तेल की कीमतों ने तोड़ा 100 डॉलर का आंकड़ा
मिडिल ईस्ट में ईरान संघर्ष के बढ़ने से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई । 23-24 जुलाई तक ब्रेंट क्रूड भविष्य की कीमतें 100.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थीं
। हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हमले ने आग में घी डालने का काम किया
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अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 2026 के उच्चतम स्तर पर
कच्चे तेल में तेजी ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की अटकलों को हवा दी, जिसके चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी भारी उछाल आया । 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 18 महीने के उच्चतम स्तर 4.71% पर पहुंच गई
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फेड दर वृद्धि की बढ़ी संभावना
तेल की बढ़ी कीमतों के बाद बाजारों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा जल्द ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 36% संभावना जताई । इससे विदेशी बॉन्ड में निवेश आकर्षक नहीं रह गया था।
एक हफ्ते में उलट गया रुख
इससे ठीक एक हफ्ते पहले (5-11 जुलाई) जापानी निवेशकों ने शुद्ध रूप से 1.09 ट्रिलियन येन के विदेशी लॉन्ग-टर्म बॉन्ड और 745.7 अरब येन के शॉर्ट-टर्म विदेशी ऋण खरीदे थे । दो हफ्तों के इन आंकड़ों में करीब 1.8 ट्रिलियन येन का उलटफेर हुआ है
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येन 40 साल के निचले स्तर पर
येन डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 1986 के बाद पहली बार 164 प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया था । कमजोर येन से विदेशी निवेश का येन-मूल्य बढ़ जाता है, जिससे मुनाफावसूली का मौका मिलता है, जो इस बिकवाली का एक कारण हो सकता है
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जापान के वित्त मंत्री ने दिए हस्तक्षेप के संकेत
जापान के वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने 40 साल के निचले स्तर पर पहुंचते येन को संभालने के लिए बार-बार 'सरकार की तत्परता' का संकेत दिया ।
यह बिकवाली सिर्फ विदेशी बॉन्ड तक सीमित नहीं थी:
तेल का दाम बढ़ा → महंगाई का डर बढ़ा → दर वृद्धि की उम्मीद बढ़ी। ईरान संघर्ष के चलते ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर पार करने ने महंगाई की कहानी को फिर से जिंदा कर दिया, जिससे बाजार ने फेड दर वृद्धि की संभावना जताई ।
ऊंची अमेरिकी यील्ड और मजबूत डॉलर ने विदेशी बॉन्ड को कम आकर्षक बना दिया और येन को 40 साल के निचले स्तर पर धकेल दिया ।
पिछले हफ्ते की भारी खरीदारी पर मुनाफावसूली। पिछले हफ्ते का 1.09 ट्रिलियन येन का शुद्ध प्रवाह, बिगड़ते व्यापक आर्थिक माहौल में बिकवाली में बदल गया ।