IRGC का दावा: जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी विमानों पर मिसाइल हमला
ईरान के IRGC ने दावा किया कि 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण में 20 जुलाई 2026 को जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा) पर तैनात अमेरिकी C 17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग P 8 पोसीडॉन विमानों को बैलिस्टिक मिसा... IRGC का दावा है कि इस हमले में कई अमेरिकी विमानों को 'भारी नुकसान' पहुंचा और अकाबा एयरपोर्ट पर अ...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
ईरान के IRGC ने दावा किया कि 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण में 20 जुलाई 2026 को जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा) पर तैनात अमेरिकी C 17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग P 8 पोसीडॉन विमानों को बैलिस्टिक मिसा...
IRGC का दावा है कि इस हमले में कई अमेरिकी विमानों को 'भारी नुकसान' पहुंचा और अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी बलों के 20 हैंगरों को भी निशाना बनाया गया [7][14]।
IRGC ने यह भी दावा किया कि ये हमले जॉर्डन के नागरिकों और सैन्य कर्मियों द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए [4][7][11]।
हालांकि, ये केवल ईरानी दावे हैं। अमेरिकी सेना या किसी स्वतंत्र स्रोत द्वारा इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है [14][34]।
Search & fact-check with cited sources for What did the IRGC claim regarding missile strikes on US aircraft at Jordan's Aqaba Airport duringAI-generated representation of a ballistic missile strike on an airport.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What did the IRGC claim regarding missile strikes on US aircraft at Jordan's Aqaba Airport during. Article summary: ## IRGC Claims on Aqaba Airport Strikes. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual evidence.
openai.com
IRGC का दावा: अकाबा एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि 20 जुलाई 2026 को 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण के तहत उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा एयरपोर्ट) पर तैनात अमेरिकी सैन्य विमानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया । IRGC के अनुसार, इस हमले में निम्नलिखित को निशाना बनाया गया:
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"IRGC का दावा: जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी विमानों पर मिसाइल हमला" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
ईरान के IRGC ने दावा किया कि 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण में 20 जुलाई 2026 को जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा) पर तैनात अमेरिकी C 17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग P 8 पोसीडॉन विमानों को बैलिस्टिक मिसा...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
ईरान के IRGC ने दावा किया कि 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण में 20 जुलाई 2026 को जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा) पर तैनात अमेरिकी C 17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग P 8 पोसीडॉन विमानों को बैलिस्टिक मिसा... IRGC का दावा है कि इस हमले में कई अमेरिकी विमानों को 'भारी नुकसान' पहुंचा और अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी बलों के 20 हैंगरों को भी निशाना बनाया गया [7][14]।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
IRGC ने यह भी दावा किया कि ये हमले जॉर्डन के नागरिकों और सैन्य कर्मियों द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए [4][7][11]।
IRGC का दावा: जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी विमानों पर मिसाइल हमला
ईरान के IRGC ने दावा किया कि 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण में 20 जुलाई 2026 को जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा) पर तैनात अमेरिकी C 17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग P 8 पोसीडॉन विमानों को बैलिस्टिक मिसा... IRGC का दावा है कि इस हमले में कई अमेरिकी विमानों को 'भारी नुकसान' पहुंचा और अकाबा एयरपोर्ट पर अ...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
ईरान के IRGC ने दावा किया कि 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण में 20 जुलाई 2026 को जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा) पर तैनात अमेरिकी C 17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग P 8 पोसीडॉन विमानों को बैलिस्टिक मिसा...
IRGC का दावा है कि इस हमले में कई अमेरिकी विमानों को 'भारी नुकसान' पहुंचा और अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी बलों के 20 हैंगरों को भी निशाना बनाया गया [7][14]।
IRGC ने यह भी दावा किया कि ये हमले जॉर्डन के नागरिकों और सैन्य कर्मियों द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए [4][7][11]।
हालांकि, ये केवल ईरानी दावे हैं। अमेरिकी सेना या किसी स्वतंत्र स्रोत द्वारा इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है [14][34]।
Search & fact-check with cited sources for What did the IRGC claim regarding missile strikes on US aircraft at Jordan's Aqaba Airport duringAI-generated representation of a ballistic missile strike on an airport.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What did the IRGC claim regarding missile strikes on US aircraft at Jordan's Aqaba Airport during. Article summary: ## IRGC Claims on Aqaba Airport Strikes. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual evidence.
openai.com
IRGC का दावा: अकाबा एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि 20 जुलाई 2026 को 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण के तहत उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा एयरपोर्ट) पर तैनात अमेरिकी सैन्य विमानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया । IRGC के अनुसार, इस हमले में निम्नलिखित को निशाना बनाया गया:
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"IRGC का दावा: जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी विमानों पर मिसाइल हमला" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
ईरान के IRGC ने दावा किया कि 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण में 20 जुलाई 2026 को जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा) पर तैनात अमेरिकी C 17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग P 8 पोसीडॉन विमानों को बैलिस्टिक मिसा...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
ईरान के IRGC ने दावा किया कि 'ऑपरेशन नस्र 2' के 21वें चरण में 20 जुलाई 2026 को जॉर्डन के किंग हुसैन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अकाबा) पर तैनात अमेरिकी C 17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग P 8 पोसीडॉन विमानों को बैलिस्टिक मिसा... IRGC का दावा है कि इस हमले में कई अमेरिकी विमानों को 'भारी नुकसान' पहुंचा और अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी बलों के 20 हैंगरों को भी निशाना बनाया गया [7][14]।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
IRGC ने यह भी दावा किया कि ये हमले जॉर्डन के नागरिकों और सैन्य कर्मियों द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए [4][7][11]।
C-17 ग्लोबमास्टर-III परिवहन विमान और बोइंग P-8 पोसीडॉन टोही/निगरानी विमान। IRGC का दावा है कि कई विमानों को 'भारी नुकसान' पहुंचा ।
अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी बलों के 20 हैंगर।
IRGC ने यह भी दावा किया कि ये हमले जॉर्डन के नागरिकों और सैन्य कर्मियों द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए ।
महत्वपूर्ण चेतावनी: ये सिर्फ ईरानी दावे हैं। अमेरिकी सेना या किसी स्वतंत्र स्रोत द्वारा इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है । 'ऑपरेशन नस्र 2' के पहले के चरणों में जॉर्डन के अल-अज़राक बेस और कुवैत, बहरीन व कतर में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया था ।
जॉर्डन का निकासी की खबरों पर पलटवार
जॉर्डन के अधिकारियों ने अकाबा एयरपोर्ट या बंदरगाह को खाली कराने की खबरों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया, जो अमेरिकी दूतावास की पिछली चेतावनी के बिल्कुल विपरीत था।
19 जुलाई को अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी कर कहा था कि जॉर्डन के अधिकारियों ने 'एक विशिष्ट और विश्वसनीय खतरे' के कारण किंग हुसैन एयरपोर्ट और अकाबा बंदरगाह को खाली करा लिया है, और अमेरिकी नागरिकों से इन जगहों से दूर रहने का आग्रह किया था ।
जॉर्डन के सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने सार्वजनिक रूप से इस दावे का खंडन करते हुए कहा, "संबंधित अधिकारियों ने अकाबा एयरपोर्ट या अकाबा बंदरगाह पर कोई निकासी आदेश जारी नहीं किया है," और दोनों सुविधाओं के सामान्य रूप से संचालित होने की पुष्टि की ।
जॉर्डन के सैन्य अधिकारियों ने अलग से बताया कि उन्होंने अकाबा क्षेत्र को निशाना बनाने वाली तीन ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया ।
अमेरिकी दूतावास की चेतावनी और जॉर्डन के इनकार के बीच यह विरोधाभास सार्वजनिक रिपोर्टिंग में अनसुलझा बना हुआ है।
व्यापक संदर्भ: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ रहा है
'ऑपरेशन नस्र 2' मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ ईरान का बहु-चरणीय जवाबी अभियान है। यह तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरानी क्षेत्र पर हमले शुरू किए । जुलाई 2026 के मध्य तक, IRGC प्रतिदिन कई चरणों के हमले कर रहा था, जिसमें कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, कतर और सीरिया में ठिकानों को निशाना बनाया गया । जवाब में, अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे, जिसमें 18 जुलाई को एक दौर भी शामिल था, जब ईरानी हमलों में कम से कम दो अमेरिकी कर्मी मारे गए थे ।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) — 16 जुलाई को, केवल तीन वाणिज्यिक जहाजों ने जलडमरूमध्य पार किया, जो मई के बाद से सबसे कम दैनिक यातायात था। जहाजों का आवागमन लगभग ठप हो गया क्योंकि ईरान ने जहाजों पर हमले शुरू कर दिए और अमेरिका ने ईरान से संबंधित शिपिंग पर अपनी नाकाबंदी फिर से लगा दी । इस संघर्ष की शुरुआत में ईरान ने जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ईंधन की कीमतें आसमान छू गईं और खाड़ी के तेल और गैस निर्यात को गंभीर झटका लगा ।
खाड़ी देशों पर प्रभाव — खाड़ी के अरब देश इस क्रॉसफायर में फंस गए हैं। उन्होंने ईरान के खतरे को बेअसर करने के लिए अमेरिका से और अधिक निर्णायक कार्रवाई का दबाव डाला , जबकि उन्हें अपनी जमीन पर स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है । कार्नेगी एंडोमेंट ने नोट किया कि इस संकट ने उत्तरी अफ्रीका तक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर दिया है । युद्ध के बढ़ते खर्च के कारण कुछ खाड़ी देश ईरान के साथ अधिक समझौतावादी रुख अपनाने लगे हैं ।
cnn.comIran and US exchange strikes as Hormuz tensions stress ...
