टीम ने दिखाया कि गर्मी सभी दिशाओं में एक समान फैलने (डिफ्यूज़िव कंडक्शन) के बजाय, सामग्री की क्रिस्टल संरचना द्वारा परिभाषित केंद्रित, निर्देशित पथों पर यात्रा कर सकती है, ठीक उसी तरह जैसे ऑप्टिकल फाइबर प्रकाश का मार्गदर्शन करते हैं ।
शोधकर्ताओं ने टिप-एन्हांस्ड रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी पर आधारित एक नैनोस्केल तापमान-मैपिंग तकनीक विकसित की, जो सीधे तौर पर ऊष्मा प्रवाह के पैटर्न को देख सकती है ।
इलेक्ट्रॉनिक्स और AI हार्डवेयर – माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और AI हार्डवेयर में अत्यधिक गर्मी एक प्रमुख बाधा है जो प्रदर्शन, विश्वसनीयता और स्केलेबिलिटी को सीमित करती है। कमरे के तापमान पर नैनोस्केल सटीकता के साथ गर्मी को निर्देशित, केंद्रित और पुनर्वितरित करने में सक्षम होने से, यह खोज "क्वांटम थर्मल इंजीनियरिंग" की संभावना खोलती है – चिप्स में गर्मी के फैलने के बाद बल्क हीट सिंक पर निर्भर रहने के बजाय पूर्व-निर्धारित ऊष्मा मार्गों को डिज़ाइन करना ।
क्वांटम डिवाइस – इलेक्ट्रॉनों और अन्य ऊर्जा वाहकों के साथ फोनॉन की अंतःक्रिया (इंटरैक्शन) को क्वांटम स्तर पर नियंत्रित करने की क्षमता क्वांटम सूचना प्रसंस्करण और क्वांटम सेंसिंग प्रौद्योगिकियों में प्रगति को सक्षम कर सकती है, जहाँ सटीक तापीय वातावरण नियंत्रण महत्वपूर्ण है ।
व्यापक अनुप्रयोग – यह खोज एयरोस्पेस सिस्टम, फोटोनिक डिवाइस और अगली पीढ़ी के सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में थर्मल मैनेजमेंट को भी लाभ पहुँचा सकती है, जहाँ बोरॉन आर्सेनाइड की उच्च तापीय चालकता (जिसे पहले हू के समूह ने प्रदर्शित किया था) को अब दिशात्मक ऊष्मा प्रवाह नियंत्रण के साथ जोड़ा जा सकता है ।
अध्ययन विवरण: 23 जुलाई, 2026 को Nature Physics में प्रकाशित । लेखकों में मैन ली, हुआन वू, ज़िहाओ किन, चुआनजिन सू, और हू डुय गुयेन (UCLA के वर्तमान/पूर्व स्नातक छात्र) योंगजी हू के साथ शामिल हैं । अमेरिकी ऊर्जा विभाग, NSF और NIH द्वारा वित्त पोषित ।