यह विश्लेषण एल्फाबेट (गूगल), अमेज़न, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल पर केंद्रित है । पिछले पाँच सालों में इन पाँचों का कुल बैलेंस-शीट कर्ज लगभग दोगुना होकर लगभग $350 बिलियन हो गया है । इसके विपरीत, $1.65 ट्रिलियन की छिपी देनदारियाँ (hidden liabilities) इस आधिकारिक कर्ज को पार कर चुकी हैं । पिछले करीब चार सालों में यह ऑफ-बैलेंस-शीट कर्ज आठ गुना बढ़ गया है ।
यह प्रथा मानक लेखा नियमों (GAAP/IFRS) के तहत ऑपरेटिंग लीज़ (operating leases) और विशेष प्रयोजन संस्थाओं (SPEs) या संयुक्त उद्यमों (JVs) के ज़रिए संभव है। सामान्य संरचनाएँ इस प्रकार हैं:
मेटा ने डेटा सेंटर निर्माण के लिए लगभग $60 बिलियन की पूंजी जुटाई, जिसमें से लगभग आधा यानी $30 बिलियन पूरी तरह से उसकी बैलेंस शीट से बाहर रखा गया । मेटा का बैलेंस शीट पर दर्ज कर्ज लगभग $28.8 बिलियन है ।
ओरेकल इन पाँचों में सबसे अधिक लीवरेज्ड है: इसका मौजूदा बैलेंस-शीट कर्ज लगभग $105 बिलियन है, और इसने लगभग $20 बिलियन की ऑफ-बैलेंस-शीट लीज़ प्रतिबद्धताओं का खुलासा किया है । ओरेकल का फ्री कैश फ्लो नकारात्मक हो गया है ।
मूडीज़ रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने अलग से पाया कि पाँच प्रमुख हाइपरस्केलर्स ने लगभग $662 बिलियन की डेटा सेंटर लीज़ पर हस्ताक्षर किए हैं जो अभी तक बैलेंस शीट पर दर्ज नहीं हुई हैं। यह उनके संयुक्त समायोजित कर्ज (combined adjusted debt) के 113% के बराबर है । इस "फैंटम डेट" (phantom debt) की वास्तविक मात्रा इससे कहीं अधिक हो सकती है । यह निक्केई के $1.65 ट्रिलियन के व्यापक आंकड़े से मेल खाता है, जिसमें लीज़ के अलावा चिप्स और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए खरीद प्रतिबद्धताएँ भी शामिल हैं।
उद्योग पर्यवेक्षकों और विश्लेषकों ने कई जोखिमों की ओर इशारा किया है:
हाइपरस्केलर्स का कहना है कि AI बुनियादी ढांचे का यह निर्माण एक आवश्यक दीर्घकालिक निवेश है। उनके मुख्य बचाव इस प्रकार हैं: