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बिग टेक (Big Tech) कंपनियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए जो रेस लगाई है, उसमें उन्होंने एक बहुत बड़ा और ज़्यादातर अदृश्य वित्तीय दायित्व खड़ा कर लिया है। निक्केई शिम्बुन (Nikkei Shimbun) के 19-20 जुलाई, 2026 को प्रकाशित विश्लेषण के अनुसार, यह राशि $1.65 ट्रिलियन है – जो उनकी बैलेंस शीट पर दर्ज कर्ज से भी ज़्यादा है । यह खबर चोसुन इल्बो (Chosun Ilbo) जैसे मीडिया ने भी उठाई
।
यह विश्लेषण एल्फाबेट (गूगल), अमेज़न, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल पर केंद्रित है । पिछले पाँच सालों में इन पाँचों का कुल बैलेंस-शीट कर्ज लगभग दोगुना होकर लगभग $350 बिलियन हो गया है
। इसके विपरीत, $1.65 ट्रिलियन की छिपी देनदारियाँ (hidden liabilities) इस आधिकारिक कर्ज को पार कर चुकी हैं
। पिछले करीब चार सालों में यह ऑफ-बैलेंस-शीट कर्ज आठ गुना बढ़ गया है
।
यह प्रथा मानक लेखा नियमों (GAAP/IFRS) के तहत ऑपरेटिंग लीज़ (operating leases) और विशेष प्रयोजन संस्थाओं (SPEs) या संयुक्त उद्यमों (JVs) के ज़रिए संभव है। सामान्य संरचनाएँ इस प्रकार हैं:
मेटा ने डेटा सेंटर निर्माण के लिए लगभग $60 बिलियन की पूंजी जुटाई, जिसमें से लगभग आधा यानी $30 बिलियन पूरी तरह से उसकी बैलेंस शीट से बाहर रखा गया । मेटा का बैलेंस शीट पर दर्ज कर्ज लगभग $28.8 बिलियन है
।
ओरेकल इन पाँचों में सबसे अधिक लीवरेज्ड है: इसका मौजूदा बैलेंस-शीट कर्ज लगभग $105 बिलियन है, और इसने लगभग $20 बिलियन की ऑफ-बैलेंस-शीट लीज़ प्रतिबद्धताओं का खुलासा किया है । ओरेकल का फ्री कैश फ्लो नकारात्मक हो गया है
।
मूडीज़ रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने अलग से पाया कि पाँच प्रमुख हाइपरस्केलर्स ने लगभग $662 बिलियन की डेटा सेंटर लीज़ पर हस्ताक्षर किए हैं जो अभी तक बैलेंस शीट पर दर्ज नहीं हुई हैं। यह उनके संयुक्त समायोजित कर्ज (combined adjusted debt) के 113% के बराबर है । इस "फैंटम डेट" (phantom debt) की वास्तविक मात्रा इससे कहीं अधिक हो सकती है
। यह निक्केई के $1.65 ट्रिलियन के व्यापक आंकड़े से मेल खाता है, जिसमें लीज़ के अलावा चिप्स और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए खरीद प्रतिबद्धताएँ भी शामिल हैं।
उद्योग पर्यवेक्षकों और विश्लेषकों ने कई जोखिमों की ओर इशारा किया है:
हाइपरस्केलर्स का कहना है कि AI बुनियादी ढांचे का यह निर्माण एक आवश्यक दीर्घकालिक निवेश है। उनके मुख्य बचाव इस प्रकार हैं:
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जुलाई 2026 में निक्केई शिम्बुन के एक विश्लेषण के अनुसार, पाँच अमेरिकी टेक दिग्गजों – एल्फाबेट, अमेज़न, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल – ने AI बुनियादी ढांचे के लिए ऑफ बैलेंस शीट देनदारियों के रूप में $1.65 ट्रिलियन जमा क...
जुलाई 2026 में निक्केई शिम्बुन के एक विश्लेषण के अनुसार, पाँच अमेरिकी टेक दिग्गजों – एल्फाबेट, अमेज़न, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल – ने AI बुनियादी ढांचे के लिए ऑफ बैलेंस शीट देनदारियों के रूप में $1.65 ट्रिलियन जमा क... यह छिपा कर्ज लगभग चार साल में आठ गुना बढ़ गया है, जिसे ऑपरेटिंग लीज़ और विशेष प्रयोजन वाहनों (SPVs) के जरिए संभव बनाया गया है। बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) इसे 'शैडो बॉरोइंग' कहता है [1][11][12]।
मूडीज़ ने अलग से $662 बिलियन की अपरिचित डेटा सेंटर लीज़ की पहचान की है, जबकि कंपनियाँ तर्क देती हैं कि AI राजस्व खर्च से तेज़ी से बढ़ रहा है और ज़रूरत पड़ने पर वे पूंजीगत व्यय धीमा कर सकती हैं [4][9][13]।