C-17 ग्लोबमास्टर-III परिवहन विमान और बोइंग P-8 पोसीडॉन टोही/निगरानी विमान। IRGC का दावा है कि कई विमानों को 'भारी नुकसान' पहुंचा ।
अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी बलों के 20 हैंगर।
IRGC ने यह भी दावा किया कि ये हमले जॉर्डन के नागरिकों और सैन्य कर्मियों द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए ।
महत्वपूर्ण चेतावनी: ये सिर्फ ईरानी दावे हैं। अमेरिकी सेना या किसी स्वतंत्र स्रोत द्वारा इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है । 'ऑपरेशन नस्र 2' के पहले के चरणों में जॉर्डन के अल-अज़राक बेस और कुवैत, बहरीन व कतर में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया था ।
जॉर्डन का निकासी की खबरों पर पलटवार
जॉर्डन के अधिकारियों ने अकाबा एयरपोर्ट या बंदरगाह को खाली कराने की खबरों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया, जो अमेरिकी दूतावास की पिछली चेतावनी के बिल्कुल विपरीत था।
19 जुलाई को अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी कर कहा था कि जॉर्डन के अधिकारियों ने 'एक विशिष्ट और विश्वसनीय खतरे' के कारण किंग हुसैन एयरपोर्ट और अकाबा बंदरगाह को खाली करा लिया है, और अमेरिकी नागरिकों से इन जगहों से दूर रहने का आग्रह किया था ।
जॉर्डन के सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने सार्वजनिक रूप से इस दावे का खंडन करते हुए कहा, "संबंधित अधिकारियों ने अकाबा एयरपोर्ट या अकाबा बंदरगाह पर कोई निकासी आदेश जारी नहीं किया है," और दोनों सुविधाओं के सामान्य रूप से संचालित होने की पुष्टि की ।
जॉर्डन के सैन्य अधिकारियों ने अलग से बताया कि उन्होंने अकाबा क्षेत्र को निशाना बनाने वाली तीन ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया ।
अमेरिकी दूतावास की चेतावनी और जॉर्डन के इनकार के बीच यह विरोधाभास सार्वजनिक रिपोर्टिंग में अनसुलझा बना हुआ है।
व्यापक संदर्भ: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ रहा है
'ऑपरेशन नस्र 2' मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ ईरान का बहु-चरणीय जवाबी अभियान है। यह तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरानी क्षेत्र पर हमले शुरू किए । जुलाई 2026 के मध्य तक, IRGC प्रतिदिन कई चरणों के हमले कर रहा था, जिसमें कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, कतर और सीरिया में ठिकानों को निशाना बनाया गया । जवाब में, अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे, जिसमें 18 जुलाई को एक दौर भी शामिल था, जब ईरानी हमलों में कम से कम दो अमेरिकी कर्मी मारे गए थे ।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) — 16 जुलाई को, केवल तीन वाणिज्यिक जहाजों ने जलडमरूमध्य पार किया, जो मई के बाद से सबसे कम दैनिक यातायात था। जहाजों का आवागमन लगभग ठप हो गया क्योंकि ईरान ने जहाजों पर हमले शुरू कर दिए और अमेरिका ने ईरान से संबंधित शिपिंग पर अपनी नाकाबंदी फिर से लगा दी । इस संघर्ष की शुरुआत में ईरान ने जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ईंधन की कीमतें आसमान छू गईं और खाड़ी के तेल और गैस निर्यात को गंभीर झटका लगा ।
खाड़ी देशों पर प्रभाव — खाड़ी के अरब देश इस क्रॉसफायर में फंस गए हैं। उन्होंने ईरान के खतरे को बेअसर करने के लिए अमेरिका से और अधिक निर्णायक कार्रवाई का दबाव डाला , जबकि उन्हें अपनी जमीन पर स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है । कार्नेगी एंडोमेंट ने नोट किया कि इस संकट ने उत्तरी अफ्रीका तक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर दिया है । युद्ध के बढ़ते खर्च के कारण कुछ खाड़ी देश ईरान के साथ अधिक समझौतावादी रुख अपनाने लगे हैं ।
cnn.comIran and US exchange strikes as Hormuz tensions stress ...