25-26 जुलाई 2026 को ब्राज़ील ने ट्रंप प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारियों (रिले एम. बार्न्स और सैमुअल सैमसन) के वीज़ा आवेदन रद्द कर दिए । ये अधिकारी ब्राज़ील के 4 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले, देश की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम की 'निष्पक्षता और पारदर्शिता' की जाँच करने के लिए ब्राज़ीलिया जाने वाले थे ।
ब्राज़ील के विदेश मंत्रालय ने वीज़ा रद्द होने की पुष्टि की। एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह फैसला 'राजनीतिक शोषण के जोखिम' के कारण लिया गया । ब्राज़ील सरकार का मानना था कि यह यात्रा वास्तविक चुनाव निगरानी के बजाय, चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने और चुनाव परिणामों को चुनौती देने की पूर्व-तैयारी थी । अमेरिकी विदेश विभाग ने किसी भी गुप्त मंशा से इनकार किया, लेकिन ब्राज़ील ने इसे अपनी संप्रभुता में हस्तक्षेप माना ।
यह वीज़ा विवाद कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि 2025-26 में दोनों देशों के संबंधों में आई तेज़ गिरावट की एक कड़ी है।
| तारीख | घटना |
|---|---|
| जून 2025 | ट्रंप प्रशासन ब्राज़ील के खिलाफ सेक्शन 301 जाँच शुरू करता है |
| जुलाई 2025 | राजनयिक तनाव बढ़ता है; ब्राज़ील अमेरिकी अधिकारियों के वीज़ा प्रतिबंधित करता है |
| मार्च 2026 | ट्रंप दूत डैरेन बीटी बोल्सोनारो परिवार से मिलने की कोशिश करते हैं, हस्तक्षेप की आशंका बढ़ती है |
| 6 जुलाई 2026 | फ्लेवियो बोल्सोनारो ने ट्रंप से चुनाव के बाद तक टैरिफ टालने का अनुरोध किया |
| 15 जुलाई 2026 | अमेरिका ने ब्राज़ील पर 25% टैरिफ लगाया; ब्राज़ील ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई |
| 25-26 जुलाई 2026 | ब्राज़ील ने चुनावी सिस्टम पर सवाल उठाने वाले दो वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के वीज़ा रद्द किए |
यह वीज़ा विवाद अकेला नहीं है। यह व्यापार प्रतिबंधों, वीज़ा प्रतिबंधों और अमेरिकी प्रशासन द्वारा ब्राज़ील की चुनावी प्रणाली में विश्वास को कमज़ोर करने के प्रयासों का सीधा परिणाम है। यह पूरी घटना एक बड़े पैटर्न — दबाव की कूटनीति और चुनावी वर्ष में हस्तक्षेप — का हिस्सा है ।