिका ईरान युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, ब्रेंट क्रूड 13% से अधिक टूटकर 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। सस्ते कच्चे तेल से महंगाई की चिंता कम हुई, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में भी मजबूती आई। शेल और BP की दूसरी तिमाही की कमाई पर युद्...

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सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच हमलों को रोकने पर सहमति बनने के बाद सोमवार, 27 जुलाई 2026 को ऊर्जा बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई। कच्चे तेल की कीमतें गिर गईं और ऊर्जा शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इस युद्धविराम ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष की आशंकाओं को कम कर दिया, जिसने पिछले कुछ महीनों से क्रूड ऑयल में युद्ध प्रीमियम बनाए रखा था ।
ब्रेंट क्रूड 13% से अधिक गिरकर यूरोपीय कारोबार के दौरान लगभग 85.20 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI क्रूड 8% से अधिक गिरकर लगभग 82.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया । कुछ रिपोर्टों में ब्रेंट 84.65 डॉलर के इंट्राडे निचले स्तर पर भी पहुंच गया था
। यूरोपीय ऊर्जा शेयरों में लगभग 2% की गिरावट आई
, और अमेरिकी ऊर्जा दिग्गजों ऑक्सिडेंटल पेट्रोलियम और एक्सॉन मोबिल के शेयर प्रीमार्केट कारोबार में क्रमशः 3.8% और 2.6% गिर गए
। यह तेज गिरावट एक मजबूत तेजी को समाप्त करती है जो ईरान संघर्ष से जुड़े आपूर्ति जोखिम प्रीमियम के कारण आई थी
।
सस्ते कच्चे तेल ने महंगाई की आशंकाओं को कम कर दिया, जिसके चलते शेयर बाजारों में व्यापक तेजी देखी गई। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स सोमवार को शुरुआती कारोबार में 1.7% तक चढ़ गए, जिसमें S&P 500 और नैस्डैक में तेजी का रुख रहा । डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210 पर पहुंच गया, और S&P 500 0.02% चढ़कर 7,413 पर पहुंच गया, जिससे चार सत्रों की लगातार गिरावट का सिलसिला टूट गया। सेमीकंडक्टर कमजोरी के चलते नैस्डैक 0.18% फिसलकर 24,932 पर आ गया
। क्रूड ऑयल के आयात पर निर्भर भारतीय बाजारों (सेंसेक्स, निफ्टी) में भी तेजी देखी गई
। अमेरिकी डॉलर यूरो के मुकाबले गिर गया क्योंकि तेल की कीमतें कम हुईं
, और सोने में मामूली तेजी के साथ यह लगभग 4,092 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया
। बाजारों को "लगातार कई सत्रों की गिरावट के बाद राहत" मिली, क्योंकि युद्धविराम ने टेक क्षेत्र की चिंताओं को कम किया
।
निवेशकों ने कम कच्चे तेल की कीमतों को ऊर्जा-जनित महंगाई के एक बड़े स्रोत को हटाने के रूप में देखा, जिससे केंद्रीय बैंकों पर दबाव भी कम हुआ । SPI एसेट मैनेजमेंट के स्टीफन इन्स ने कहा, "सोमवार को तेल की तेज गिरावट ने बैरल से कुछ डॉलर कम करने से कहीं अधिक किया। इसने भू-राजनीतिक गाँठ को ढीला कर दिया, जो जुलाई के अधिकांश समय से इक्विटी, मुद्राओं, बॉन्ड और केंद्रीय बैंकों के चारों ओर कस रही थी"
।
दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून 2026) की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतें ऊंची थीं। युद्धविराम के बाद कीमतों में गिरावट 27 जुलाई को हुई - तिमाही खत्म होने के बाद। इसलिए, शेल और BP के Q2 परिणामों में अभी भी युद्ध प्रीमियम दिखाई देगा। हालांकि, अगर युद्धविराम कायम रहता है और आपूर्ति-जोखिम प्रीमियम कम होता रहता है, तो उनके आगामी अनुमानों और तीसरी तिमाही के दृष्टिकोण पर सोमवार की कीमतों में आई गिरावट का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
