अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 24 जुलाई को ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि चीन और रूस के नेताओं ने ईरान को हथियार न बेचने का वादा किया है, लेकिन बीजिंग या मॉस्को से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप ने अप्रैल, मई और जून 2026 में शी और पुतिन से मिले आश्वासनों का हवाला दिया, जबकि खुफिया एजेंसियों को चीनी कंपनियों द्...

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24 जुलाई, 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया है कि वे ईरान को हथियार नहीं बेचेंगे। यह दावा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज हो गया है और ट्रंप के अपने रक्षा सचिव ने कांग्रेस को बताया था कि रूस और चीन ईरान को 'सक्षम' बना रहे हैं। आइए, इस पूरे मामले को तथ्यों के आधार पर समझते हैं।
ट्रंप ने लिखा कि शी जिनपिंग ने उन्हें बताया कि 'किसी भी स्थिति में' चीन या चीनी कंपनियां ईरान को हथियार नहीं देंगी या बेचेंगी। इसी तरह, पुतिन ने भी वादा किया कि रूस ईरान को हथियार नहीं बेचेगा । ट्रंप ने कहा कि वे इन आश्वासनों को 'सच मानते हैं' और उन्हें नहीं लगता कि ये दोनों देश ईरान युद्ध में 'भाग ले रहे हैं'
। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका को पता चलता है कि चीन या रूस ईरान को हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं, तो 'यह उनके लिए बहुत बुरा होगा'
।
ट्रंप के इस बयान से पहले भी कई मौकों पर शी और पुतिन से आश्वासन मिलने की बात कही गई थी:
ट्रंप के पोस्ट से सिर्फ दो दिन पहले, 22 जुलाई 2026 को रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या रूस ने खाड़ी क्षेत्र में CIA सुविधाओं पर ईरानी ड्रोन हमलों में लक्ष्यीकरण जानकारी, उन्नत ड्रोन तकनीक या अन्य सहायता प्रदान की थी । इन हमलों की सटीकता को रूसी मदद के संभावित प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है। मार्च 2026 में हुए इन हमलों में रियाद में अमेरिकी दूतावास में CIA स्टेशन और पूर्वी इराक में एक अलग सुविधा शामिल थी
। अमेरिकी विश्लेषक अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं, और जांच जारी है
। इसके अलावा, यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ईरान को अपने हमलों को बेहतर बनाने के लिए साइबर समर्थन और जासूसी तस्वीरें प्रदान कर रहा है
।
ट्रंप ने 24 जुलाई को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका को पता चलता है कि चीन या रूस ईरान को हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं, तो 'यह उनके लिए बहुत बुरा होगा' । उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वे वर्तमान में भाग ले रहे हैं, लेकिन स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी हथियार की आपूर्ति के परिणाम होंगे। उपलब्ध स्रोतों में टैरिफ, प्रतिबंध या सैन्य कार्रवाई जैसे कोई और विशिष्ट प्रवर्तन उपायों का सार्वजनिक रूप से विवरण नहीं दिया गया है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 24 जुलाई को ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि चीन और रूस के नेताओं ने ईरान को हथियार न बेचने का वादा किया है, लेकिन बीजिंग या मॉस्को से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 24 जुलाई को ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि चीन और रूस के नेताओं ने ईरान को हथियार न बेचने का वादा किया है, लेकिन बीजिंग या मॉस्को से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप ने अप्रैल, मई और जून 2026 में शी और पुतिन से मिले आश्वासनों का हवाला दिया, जबकि खुफिया एजेंसियों को चीनी कंपनियों द्वारा गुप्त हथियार सौदों और रूसी लक्ष्यीकरण सहायता के सबूत मिले हैं।
ईरान ने चीन से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और रूस से 500 मिलियन यूरो की एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की योजना बनाई है, जबकि ट्रंप ने हथियार आपूर्ति करने वालों को 'बुरे अंजाम' की चेतावनी दी है।