रोलआउट दो मुख्य चरणों में नियोजित है:
LSE 24 पर पहली एसेट क्लास के रूप में एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट्स (ETP) कारोबार शुरू करेंगे । इन ETPs में विशेष रूप से यूके और अमेरिकी बाजारों को ट्रैक करने वाले एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) शामिल होंगे
। यह वेन्यू विशेष रूप से डिजिटल, एल्गोरिथमिक और एजेंटिक (AI-आधारित) ट्रेडिंग रणनीतियों का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है
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ETPs के बाद अगले चरण के रूप में इक्विटीज (व्यक्तिगत शेयर) का नाम लिया गया है । यह वेन्यू LSEG की मल्टी-एसेट ट्रेडिंग तकनीक पर बनाया गया है, जो भविष्य में और अधिक एसेट क्लासेस में विस्तार का समर्थन करता है
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LSE 24 विस्तारित कारोबारी घंटों की ओर एक व्यापक वैश्विक दौड़ की सीधी प्रतिस्पर्धात्मक प्रतिक्रिया है। प्रमुख अमेरिकी एक्सचेंज आक्रामक रूप से आगे बढ़ रहे हैं:
LSE की यह घोषणा आंशिक रूप से लिस्टिंग के "अमेरिकी पलायन" (US exodus) को रोकने और लंदन को प्रासंगिक बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है ।
LSE 24 LSEG Markets Technology Exchange का लाभ उठाएगा, जो LSEG की मल्टी-एसेट, मल्टी-मार्केट ट्रेडिंग प्रणाली है, जिसे उच्च प्रदर्शन, लचीलापन और स्केलेबिलिटी के लिए डिज़ाइन किया गया है । व्यापक LSEG तकनीक सूट ट्रेडिंग वेन्यू ऑपरेटरों, क्लियरिंग हाउसों और सेंट्रल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी का समर्थन करता है। LSEG ने अलग से डिजिटल सेटलमेंट हाउस (LSEG DiSH) भी लॉन्च किया है, जो तत्काल, 24/7 क्रॉस-नेटवर्क सेटलमेंट के लिए एक प्लेटफॉर्म है
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LSE और अमेरिकी एक्सचेंजों के इस कदम का एक प्रमुख कारण क्रिप्टोकरेंसी बाजारों से आकार लेने वाली निवेशकों की बदलती अपेक्षाएं हैं, जो 24/7 काम करते हैं । जैसा कि एक विश्लेषण में कहा गया: "वॉल स्ट्रीट क्रिप्टो के एकमात्र सच्चे लाभ पर कब्जा करने आ रही है: वे बाजार जो कभी नहीं सोते"
। यह प्रयास कमीशन-मुक्त ऐप्स का उपयोग करने वाले रिटेल निवेशकों और एल्गोरिथमिक/एजेंटिक ट्रेडिंग रणनीतियों की मांग से प्रेरित है, जो बाजारों तक निरंतर पहुंच से लाभान्वित होते हैं
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