दो सरकारी निवेश फर्मों — जिन्हें सामूहिक रूप से चीन की 'नेशनल टीम' कहा जाता है — ने शेयर खरीदारी की :
इनके अलावा, चाइना सिक्योरिटीज रेगुलेटरी कमीशन (CSRC) के अध्यक्ष ने सोमवार, 20 जुलाई को एक बाजार स्थिरता संगोष्ठी बुलाई ।
तीन समन्वित कार्रवाइयां प्रमुख रहीं:
प्रत्यक्ष शेयर खरीदारी: दोनों फर्मों ने सप्ताहांत में लगभग 60 अरब युआन ($8.9 बिलियन) के शेयर खरीदे, जिसमें सरकारी उद्यमों और तकनीकी कंपनियों पर फोकस रहा ।
नियामक संगोष्ठी: 20 जुलाई को, CSRC के अधिकारियों ने सूचीबद्ध कंपनियों, प्रतिभूति फर्मों और फंड संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। CSRC ने बाजार के स्थिर संचालन को बनाए रखने का भरोसा दिलाया ।
आगे और खरीदारी का वादा: दोनों सरकारी फर्मों ने भविष्य में और शेयर खरीदने का संकेत दिया ।
सोमवार, 20 जुलाई (हस्तक्षेप के बाद पहला कारोबारी दिन): शंघाई कम्पोजिट 0.85% बढ़कर 3,796.3 पर बंद हुआ, जबकि CSI 300 में 1.53% की तेजी आई। हालांकि, शेनझेन कम्पोनेंट 0.71% गिर गया, जो मिलाजुला प्रदर्शन दर्शाता है ।
मंगलवार, 21 जुलाई: चीनी शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी रही, नेशनल टीम की लगातार खरीदारी और CSRC के आश्वासनों ने भावनाओं को समर्थन दिया ।
बुधवार, 22 जुलाई: मुनाफावसूली के चलते बाजार में समायोजन के संकेत मिले। शंघाई कम्पोजिट मामूली 0.07% बढ़कर 3,867 पर रहा, जबकि शेनझेन कम्पोनेंट 1.42% और टेक-भारी ChiNext इंडेक्स 3% से अधिक गिर गया । तेजी अल्पकालिक साबित हुई, और तकनीकी शेयरों में फिर से गिरावट शुरू हो गई
।
लगभग $8.9 बिलियन के इस हस्तक्षेप ने बाजार को अस्थायी रूप से स्थिर किया — गिरावट को रोका और दो दिनों तक तेजी दी — लेकिन यह रिकवरी असमान थी और तीसरे सत्र तक फीकी पड़ने लगी। विश्लेषकों ने इस कदम को एक 'फायरब्रेक' (अस्थायी रोक) बताया, न कि नए बुल मार्केट की शुरुआत । बीजिंग की त्वरित कार्रवाई ने अस्थिरता को सीमित करने के लिए प्रत्यक्ष इक्विटी खरीद का उपयोग करने की उसकी इच्छाशक्ति को दिखाया, लेकिन यह भी रेखांकित किया कि चीन के शेयर बाजार में विश्वास कितना नाजुक है, जहां सरकारी खरीदारी गिरावट को तो धीमा कर सकती है, लेकिन न तो कमाई पैदा कर सकती है और न ही निजी निवेशकों की भावना को अपने दम पर बहाल कर सकती है।