दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) ने दूसरी तिमाही में 2.63 डॉलर प्रति शेयर का कोर मुनाफा दर्ज किया, जो बाज़ार के 2.48 डॉलर के अनुमान से कहीं बेहतर रहा । कंपनी का कुल राजस्व दूसरी तिमाही में 15.38 अरब डॉलर रहा, जो स्थिर विनिमय दरों पर 6% अधिक है। पहली छमाही (H1) में कुल राजस्व 30.67 अरब डॉलर (+6%) और कोर EPS 11% बढ़कर 5.21 डॉलर हो गया । कंपनी ने 2026 और 2030 तक 80 अरब डॉलर राजस्व के अपने लक्ष्य को दोहराया, जिससे हाल ही में एक क्लिनिकल ट्रायल में मिली असफलता से उपजी चिंताएँ कम हुईं । इस सकारात्मक रुख ने यूरोपीय फार्मा शेयरों को ऊपर उठाया ।
इस तेज़ी का सबसे बड़ा कारण था सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच हमलों को रोकने पर सहमति। रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति वार्ता फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं । रॉयटर्स के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका भी ऐसा ही करेगा तो ईरान हमले रोक देगा । इस खबर के बाद ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत लगभग 4% गिरकर लगभग 92.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई । सस्ता तेल यूरोपीय आयातकों और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया। इसका सीधा फ़ायदा एयरलाइन, ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक शेयरों को हुआ, जबकि बैंक और अन्य साइक्लिकल शेयरों में भी तेज़ी आई ।
निवेशक इस हफ्ते अमेरिकी बिग टेक कंपनियों (जैसे गूगल, मेटा, अमेज़न) के नतीजों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। बढ़ती उम्मीदों के बीच Nasdaq फ्यूचर्स लगभग 1% ऊपर थे । निवेशकों ने तकनीकी शेयरों में फिर से पैसा लगाना शुरू कर दिया, और यूरोपीय तकनीकी शेयरों ने भी अमेरिकी बाज़ारों का पीछा किया । उदाहरण के लिए, जर्मनी की SAP SE के शेयर उसके शानदार नतीजों के बाद 9.26% उछल गए, जिसने DAX को ऊपर धकेलने में अहम भूमिका निभाई ।
बाज़ार ने 28-29 जुलाई को होने वाली फेडरल रिज़र्व (Fed) की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की लगभग 35% संभावना पहले ही भांप ली थी । इसका कारण जुलाई के मज़बूत PMI डेटा और मज़बूत श्रम बाज़ार के संकेत थे। हालांकि, नीति सख्त होने की इस उम्मीद ने तेज़ी को रोकने का काम नहीं किया, बल्कि निवेशकों ने इसे अर्थव्यवस्था के मज़बूत होने का संकेत माना । उधर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने पिछले हफ्ते ब्याज दरों को 2.25% पर स्थिर रखा था, जिससे यूरोप में एक स्थिर ब्याज दर का माहौल बना हुआ है ।
सोमवार की तेज़ी एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे कई कारक एक साथ मिलकर बाज़ार को ऊपर ले जा सकते हैं: कंपनियों के बेहतर नतीजे और बढ़ा हुआ अनुमान, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से ऊर्जा की कीमतों में गिरावट, और बाज़ार का यह मानना कि ब्याज दरें बढ़ने का मतलब अर्थव्यवस्था में मज़बूती है, न कि कोई ख़तरा। STOXX 600 में 0.8% की बढ़त ने उस पल को कैद किया जब व्यापक अर्थव्यवस्था (मैक्रो) और कंपनी-विशिष्ट (माइक्रो) दोनों ही मोर्चों पर सकारात्मक तस्वीर दिखी ।