ईरान ने जवाब में क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमला किया । ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज में दो टैंकरों को निशाना बनाने की सूचना दी ।
यमन के हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को एक नया मोर्चा खोलते हुए सऊदी अरब पर 'समुद्री प्रतिबंध' की घोषणा की, जिससे संघर्ष और फैलने का खतरा पैदा हो गया । कुवैत ने लगातार दूसरे दिन एक अलवणीकरण संयंत्र (डिसेलिनेशन प्लांट) पर हमले की सूचना दी ।
राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने 17 जून को युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे । नाटो शिखर सम्मेलन में 8 जुलाई को ट्रंप ने टैंकर हमलों के फिर से शुरू होने के बाद युद्धविराम को 'खत्म' घोषित कर दिया, और अमेरिका ने नए हमले शुरू कर दिए, जिससे युद्धविराम प्रभावी रूप से ध्वस्त हो गया । काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) ने पुष्टि की है कि युद्धविराम 'पतन के कगार पर प्रतीत होता है, क्योंकि दोनों पक्ष कथित उल्लंघनों पर एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं' ।
20 जुलाई को ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि यदि वह ख़र्ग द्वीप पर ज़मीनी आक्रमण करने का प्रयास करता है तो उसे 'गंभीर परिणाम' भुगतने होंगे। ख़र्ग द्वीप ईरान के लगभग 90% कच्चे तेल के निर्यात को संभालता है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसके लोग अमेरिकी सेनाओं का सामना करने के लिए 'दिन गिन रहे हैं' ।
सीएनएन द्वारा 15 जुलाई को उद्धृत दो अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप ख़र्ग द्वीप पर कब्ज़ा करने और पिकैक्स माउंटेन के भूमिगत परिसरों पर बमबारी करने के ऑपरेशन पर विचार कर रहे हैं । उन्होंने उस सप्ताह साक्षात्कारों में दोनों लक्ष्यों में अपनी रुचि की पुष्टि की ।
ट्रंप ने रूढ़िवादी रेडियो होस्ट ह्यूग हेविट से बात करते हुए कहा कि पिकैक्स माउंटेन — नटान्ज़ के पास एक गहरा दबा हुआ संदिग्ध परमाणु स्थल — 'एक संभावित लक्ष्य है, जिस पर बड़ा और जोरदार हमला किया जा सकता है' । उपग्रह इमेजरी विश्लेषण पुष्टि करता है कि ईरान ने एमओयू का उल्लंघन करते हुए पिकैक्स माउंटेन पर निर्माण जारी रखा है । न्यूयॉर्क टाइम्स ने अप्रैल में रिपोर्ट दी थी कि यह सुविधा इतनी गहराई में दबी हुई है कि यह अमेरिका के सबसे उन्नत बंकर-बस्टिंग बमों को भी झेल सकती है ।
जॉर्डन में एक अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले में सप्ताहांत में कम से कम दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, और एक अन्य लापता बताया जा रहा है। इराक में एक 'नियंत्रित विस्फोट' के बाद एक तीसरे अमेरिकी सर्विस मेंबर की मौत हो गई ।
सीएनएन ने एक वरिष्ठ पेंटागन अधिकारी और दो प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि ख़र्ग द्वीप पर कब्ज़ा करने की योजनाएं महीनों से तैयार थीं, लेकिन 'ऑपरेशन को बहुत जोखिम भरा मानकर बार-बार ठंडे बस्ते में डाल दिया गया' । व्हाइट हाउस और पेंटागन के अंदर यह राय है कि द्वीप पर कब्जा करना 'बहुत खतरनाक मिशन होगा' ।
विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि द्वीप पर कब्जा करने से अमेरिकी सैनिक निकटवर्ती मुख्य भूमि से लगातार ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के शिकार हो सकते हैं, तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है, और फिर भी युद्ध समाप्त नहीं हो सकता है । लगभग 5,000 मरीन और 3,000 सैनिक पहले ही मध्य पूर्व में तैनात किए जा चुके हैं, और कथित तौर पर 10,000 और अमेरिकी जमीनी सैनिकों को तैनात करने पर विचार किया जा रहा है । सेवानिवृत्त जनरल फ्रैंक मैकेंज़ी ने तर्क दिया कि अमेरिका के पास द्वीप पर कब्जा करने की क्षमता है, लेकिन आलोचकों ने चेतावनी दी है कि जानमाल का नुकसान और रणनीतिक जोखिम बहुत अधिक है ।
यह संघर्ष अपने सबसे तीव्र चरण में है, जिसमें अमेरिका के दैनिक हमले, ईरानी जवाबी कार्रवाई, एक ध्वस्त युद्धविराम, और प्रशासन के अंदर इस बात पर सक्रिय बहस चल रही है कि क्या ख़र्ग द्वीप पर ज़मीनी कब्ज़े तक बढ़ना चाहिए — एक ऐसा कदम जिसे पेंटागन ने लगातार बहुत खतरनाक बताया है।