शेल के लिए दूसरी तिमाही की तस्वीर दो ताकतों की कहानी है। एक ओर, शेल को पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में गैस ट्रेडिंग से काफी अधिक मुनाफा होने की उम्मीद है, और मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन ने इसके तिमाही दृष्टिकोण को बेहतर बनाया है । दूसरी ओर, मार्च में रास लफ़ान औद्योगिक शहर पर हमले के बाद मध्य पूर्व संघर्ष ने कतर में शेल की पर्ल गैस-टू-लिक्विड्स सुविधा को ठप कर दिया। इससे इंटीग्रेटेड गैस उत्पादन का अनुमान 9,09,000 बोए/दिन से घटकर 6,10,000-6,50,000 बोए/दिन रह गया - जो लगभग एक तिहाई की गिरावट है
।
शेल की Q1 2026 की एडजस्टेड कमाई 6.9 बिलियन डॉलर थी - जो अनुमानों से बेहतर थी। यह परिणाम "काफी अधिक ट्रेडिंग और ऑप्टिमाइजेशन" मुनाफे से समर्थित था, क्योंकि ईरान संघर्ष ने तेल की कीमतों में उछाल और अभूतपूर्व बाजार अस्थिरता पैदा की । दूसरी तिमाही भी इसी तरह आकार ले रही है: मजबूत डाउनस्ट्रीम और ट्रेडिंग मुनाफा आंशिक रूप से अपस्ट्रीम वॉल्यूम के नुकसान की भरपाई कर रहा है, लेकिन सोमवार को युद्धविराम के बाद तेल की कीमतों में गिरावट ने तीसरी तिमाही की राजस्व संभावनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं
।
BP ने 14 जुलाई को एक ट्रेडिंग स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें तिमाही के दौरान ऊंची ऊर्जा कीमतों से समर्थित मजबूत दूसरी तिमाही की कमाई का संकेत दिया गया। कंपनी को उम्मीद है कि तेल की कीमतों की वसूली से 1.8-2.1 बिलियन डॉलर, गैस और लो-कार्बन से 0.5-0.7 बिलियन डॉलर, और रिफाइनिंग मार्जिन से 1.2-1.4 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त लाभ होगा । रिपोर्टेड अपस्ट्रीम उत्पादन 2,170-2,220 mboe/d (Q1 में 2,339) तक गिरने का अनुमान है, जो अमेरिका की खाड़ी और मध्य पूर्व में मौसमी रखरखाव के कारण है
। BP ने संघर्ष से संबंधित 1 बिलियन डॉलर की हानि (इम्पेयरमेंट) भी दर्शाई है
।
दूसरी तिमाही 2026 में ब्रेंट का औसत 103.85 डॉलर प्रति बैरल था, जबकि पहली तिमाही में यह 81.13 डॉलर प्रति बैरल था । इसलिए, BP के दूसरी तिमाही के परिणाम सीधे तौर पर इस मूल्य वातावरण से लाभान्वित होंगे। दोनों कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या युद्धविराम कायम रहेगा - यदि तीसरी तिमाही में आपूर्ति-जोखिम प्रीमियम कम होता रहता है, तो कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मिलने वाली कमाई में तेजी से उलटफेर होगा।
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27 जुलाई 2026 को अमेरिका ईरान युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, ब्रेंट क्रूड 13% से अधिक टूटकर 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया।
27 जुलाई 2026 को अमेरिका ईरान युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, ब्रेंट क्रूड 13% से अधिक टूटकर 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। सस्ते कच्चे तेल से महंगाई की चिंता कम हुई, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में भी मजबूती आई।
शेल और BP की दूसरी तिमाही की कमाई पर युद्धविराम का सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन तीसरी तिमाही के लिए उनका अनुमान बदल सकता है।