मई 2026 में सेमीकंडक्टर निर्यात $36 बिलियन तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल 111% अधिक है। हालांकि, चिप की मात्रा में केवल 2% की वृद्धि हुई, लेकिन बढ़ती कीमतों ने निर्यात मूल्य को आसमान पर पहुंचा दिया । 2026 की पहली छमाही में, चीन ने 179.44 बिलियन इंटीग्रेटेड सर्किट (चिप्स) का निर्यात किया, जिसकी कीमत $177.28 बिलियन थी - जो मूल्य के हिसाब से साल-दर-साल ~96% की वृद्धि है
। विश्लेषकों का कहना है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से निचले स्तर (लो-एंड) और पुरानी तकनीक वाली चिप्स में हुई है, न कि अत्याधुनिक में
।
जून 2026 में ऑटो निर्यात (EV सहित) में साल-दर-साल 69.6% की वृद्धि हुई । वाहन निर्यात में व्यापक रूप से 67.1% की वृद्धि दर्ज की गई
। इसी अवधि में जहाज निर्यात में साल-दर-साल 52.8% की वृद्धि हुई
।
यांत्रिक और विद्युत उत्पाद चीन के सबसे बड़े निर्यात खंड बने हुए हैं। अप्रैल 2026 तक, इस श्रेणी में अकेले सेमीकंडक्टर का योगदान 12.2% था ।
चीनी वाहन निर्माता एक नियामक खामियाजी (Loophole) का फायदा उठा रहे थे: चीन से आयातित प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों (PHEVs) पर केवल 10% का मानक EU आयात शुल्क लगता है, जबकि बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEVs) पर 35.3% तक का एंटी-सब्सिडी शुल्क लगता है । यह खामियाजी तब पैदा हुई जब EU ने 2024 के अंत में बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों पर शुल्क लगाया, लेकिन हाइब्रिड को छूट दे दी
।
जून 2026 में, यूरोपीय आयोग (European Commission) ने घोषणा की कि वह इस खामियाजी को बंद करने के लिए चीन में बने PHEVs पर काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन इसे लागू करने के लिए EU के अधिकांश सदस्य देशों की मंजूरी चाहिए । इस कदम का निशाना BYD, चेरी और SAIC जैसी कंपनियां हैं, जिन्होंने इस छूट को एक लाभदायक निर्यात पाइपलाइन में बदल दिया था
।
EU ने फरवरी 2026 में वोक्सवैगन के क्यूप्रा तवास्कन (Cupra Tavascan) को पहली छूट दी थी, जिसके बदले में कंपनी न्यूनतम मूल्य और बिक्री कोटा पर सहमत हुई । जनवरी 2026 के एक रूपरेखा समझौते के तहत, योग्य चीनी BEV निर्माता काउंटरवेलिंग ड्यूटी को न्यूनतम आयात मूल्य तंत्र से बदल सकते हैं, लेकिन 2026 के मध्य तक यह तंत्र लागू नहीं हुआ था
।
चीन का व्यापार अधिशेष पूरे 2025 में रिकॉर्ड $1.2 ट्रिलियन तक पहुंच गया, जो $3.8 ट्रिलियन के निर्यात से प्रेरित था । कई रिपोर्टों के अनुसार, यह सीधे तौर पर अधिक उत्पादन और कमजोर घरेलू खपत का परिणाम है
।
यह अधिशेष 2026 में और बढ़ गया: अकेले जनवरी-फरवरी में यह $213.6 बिलियन रहा, जो इस अवधि के लिए रिकॉर्ड है । जून 2026 में व्यापार अधिशेष $125.6 बिलियन रहा, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है
। 2026 की पहली छमाही में कुल व्यापार अधिशेष $575.98 बिलियन रहा
।
हालांकि आयात में भी 36% की मजबूत वृद्धि हुई, लेकिन यह वृद्धि केवल हाई-टेक उत्पादों (AI से जुड़ी चिप्स और उपकरण) में केंद्रित थी। उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य घरेलू मांग वाली श्रेणियां कमजोर बनी रहीं । मित्सुई एंड कंपनी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि "मजबूत उत्पादन क्षमता और कमजोर घरेलू मांग" के कारण चीनी उत्पादों का "कम कीमत पर अधिक मात्रा में निर्यात" दुनिया भर में फैल रहा है
।
पूरी तस्वीर यह है कि चीन का निर्यात इंजन निर्णायक रूप से उच्च मूल्य वाली तकनीकी वस्तुओं की ओर शिफ्ट हो गया है, लेकिन यह चौंकाने वाला व्यापार अधिशेष दोधारी तलवार है - एक तरफ वास्तविक औद्योगिक उन्नति है, तो दूसरी तरफ लगातार कमजोर घरेलू मांग। फिच रेटिंग्स ने इसी असंतुलन के कारण 2026 में चीन की वृद्धि दर केवल 4.1% रहने का अनुमान लगाया है ।