उसी दिन, 13 जुलाई को, हूती विद्रोहियों ने दक्षिण-पश्चिम सऊदी अरब में स्थित अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। उन्होंने इसे सना हवाई अड्डे पर हुए हमले का सीधा जवाब बताया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने आने वाले खतरों को नाकाम कर दिया ।
इस हमले के बारे में एक आम दावा ऑनलाइन प्रसारित हो रहा है कि इसमें 26 लोग घायल हुए और उड़ानें बाधित हुईं। यह दावा गलत है। एसोसिएटेड प्रेस और बीबीसी की 13-14 जुलाई 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, अबहा हमले में 'कोई हताहत नहीं' हुआ । 26 लोगों के घायल होने का आंकड़ा जून 2019 में उसी हवाई अड्डे पर हुए एक अलग हूती मिसाइल हमले से जुड़ा है, जिसमें वास्तव में 26 नागरिक (महिलाएं और बच्चे) घायल हुए थे । जुलाई 2026 के हमले में 26 हताहतों की पुष्टि करने वाला कोई स्रोत नहीं है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने राज्य को निशाना बनाने वाली किसी भी कार्रवाई का जवाब 'अभूतपूर्व दृढ़ संकल्प और बल' से देने की कसम खाई है । सऊदी अरब के पास जिन सैन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है या संकेत दिए गए हैं, उनमें शामिल हैं:
अमेरिका ने रियाद के लिए मजबूत समर्थन का संकेत दिया है। 15 जुलाई 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब को 20,000 एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम II (APKWS-II) गाइडेंस सेक्शन की संभावित बिक्री को मंजूरी दी। यह अनुमानित 1.96 बिलियन डॉलर का सौदा है, जिसमें हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाले वेरिएंट शामिल हैं । विश्लेषकों ने इसे वाशिंगटन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन-रोधी विदेशी सैन्य बिक्री सौदा बताया, जो विशेष रूप से सऊदी अरब को हूती ड्रोन और मिसाइल खतरे से निपटने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है । यह बिक्री सना हवाई अड्डे पर हमले और युद्ध विराम के टूटने के कुछ ही दिनों बाद हुई ।
उपलब्ध स्रोतों में जुलाई 2026 में हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती के सऊदी तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले किसी सीधे बयान का उल्लेख नहीं है। हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने 13 जुलाई को बयान जारी कर एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी दी और अबहा हमले को संचालन के एक नए चरण की शुरुआत बताया । हूती नेतृत्व ने पिछले संघर्षों में (2019 के अबकैक-खुरैस हमलों को याद करते हुए) सऊदी तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। मौजूदा हालात को देखते हुए, सऊदी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी समूह के सिद्धांतों के अनुरूप है, लेकिन जुलाई 2026 में इस सटीक चेतावनी के लिए कोई विशिष्ट स्रोत नहीं मिला।
जुलाई 2026 में हुई यह ताजा घटना यमन संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। 2022 से चली आ रही अनौपचारिक युद्ध विराम प्रभावी रूप से टूट चुकी है। सऊदी अरब रिकॉर्ड हथियार सौदे के माध्यम से अमेरिकी समर्थन के साथ सैन्य प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा है, और हूती विद्रोहियों ने जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार होने का संकेत दिया है। तत्काल खतरा युद्ध के शुरुआती वर्षों में देखे गए सीमा पार हमलों की वापसी का है, जिसका क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे और लाल सागर की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।