13 जुलाई 2026 को यमन की सरकार ने एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया; हूती विद्रोहियों ने जवाब में सऊदी अरब के अबहा हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर चार साल पुरानी... सऊदी अरब हवाई हमले तेज करने, नाकाबंदी कड़ी करने और हूती मिसाइल लॉन्च साइटों पर सीधे हमले करने सह...

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चार साल तक सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच एक अनौपचारिक युद्ध विराम कायम था, जिसे 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति कहा जा सकता है। लेकिन जुलाई 2026 में यह व्यवस्था चरमरा गई। वजह थी सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक हवाई हमला और उसके बाद हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर जवाबी मिसाइल हमला।
यहां हम आपको तथ्यों के साथ बता रहे हैं कि आखिर क्या हुआ, सऊदी अरब के पास कौन से सैन्य विकल्प हैं, और अमेरिका ने किस तरह अपना समर्थन दिखाया है।
3 जुलाई 2026 को, एक दशक से अधिक समय में पहली बार, तेहरान से सीधे सना (हूती-नियंत्रित यमन) के लिए एक वाणिज्यिक उड़ान भरी। इस विमान में हूती प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था, जो ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से लौट रहा था । यह उड़ान सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की हवाई नाकाबंदी का सीधा उल्लंघन थी, जो ईरान से हथियारों की आपूर्ति रोकने के लिए बनाई गई थी।
तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब 13 जुलाई को एक दूसरे ईरानी विमान ने सना में उतरने की कोशिश की। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने कहा कि उसने उस विमान को उतरने से रोकने के लिए सना हवाई अड्डे के रनवे को निशाना बनाया। सरकार ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया । ईरानी विमान को हटने पर मजबूर होना पड़ा और वह होदेइदाह में उतरा
। हूती विद्रोहियों ने इस हवाई हमले के लिए सीधे तौर पर सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया और युद्ध के 'डी-एस्केलेशन चरण' की समाप्ति की घोषणा कर दी
।
उसी दिन, 13 जुलाई को, हूती विद्रोहियों ने दक्षिण-पश्चिम सऊदी अरब में स्थित अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। उन्होंने इसे सना हवाई अड्डे पर हुए हमले का सीधा जवाब बताया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने आने वाले खतरों को नाकाम कर दिया ।
इस हमले के बारे में एक आम दावा ऑनलाइन प्रसारित हो रहा है कि इसमें 26 लोग घायल हुए और उड़ानें बाधित हुईं। यह दावा गलत है। एसोसिएटेड प्रेस और बीबीसी की 13-14 जुलाई 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, अबहा हमले में 'कोई हताहत नहीं' हुआ । 26 लोगों के घायल होने का आंकड़ा जून 2019 में उसी हवाई अड्डे पर हुए एक अलग हूती मिसाइल हमले से जुड़ा है, जिसमें वास्तव में 26 नागरिक (महिलाएं और बच्चे) घायल हुए थे
। जुलाई 2026 के हमले में 26 हताहतों की पुष्टि करने वाला कोई स्रोत नहीं है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने राज्य को निशाना बनाने वाली किसी भी कार्रवाई का जवाब 'अभूतपूर्व दृढ़ संकल्प और बल' से देने की कसम खाई है । सऊदी अरब के पास जिन सैन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है या संकेत दिए गए हैं, उनमें शामिल हैं:
अमेरिका ने रियाद के लिए मजबूत समर्थन का संकेत दिया है। 15 जुलाई 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब को 20,000 एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम II (APKWS-II) गाइडेंस सेक्शन की संभावित बिक्री को मंजूरी दी। यह अनुमानित 1.96 बिलियन डॉलर का सौदा है, जिसमें हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाले वेरिएंट शामिल हैं । विश्लेषकों ने इसे वाशिंगटन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन-रोधी विदेशी सैन्य बिक्री सौदा बताया, जो विशेष रूप से सऊदी अरब को हूती ड्रोन और मिसाइल खतरे से निपटने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है
। यह बिक्री सना हवाई अड्डे पर हमले और युद्ध विराम के टूटने के कुछ ही दिनों बाद हुई
।
उपलब्ध स्रोतों में जुलाई 2026 में हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती के सऊदी तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले किसी सीधे बयान का उल्लेख नहीं है। हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने 13 जुलाई को बयान जारी कर एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी दी और अबहा हमले को संचालन के एक नए चरण की शुरुआत बताया । हूती नेतृत्व ने पिछले संघर्षों में (2019 के अबकैक-खुरैस हमलों को याद करते हुए) सऊदी तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। मौजूदा हालात को देखते हुए, सऊदी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी समूह के सिद्धांतों के अनुरूप है, लेकिन जुलाई 2026 में इस सटीक चेतावनी के लिए कोई विशिष्ट स्रोत नहीं मिला।
जुलाई 2026 में हुई यह ताजा घटना यमन संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। 2022 से चली आ रही अनौपचारिक युद्ध विराम प्रभावी रूप से टूट चुकी है। सऊदी अरब रिकॉर्ड हथियार सौदे के माध्यम से अमेरिकी समर्थन के साथ सैन्य प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा है, और हूती विद्रोहियों ने जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार होने का संकेत दिया है। तत्काल खतरा युद्ध के शुरुआती वर्षों में देखे गए सीमा पार हमलों की वापसी का है, जिसका क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे और लाल सागर की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
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13 जुलाई 2026 को यमन की सरकार ने एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया; हूती विद्रोहियों ने जवाब में सऊदी अरब के अबहा हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर चार साल पुरानी...
13 जुलाई 2026 को यमन की सरकार ने एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया; हूती विद्रोहियों ने जवाब में सऊदी अरब के अबहा हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर चार साल पुरानी... सऊदी अरब हवाई हमले तेज करने, नाकाबंदी कड़ी करने और हूती मिसाइल लॉन्च साइटों पर सीधे हमले करने सहित कई सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है।
जुलाई 2026 के अबहा हमले में 26 लोगों के घायल होने का दावा गलत है; यह आंकड़ा जून 2019 में उसी हवाई अड्डे पर हुए एक अलग हूती हमले से जुड़ा है।