1. तेल ₹100 के पार — महंगाई और ब्याज दर का डर
2. वॉल स्ट्रीट से AI खर्च का झटका
| सूचकांक | गिरावट | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| जापान – निक्केई 225 | लगभग -3% | क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभावित सूचकांकों में से एक |
| दक्षिण कोरिया – कोस्पी | लगभग -4% | चिप-भारी सूचकांक पर AI बिकवाली का सबसे ज्यादा असर |
| एमएससीआई एशिया-पैसिफिक | -1% | जापान और कोरिया दोनों 2% से अधिक गिरे |
| ऑस्ट्रेलिया – ASX | हल्की गिरावट | क्षेत्रीय कमजोरी का हिस्सा |
ध्यान दें: चीनी और हांगकांग के बाज़ार (शंघाई कंपोजिट, हैंग सेंग) अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित रहे — उनमें मामूली बदलाव हुए क्योंकि बीजिंग से प्रोत्साहन की उम्मीदों ने कुछ सहारा दिया ।
मुख्य निष्कर्ष: 24 जुलाई की बिकवाली एक दोहरा झटका था — तेल के ₹100 से ऊपर जाने ने महंगाई/ब्याज दर का डर पैदा कर बॉन्ड को तोड़ दिया, जबकि अल्फाबेट और टेस्ला की कमाई ने AI निवेश पर भरोसे को चकनाचूर कर दिया। एशिया के निर्यात-उन्मुख, सेमीकंडक्टर-भारी बाज़ारों (जापान, दक्षिण कोरिया) को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा।